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Adultery खुशबू : गोल्ड डिगर हाउसवाइफ 2
फिर मयंक चाचा उठकर उनकी चूत में लंड डाल कर फचाफच चोदने लगे। जब उनकी चुदाई खतम हुई तो मैं अपने कमरे में आकर सो गया लेकिन मेरे दिमाग में बार-बार उनकी बातें और चुदाई का खयाल घूम रहा था।

खैर सुबह करीब दस बजे मैं उठा और नहा धोकर जब नाश्ता करने लगा तो देखा मयंक चाचा घर पर नहीं थे। मैंने खुशबू चाची से पूछा, “चाची ! मयंक चाचा चले गये ?”

खुशबू चाची बोली, “हां ”

जब मैं नाश्ता कर रहा था तो मैंने देखा खुशबू चाची की नज़र बार-बार मेरे बरमूडे पर जा रही थी। जब हमारी नज़र चार हुई तो मैंने खुशबू चाची से पूछा, “ चाची क्या देख रही हो?”

चाची घवराते बोली " कुछ भी नहीं ' । फिर मैं नाश्ता कर परीक्षा केंद्र के लिए निकल गया ।

शाम को मैं वापस घर पहुंचा तो वह किसी से फोन पर बात कर रही थी उनकी ये बातें सुनकर मैं हैरान हो गया । ( आइये में बताता हूं )

खुशबू चाची बोली, “ मैंने कल सुबह गोलू का लंड देखा है… उसका लंड बहुत मोटा और लंबा है!”

( अनजान आवाज ) बोले, “ क्या तुम उसके लंड से चुदवाना चाहती हो?”

खुशबू चाची बोली , “ क्यों नहीं? जब से पिछला ऑफिसर छोड़कर वापस गया है तब से कोई नया लंड नहीं लिया… गोलू का लंड तो उस ऑफिसर से भी ज्यादा मोटा और लंबा है… उसे सिड्यूस करके उसके लंड से ज़रूर चुदवाऊँगी!”

( अनजान आवाज ) बोले, “तुम बाज़ नहीं आओगी उस ऑफिसर लड़के के साथ भी खूब मस्ती करी थी तुमने… चलो ऑल द बेस्ट! ”

मैं उनकी पुरी बात सुनकर फिर रूम में आ गया और कपड़े बदलकर वापस हॉल में आकर बैठ गया। तभी खुशबू चाची ने मुझे आवाज लगाई उनकी आवाज किचन से आ रही थी । जब मैं किचन में पहुंचा तो खुशबू चाची बोली " मुझे अपने गोद में उठाओ क्योंकि मुझे उपर वाले दराज से कुछ समान उतराने है मेरा हाथ वहां तक नहीं पहुंच पा रहा है ,।

मैंने बिना कुछ बोले उनके कमर में हाथ डालकर उपर उठाया फिर कुछ देर बाद वापस उन्होंने नीचे उतार दिया और हॉल में जाकर बैठा । थोड़ी देर बाद खुशबू चाची दो कप कॉफी बना लाई और एक कप मुझे दिया और एक कप खुद रखी और मेरे बगल में बैठकर बोली।

खुशबू चाची बोली, “गोलू जब से मैंने तुम्हारा देखा है मैं हैरान हूँ… क्योंकि ऐसा मैंने आज तक किसी का ही देखा!”

मैं बोला, “क्या नहीं देखा चाची ?”

वह बोली, “गोलू ज्यादा अंजान मत बनो… कल जब तुम्हारा टॉवल गिरा तो मैंने तुम्हारी कमर के नीचे का हिस्सा नंगा देखा और दोनों टाँगों के बीच जो वो लटक रहा था… उसे देख कर मैं हैरत-अंगेज़ हूँ।”

खुशबू चाची की ये बातें सुनकर मैं उत्तेजित हो गया और हिम्मत करके अपना लंड बरमूडे से निकाल कर उन्हें दिखाते हुए बोला, “खुशबू चाची … आप इसकी बतकर रही हो?”

वह बोली, “हाँ.. बिल्कुल इसी की बात कर रही हूँ!”

