Thread Rating:
  • 1 Vote(s) - 3 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Adultery ट्यूशन में मेरी पहली चुदाई
#14
यूसुफ नंगा लेटा हुआ उसका इंतजार कर रहा था सदफ ने आते ही यूसुफ को कपड़े पहने को बोला और कहा मेरे पीरियड्स आ गए है। कपड़े पहनो और चुप चाप सो जाओ। 
दोनों ने बैठ कर बातें की नमाज का समय होने वाला था तो यूसुफ चुप चाप नीचे चला गया। 
सदफ की क्लासेज शुरू होने वाली थी तो वो दिन में अपने काम निपटाने लगी। मेरी सदफ की दिन में एक बार बात जरूर होती थी, उसके सारे काम अभिनव कर रहा था मेरी कार अभिनव के पास ही थी। मैं अपने गांव गया हुआ था नेटवर्क कम होने की वजह से सदफ से वीडियो कॉल किए पंद्रह दिनों से ज्यादा हो चुके थे। 
अभिनव रोज सदफ को अपने साथ कॉलेज ले जाता था, और अधिकतर घर भी छोड़ता था। इसी तरह चार दिन बीत गए, यूसुफ ने रात दो बजे सदफ के दरवाजे को नॉक किया, सदफ जानती थी यूसुफ होगा उसने गेट नहीं खोला। थोड़ी देर में यूसुफ चला गया। इसलिए सदफ ने सुबह की नमाज भी नहीं पढ़ी । 
अगले दिन सुबह ही सदफ नहाकर कॉलेज चली गई, शाम में सदफ जब घर आई तो घर पर उस समय कोई नहीं था। थोड़ी देर में यूसुफ काम से आया। उसने घर पर सदफ को अकेला देख तुरन्त उसके पास आया ओर पूछा में कल रात आया था तुमने गेट ही नहीं खोला था।
सदफ अनजान बनते हुए बोली कही भी नहीं कल तो गेट नॉक नहीं किया किसी ने। यूसुफ ने कहा आज दरवाजा खोल कर रखना 12 बजे के आस पास आऊंगा में। सदफ ने हंसते हुए उसकी बात टाल दी। उसने यूसुफ और अपने लिए चाय बनाई दोनों साथ बैठे चाय पी ही रहे थे सदफ के घरवाले भी वापस आ गए, सबने साथ बैठकर चाय पी, और खूब बाते की। 
सदफ और उसकी खाला ने रात का खाना बनाया। सबने साथ बैठकर खाना खाया और टीवी देखते हुए बाते करने लगे। सदफ कॉलेज का काम करने के लिए वापस अपने कमरे में आ गई। 
सदफ को पढ़ते पढ़ते कब 12 बज गए पता ही नहीं चला , कमरे का गेट खुला हुआ था यूसुफ अन्दर आते ही बोला क्या बात है मेरा इंतजार हो रहा था। यूसुफ को देख सदफ चौक गई, उसने फोन उठा टाइम देखा ओर यूसुफ को नीचे जाने के लिए बोला। मुझे अभी पढ़ना है , यूसुफ बोला पढ़ लो मैं क्या तुम्हारी किताब फाड़ दूंगा। सदफ ने साफ कहा किसी के सामने मुझसे पढ़ाई नहीं होती तुम जाओ। 
यूसुफ गेट के बाहर चला गया लेकिन नीचे नहीं गया वो छत पर ही टहलने लगा। सदफ फिर से पढ़ाई करने में व्यस्त हो गई। करीब 1 बजे सदफ ने किताबें बंद की और वॉशरूम जाने लगी उसने देखा यूसुफ अभी भी छत पर बैठा है। 
सदफ जानती थी यूसुफ अन्दर आया तो वो भी बहक जायेगी क्योंकि उसको सेक्स किए लंबा समय हो गया था। उसने कमरे की लाइट बंद की लेकिन गेट बंद करना भूल गई। 
कमरे की लाइट बंद देख यूसुफ ने गेट खोल अंदर आ गया और अपने सारे कपड़े उतार सदफ के कम्बल में लेट गया। 
सदफ़ उसके कम्बल में घुसते ही थोड़ी दूर होकर लेट गई और अनजान बनते हुए बोली इतनी रात में कैसे आ गए ऊपर। यूसुफ बोला में गया ही कब था ऊपर ही था इतनी देर से। 
सदफ बोली ठंड लग रही होगी कम्बल में लेट कर सो जाओ और मुझे भी सोने दो मुझे कल जल्दी कॉलेज जाना है। 
यूसुफ ने शरारती अंदाज में कहा पांच दिन से बेचारा लगातार खड़ा है इसके बारे मे भी तो कुछ सोचो। 
सदफ बोली तो मूठ मार लेते, यूसुफ ने कहा कुछ दिखे तो मारने को चल तू अपनी चूत में ऊंगली घुसा और मैं तुझे देख कर मूठ मार लूंगा। 
