04-01-2026, 03:13 PM
घर के सारे काम निपटा सदफ अपनी अम्मी के पास आ कर बैठ गई घर पर उस समय सिर्फ 4 लोग ही थे। ऐसे ही समय बीत रहा था उधर यूसुफ सदफ़ को चोदने के प्रयास में लगा था। एक घंटे में तीन बार यूसुफ सदफ को देखने ऊपर आ चुका था। ओर अब छत पर धूप में बैठा था।
जैसे ही सदफ की अम्मी सो गई सदफ ने नहाने के लिए कपड़े उठाए और यूसुफ को इशारा कर दिया। दोनों ने यह निर्धारित किया कि सदफ के नहाने जाने के पांच मिनट बाद यूसुफ फ्रेश होने के लिए टॉयलेट जाएगा । नीचे बाथरूम और टॉयलेट अलग बगल में ही थे।
सदफ ने बाथरूम में जाते ही नल चला दिया ताकि आवाज बाहर आती रहे। सदफ की नानी नीचे के कमरे में थी लेकिन चिंता ज्यादा नहीं थी क्योंकि उनको कम सुनाई देता था।
सदफ ने जाते ही अपने कपड़े उतार दिए और यूसुफ के आने का इंतजार करने लगी , थोड़ी देर में यूसुफ ने टॉयलेट का दरवाजा खोलने का नाटक किया और बाथरूम में घुस गया।
सदफ को नंगी देख यूसुफ ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसको चूमने लगा, उसने सदफ को घोड़ी बनाया और अपना लण्ङ उसकी चूत में घुसा दिया और चोदने लगा, , उसने सदफ के बालों को अपने हाथों में पकड़ लिया और झटके लगाने लगा। करीब बीस मिनट की धुंआधार चुदाई के बाद यूसुफ ने अपनी पिचकारी सदफ की चूत में ही निकाल दी।
दोनों एक दूसरे को चूमने लगें, यूसुफ ने साबुन सदफ के जिस्म पर लगाने लगा उसके हाथ सदफ के जिस्म पर फिरने से सदफ फिर से तड़पने लगी थी, यूसुफ ने देर न करते हुए उसको झुका कर अपने लन्ड को सदफ की चूत में फिर से घुसा दिया, और उसको पेलने लगा। यूसुफ जानता था कि सदफ इस समय चिल्ला नहीं सकती थी तो उसने अपनी एक ऊंगली सदफ की गान्ड में घुसा दी सदफ उछल पड़ी, उसको दर्द हो रहा था पर वासना में डूबे होने की वजह से उसने उसे रोका ही नहीं, यूसुफ की हिम्मत और बढ़ गई और उसने अपना लण्ङ निकल उसकी गान्ड में घुसाने की कोशिश करने लगा।
उसने सुपारा सदफ की गान्ड पर लगा रगड़ने लगा, ओर एक जोर का झटका मारा, सदफ़ की आंखों से आंसू निकल आये, यूसुफ का सिर्फ टोपा ही अंदर जा पाया था उसने वही रखा नारियल तेल अपने लन्ड पर लगाया और थोड़ा तेल उसकी गांड़ पर लगाया, सदफ दर्द के मारे तड़प रही थी ।
यूसुफ ने फिर से अपना लण्ङ उसकी गान्ड पर लगाया और जोर से झटका मारा इस बार एक चौथाई लन्ड उसकी गांड़ में था, यूसुफ ने सदफ के बालों को पकड़ अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर में ही सदफ़ की गांड़ मैं लन्ड आसानी से जा रहा था। सदफ को भी धीरे धीरे मज़ा आ रहा था। करीब पांच मिनट बाद यूसुफ सदफ़ की गांड़ में ही झड़ गया। दोनों ने एक दूसरे के जिस्म को साफ किया और बाहर आ गए।
सदफ ने पहली बार गांड़ मरवाई थी लेकिन उसको मजा आया था। कल सुबह ही यूसुफ को जाना था, वो अपना बैग तैयार कर रहा था , ऐसे ही दिन बीत गया सबने खाना खाया और सोने चले गए। रात होते ही यूसुफ सदफ के कमरे में आ गया और रात भर सदफ को जम कर चोदा। अगले दिन सुबह यूसुफ गांव चला गया। और शाम में यूसुफ ने सदफ के लिए शादी का रिश्ता भेज दिया, जिसे सदफ ओर उसके परिवार ने स्वीकार कर लिया। कुछ महीनों में उन दोनों की शादी हो गई। शादी से कुछ दिन पहले वो मुझसे मिलने आई और मैने उसको जम कर चोदा, फिर उसने कभी मुझसे बात नहीं की। आज उन दोनों के तीन बच्चे है। सात साल बाद एक दिन उसका फोन आया , उसके बाद क्या हुआ वो अलगी कहानी में।
आशा करता हूं आपको कहानी अच्छी लगी होगी .