मैं बोला, “कल तो आपने दूर से देखा था… आज करीब से देख लो!” और उनका हाथ पकड़कर अपना लंड उसके हाथ में दे दिया।

खुशबू चाची मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर बोली, “हाय अल्लाह! कितना मोटा और लंबा है!” और लंड की चमड़ी को पीछे करके सुपाड़े पर एक चुम्मा दे दिया।

फिर मैंने कहा, “ खुशबू चाची अब आपकी भी तो दिखा दो!” तो वह मेरे लंड को बरमूडे में डालकर बोली, “गोलू आज नहीं! बाद में दिखा दुँगी।” फिर हम दोनों उठकर खड़े हो गये। वह अपने काम में लग गयी और मैं टीवी देखने लगा।

अगली शुक्रवार की सुबह मैं उठा तो सुबह के करीब सात बज रहे थे। खुशबू चाची भी ऑफिस जाने के लिये तैयार हो चुकी थी। मैंने खुशबू चाची से कहा, “ चाची ! मैं सोमवार को वापस घर लौट जाउंगा अब तो आपकी दिखा दो!”

खुशबू चाची ने अदा से मुस्कुराते हुए तुरंत अपनी सलवार नीचे खिसका कर अपनी चूत दिखा दी। उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, लगता है की हेयर रिमूवर से नियमित अपनी चूत साफ करती थी। मैं उनकी चूत पर हाथ रख कर थोड़ी देर सहलाया और फिर उनकी चूत पर चुम्मा लिया।

वह बोली, “अब बस गोलू ! रात को और दिखा दुँगी। अभी ऑफिस के लिये लेट हो रहा है!” फिर वह ऑफिस चली गयी और उसके बाद मैं भी नहाकर परीक्षा केंद्र पर चला गया। परीक्षा में मेरा मन नहीं लग रहा था और शाम होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था।

शाम को जब घर पहुँचा तो खुशबू चाची को देखकर बस देखता ही रह गया। उन्होंने घुटनों तक की छोटी सी मैरून रंग की नाइटी पहनी हुई थी। उनकी नाइटी इतनी पारदर्शी थी कि काली ब्रा और पैंटी में उनका पूरा हुस्न मेरी आँखों के सामने नंगा था। साथ में काले रंग के ही ऊँची हील वाले सैंडल पहने हुए थे जो उनके सैक्सी फिगर में चार चाँद लगा रहे थे। खुली ज़ुल्फें और मैरून लिपस्टिक लगे होंठों पर कातिलाना मुस्कुराहट कयामत ढा रही थी। मैंने खुशबू चाची को बाँहों में लेना चाहा तो वह बोली, “इतनी भी क्या बेसब्री है... पहले फ्रेश तो हो जाओ… मैं कहीं भगी तो नहीं जा रही हूँ… फिर जी भर के मेरे हुस्न का जाम पीना!”

फिर मैं बाथरूम में जाकर नहाया और बरमूडा और टी-शर्ट पहन कर बाहर आया तो कमरे में रोमैन्टिक संगीत बज रहा था और खुशबू चाची हम दोनों के लिये पैग बना रही थी। हम दोनों बैठकर शराब पीने लगे और बातें करने लगे। खुशबू चाची के होंठों पर वही शरारती मुस्कुराहट थी।

खुशबू चाची मुझे छेड़ते हुए बोली, “तो जनाब और कितनों के हुस्न का मज़ा ले चुके हैं!”

“आप से झूठ नहीं बोलुँगा चाची… मैंने कईयों के साथ मस्ती की है…!” मैं बोला।

“सुभान अल्लाह! दिखते तो बड़े सीधे हो!” खुशबू चाची आँखें नचाते हुए बोली।

“वैसे चाची कम तो आप भी नहीं हो… क्यों सही कह रहा हूँ ना?” मैंने भी वापस उन्हें छेड़ा।

“तुम्हें कैसे पता?” खुशबू चाची आँख मारते हुए बोली।

“बस ऐसे ही अंदाज़ा लगा लिया… बताओ ना चाची सच है कि नहीं?” मैं ज़ोर देते हुए बोला।

हम दोनों इसी तरह शराब पीते हुए बातें करते रहे। खुशबू चाची ने बताया कि वह बेहद चुदासी हैं और ज़िंदगी में पचासियों लौड़े अपनी चूत में ले चुकी हैं।बातें करते-करते हमने काफी शराब पी ली थी और खुशबू चाची की तो आवाज़ भी बहकने लगी थी।

फिर वह बोली, “गोलु अपने कमरे में चलो… मैं भी दो मिनट में आती हूँ!”