सदफ़ ने यूसुफ को चुप चाप सोने के लिए बोला ओर सोने लगी। यूसुफ ने सदफ को पीछे से जकड़ लिया और उसके पजामे को नीचे कर दिया सदफ ने कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी। 
यूसुफ ने अपना लण्ङ को मसल कर खड़ा करना शुरू किया ही था सदफ ने अपने पजामे को ऊपर किया और यूसुफ को पीछे कर दिया। सदफ की इस हरकत से यूसुफ गुस्सा हो गया ओर अपने लन्ड को जोर जोर मसलने लगा। जैसे ही उसका लण्ङ फांफनाने लगा वो तुंरत सदफ के पास आया ओर उसकी गर्दन पर किस करने लगा। 
उसके हाथ सदफ की चूचियों को दबा रहे थे। सदफ ने उसके हाथों को छुड़ाने की कोशिश की पर छुड़ा नहीं पाई। यूसुफ के होंठ सदफ को गर्दन को चूम रहे थे। सदफ भी गरम हो चुकी थी वो पलटी, यूसुफ ने उसको चूमना शुरू कर दिया, वो भी यूसुफ का साथ दे रही थी। 
तभी नीचे से कुछ खड़ खड़ की आवाज आई दोनों संभले और फटाफट कपड़े पहन लिए यूसुफ ने आकर देखा कि खाला के कमरे की लाइट ऑन है, तो वो चुप चाप छत पर बैठा गया। 
सदफ का डर के मारे बुरा हाल था, करीब आधे घंटे बाद नीचे की लाइट बंद हुई यूसुफ तुरन्त सदफ के कमरे की तरफ भागा। 
कमरे में आते ही उसने कुंडी लगाई पर सदफ बहुत डर चुकी थी उसने यूसुफ को जाने के लिए बोला। मौके की नज़ाकत को समझ वो चला गया। 
सदफ मॉर्निंग में उठ कर कॉलेज चली गई । सदफ़ मेरे शहर में न होने की वजह से गुस्सा थी। धीरे धीरे सदफ अपनी पढ़ाई में व्यस्त होती जा रही थी। कॉलेज में उनके नए दोस्त बन रहे थे, ओर उसका ध्यान ज्यादातर वही रहता था। 
इधर यूसुफ भी अगले हफ्ते अपने गांव वापस जा रहा था। वो सदफ को लपेटने की तैयारी में था। सदफ कॉलेज से घर फिर कॉलेज के काम में इतनी व्यस्त हो गई थी की पांच दिन ऐसे ही बीत गए। यूसुफ की सारी कोशिश बेकार हो रही थी। 
यूसुफ ने निर्णय लिया कि वो आज रात में ही सदफ़ के कमरे में जायेगा, डिनर के समय यूसुफ ने सदफ से गेट खुला रखने को कहा, सदफ ने मना किया पर यूसुफ परसो जाने वाला था तो उसने जोर दिया कुछ नहीं होगा। सदफ देखते हैं बोलकर चली गई। 
रात एक बजे तक सदफ पढ़ाई कर रही थी, तो यूसुफ ऊपर नहीं आया। पर जैसे ही सदफ के कमरे की लाइट बंद हुई यूसुफ तुरन्त ऊपर गया और देखा सदफ के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। उसने कमरा बंद किया और चटकनी लगा दी। कमरे में कोई नहीं था सदफ की ब्रा पेंटी जमीन में पड़ी थी। यूसुफ देख कर उत्तेजित हो गया। इतने मैं बाथरूम का दरवाजा खुला ओर उसके सामने सदफ ब्लैक स्वेटर और ब्लैक लोअर पहन कर खड़ी थी।
उस टाइट स्वेटर में उनके तने हुए बूब्स और मस्त फिगर दिख रही थी। 
यूसुफ ने उसको गले लगा लिया, और सदफ के माथे को चूम लिया। यूसुफ के हाथ सदफ की पीठ को सहला रहे थे। थोड़ी देर में ही यूसुफ ने अपने होंठों को सदफ के होंठों पर रख दिया और उसको चूमने लगा, सदफ यूसुफ का साथ दे रही थी। पाँच मिनट तक दोनों एक दूसरे को चूमते रहे। यूसुफ ने सदफ के स्वेटर को निकाल दिया था, सदफ़ ने नीचे कुछ नहीं पहना था, उसकी चूचियां यूसुफ के हाथ में थी, ओर वो उन्हें मसल रहा था। सदफ की सिसकारियां निकल रही थी आह.... उफ्फ.... । यूसुफ ने सदफ के पजामे को उतार दिया और उसको बिस्तर पर लिटाया। 
यूसुफ ने बिंदास कहा- आज बड़ी हॉट लग रही हो! सदफ ने इठलाते हुए कहा- अच्छा जी ?