जैसे ही सदफ की अम्मी सो गई सदफ ने नहाने के लिए कपड़े उठाए और यूसुफ को इशारा कर दिया। दोनों ने यह निर्धारित किया कि सदफ के नहाने जाने के पांच मिनट बाद यूसुफ फ्रेश होने के लिए टॉयलेट जाएगा । नीचे बाथरूम और टॉयलेट अलग बगल में ही थे।
सदफ ने बाथरूम में जाते ही नल चला दिया ताकि आवाज बाहर आती रहे। सदफ की नानी नीचे के कमरे में थी लेकिन चिंता ज्यादा नहीं थी क्योंकि उनको कम सुनाई देता था।
सदफ ने जाते ही अपने कपड़े उतार दिए और यूसुफ के आने का इंतजार करने लगी , थोड़ी देर में यूसुफ ने टॉयलेट का दरवाजा खोलने का नाटक किया और बाथरूम में घुस गया।
सदफ को नंगी देख यूसुफ ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसको चूमने लगा, उसने सदफ को घोड़ी बनाया और अपना लण्ङ उसकी चूत में घुसा दिया और चोदने लगा, , उसने सदफ के बालों को अपने हाथों में पकड़ लिया और झटके लगाने लगा। करीब बीस मिनट की धुंआधार चुदाई के बाद यूसुफ ने अपनी पिचकारी सदफ की चूत में ही निकाल दी।
दोनों एक दूसरे को चूमने लगें, यूसुफ ने साबुन सदफ के जिस्म पर लगाने लगा उसके हाथ सदफ के जिस्म पर फिरने से सदफ फिर से तड़पने लगी थी, यूसुफ ने देर न करते हुए उसको झुका कर अपने लन्ड को सदफ की चूत में फिर से घुसा दिया, और उसको पेलने लगा। यूसुफ जानता था कि सदफ इस समय चिल्ला नहीं सकती थी तो उसने अपनी एक ऊंगली सदफ की गान्ड में घुसा दी सदफ उछल पड़ी, उसको दर्द हो रहा था पर वासना में डूबे होने की वजह से उसने उसे रोका ही नहीं, यूसुफ की हिम्मत और बढ़ गई और उसने अपना लण्ङ निकल उसकी गान्ड में घुसाने की कोशिश करने लगा।
उसने सुपारा सदफ की गान्ड पर लगा रगड़ने लगा, ओर एक जोर का झटका मारा, सदफ़ की आंखों से आंसू निकल आये, यूसुफ का सिर्फ टोपा ही अंदर जा पाया था उसने वही रखा नारियल तेल अपने लन्ड पर लगाया और थोड़ा तेल उसकी गांड़ पर लगाया, सदफ दर्द के मारे तड़प रही थी ।
यूसुफ ने फिर से अपना लण्ङ उसकी गान्ड पर लगाया और जोर से झटका मारा इस बार एक चौथाई लन्ड उसकी गांड़ में था, यूसुफ ने सदफ के बालों को पकड़ अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर में ही सदफ़ की गांड़ मैं लन्ड आसानी से जा रहा था। सदफ को भी धीरे धीरे मज़ा आ रहा था। करीब पांच मिनट बाद यूसुफ सदफ़ की गांड़ में ही झड़ गया। दोनों ने एक दूसरे के जिस्म को साफ किया और बाहर आ गए।
सदफ ने पहली बार गांड़ मरवाई थी लेकिन उसको मजा आया था। कल सुबह ही यूसुफ को जाना था, वो अपना बैग तैयार कर रहा था , ऐसे ही दिन बीत गया सबने खाना खाया और सोने चले गए। रात होते ही यूसुफ सदफ के कमरे में आ गया और रात भर सदफ को जम कर चोदा। अगले दिन सुबह यूसुफ गांव चला गया। और शाम में यूसुफ ने सदफ के लिए शादी का रिश्ता भेज दिया, जिसे सदफ ओर उसके परिवार ने स्वीकार कर लिया। कुछ महीनों में उन दोनों की शादी हो गई। शादी से कुछ दिन पहले वो मुझसे मिलने आई और मैने उसको जम कर चोदा, फिर उसने कभी मुझसे बात नहीं की। आज उन दोनों के तीन बच्चे है। सात साल बाद एक दिन उसका फोन आया , उसके बाद क्या हुआ वो अलगी कहानी में।
आशा करता हूं आपको कहानी अच्छी लगी होगी .


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