मैंने पहले बाथरूम में जाकर पेशाब किया और फिर अपने कमरे में चला गया। खुशबू चाची भी नशे में झुमती हुई मेरे कमरे में आयी और आते ही अपनी नाइटी उतार कर कर बोली, “गोलू देख लो दिल भर कर !”

खुशबू चाची अब काली ब्रा-पैंटी और हाई हील के सैंडल पहने हुस्न की परी की तरह मेरे सामने खड़ी थीं। मैंने उन्हें अपनी बाँहों में भरते हुए कहा, “सिर्फ देखने से दिल नहीं भरेगा चाची !”

“तो फिर कैसे…?” वह शरारती अंदज़ में बोली।

“अब तो आपके हुस्न की झील में डूब के ही करार मिलेगा!” कहते हुए मैं अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया। फिर मैंने उनकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उन्हें बेड पर लिटा कर उनकी गीली चूत को चाटने लगा और वह भी मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी। जब मेरा लंड चुदाई के लिये तैयार हो गया तो मैं खुशबू चाची टाँगें फैला कर लंड के सुपाड़े को उनकी चूत पर रगड़ने लगा।

मेरे लंड की रगड़न से वह उतेजित होकर मुँह से सिसकरी भरने लगी और कुछ ही देर में उनका जिस्म अकड़ने लगा और वह पहले चूत चटाई से अब लौड़े की रगड़न से झड़ गयी। फिर मैंने अपने सुपाड़े पर थूक लगा कर खुशबू चाची की चूत पर रख कर एक कस के धक्का मरा तो आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में घुस गया। लंड घुसते ही उनके मुँह से “ऊऊऊईईईई ऊफ़फ़फ़” सिसकरियाँ निकलने लगी और वह लंबी-लंबी साँसें लेने लगी। खुशबू चाची सिसकते हुए बोली, “गोलू ऐसे ही डाले रहो कुछ करना नहीं!”


मैं कुछ देर तक बिना हिले-डुले आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में फसाये पड़ा रहा और उनकी दोनों चूचियों को अंगूठे और उंगली के बीच पकड़ कर मसलता रहा। कुछ ही देर में वह ज़रा नॉर्मल हुई तो मैंने कमर उठाकर थोड़ा लंड चूत से बाहर निकाल कर एक जोरदार धक्का मारा। मेरा लंड पूरा का पूरा उनकी चूत की गहरायी में घुसकर उनकी बच्चेदानी पर छू गया।

खुशबू चाची फिर चिल्ला पड़ीं, “ऊऊऊऊईईईई अल्लाहहऽऽऽ मार डाला रे तेरे ज़ालिम लंड ने… प्लीज़ गोलू… हिलना डुलना नहीं!”

मैं ऐसे ही लंड डाले पड़ा रहा। मेरे लंड पर उनकी चूत की दिवारें कसकर जकड़ी हुई थी। जब वह फिर नॉर्मल हुई तो मैं धीरे-धीरे अपना लंड खुशबू चाची की चूत के अंदर-बाहर करने लगा। जब मेरा लंड उनकी चूत के दाने को रगड़ता हुआ अंदर-बाहर होने लगा तो खुशबू चाची को भी जोश आ गया और बोली, “गोलू मॉय डार्लिंग! कीप फकिंग हार्ड… बेहद मज़ा आ रहा है! आआआहहह आआआईईई!”

फिर उन्होंने अपनी टाँगें और फ़ैला दीं और मेरी कमर पर कस दीं। खुशबू चाची की सिसकारियों से मुझे भी जोश आ गया और मैं तेजी के साथ कस-कसकर चुदाई करते हुए लंड को अंदर-बाहर करने लगा। कुछ ही देर में उनकी चूत की सिकुड़न मुझे अपने लंड पर महसूस हुई। मैं समझ गया की वह झड़ रही थी लेकिन मैंने अपनी स्पीड नहीं रोकी बल्कि और बढ़ा दी। खुशबू चाची की चूत गीली होने से अब मेरा लौड़ा आसानी से ‘पुच-पुच’ की आवाजें करता हुआ अंदर-बाहर हो रहा था और पूरे कमरे में चुदाई की आवाजें गूँजने लगी।
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RE: खुशबू : गोल्ड डिगर हाउसवाइफ 2 - by Dhamakaindia108 - 07-01-2026, 09:32 AM



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