यूसुफ ने अपनी उंगलियों को सदफ़ की चूत में घुसा दिया और अन्दर बाहर करने लगा , सदफ अपनी टांगें खोल कर उसका साथ दे रही थी। उसकी सिसकारियां माहौल बदल रही थी, आह.... आह.... धीरे धीरे उफ्फ.... यूसुफ..... आह..... । यूसुफ ने उंगलियां निकाल उन्हें चाट ली, और अपने मुंह को सदफ की चूत पर लगा दिया। 
सदफ तड़प उठी उसका जिस्म कांप रहा था, सदफ की कमर खुद ही हिल रही थी, यूसुफ अपनी जीभ उसकी चूत में अंदर बाहर कर रहा था। सदफ बेचैन हो बोली बस यूसुफ आह..... अब डाल दो.... उफ्फ.... हाय अल्लाह.... आह....। यूसुफ ने खड़े हो अपने सारे कपड़े निकाल दिए और अपने लन्ड को सदफ के मुंह में डाल दिया सदफ उसके लण्ङ को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। 
यूसुफ का मोटा काला मूसल सदफ के मुंह में आधा ही जा रहा था । यूसुफ ने सदफ को लेटने का इशारा किया, यूसुफ ने सदफ के पैरों को मोड़ उसके पेट पर रख दिये। 
यूसुफ ने लन्ड पर जेल लगाया और सदफ की चूत में एक झटके में उतार दिया सदफ दर्द में तड़प उठी आधे से ज्यादा लन्ड सदफ़ की चूत के अंदर था, यूसुफ जोर जोर झटके लगा रहा था। सदफ की सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी आह.... आह ....आह..... यूसुफ..... ऐसे ही यूसुफ... आई लव यू यूसुफ .थोड़ा धीरे........... उफ्फ अम्मी.....
यूसुफ को लन्ड घुसाए हुए एक मिनट भी नहीं हुआ था कि सीढ़ियों से किसी के चढ़ने की आवाज हुई, दोनों घबरा गए लेकिन वासना में डूबे होने की वजह से यूसुफ ने झटके लगाने बंद नहीं किये.... सदफ के मुंह को यूसुफ ने हाथ से बंद कर दिया था और लगातार झटके लगा रहा था। 
तभी किसी ने सदफ का गेट खटखटाया, दोनों को हवाइयां उड़ गई थी। लेकिन यूसुफ ने झटके मारने बंद नहीं किये सदफ खुल कर यूसुफ का साथ दे रही थी। करीब दो मिनट बाद फिर से किसी ने गेट पर नॉक किया , यूसुफ अभी भी सदफ को चोद रहा था। तभी सदफ़ ने यूसुफ को पीछे हटने को कहा, दोनों ने फटा फट कपड़े उठाए और चुप चाप बाथरूम की तरफ भागे। 
सदफ ने यूसुफ को बाथरूम में छुपा दिया और कपड़े पहन आई और गेट खोला, गेट पर उसकी अम्मी थी उन्होंने पूछा गेट बंद क्यों किया हुआ था। 
सदफ ने बाथरूम का बहाना बना दिया। अम्मी को तेज बुखार था तो सदफ ने उन्हें दवा दी और अपने पास ही सुला लिया। यूसुफ बाथरूम में छुपा हुआ बैठा था। ओर वहीं सो गया। सुबह में सदफ ने यूसुफ को नीचे भेज दिया। 
दोनों ही कल जो भी हुआ उसके लिए बेचैन थे। सदफ ने आज अम्मी का ध्यान रखने के लिए कॉलेज से छुट्टी ले ली थी। घर पर सदफ को रुका देख यूसुफ ने भी बुखार का बहाना बना छुट्टी ले ली। 
सुबह सदफ ने नाश्ता बना अम्मी को खिलाया, फिर सबने मिलकर नाश्ता किया। सदफ़ किचन में बर्तन धो रही थी तभी यूसुफ ने आकर सदफ़ को पीछे से पकड़ लिया और उसकी गर्दन को चूमने लगा। सदफ़ ने खुद को उससे छुड़ाया और पीछे करते हुए बोली हटो ना कोई देख लेगा। यूसुफ ने सदफ की चूचियों को दबाते हुए बोला कोई नहीं है नीचे अभी। और सदफ की कमर में चिकोटी काट ली।
Like Reply


Messages In This Thread
RE: ट्यूशन में मेरी पहली चुदाई - by Cheekusadaf - 04-01-2026, 03:02 PM



Users browsing this thread: 1 Guest(s)