04-01-2026, 03:01 PM
वो पंद्रह मिनट में दो बार झड़ने की वजह से बुरी तरह से हाफ रही थी , यूसुफ खड़ा हुआ और अपने पजामे की जेब से एक जेल की डब्बी निकाली और उसको सदफ की चूत पर लगा दिया थोड़ा सा जेल उसने अपने लन्ड पर लगाया। उस जेल के लगते ही सदफ की चूत में एक अजीब सी जलन हो रही थी, यूसुफ ने सदफ के पैरों को फिर से उसके पेट पर लगाया और लन्ड सीधे सदफ़ की चूत में उतार दिया, इस बार एक ही बार में पूरा लन्ड सदफ़ की चूत के अंदर था।
वो पूरे जोश में झटके मार रहा था और सदफ उसका साथ दे रही थी, यूसुफ झड़ने वाला था तो उसने अपने लन्ड को बाहर निकाल लिया, सदफ ने उसके कान में धीरे से कहा रुको मत और जोर से करो। ये सुनते ही यूसुफ ने सदफ को घोड़ी बनाया उसकी कमर को बीच से झुका सदफ के बालों को अपने हाथों से पीछे खींच अपना लण्ङ सदफ की चूत में घुसा दिया और तेजी से झटके लगा रहा था सदफ़ दर्द में तड़प रही थीं फिर भी उसका साथ दे रही थी, आह... अम्मी मर गई.... आह.... ओर जोर से.... यूसुफ ओर तेज। सदफ की मादक सिसकारियां यूसुफ को पागल बना रही थी वो सदफ को दर्द मैं तड़पाना चाहता था इसलिए वो सदफ़ के चूतड़ों को जोर जोर से मारने लगा, सदफ की सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी। उसने मार मार कर सदफ के दोनों चूतड लाल कर दिये थे।
दोनों बुरी तरह हॉफ रहे थे, यूसुफ वासना में जानवर बन चुका था , वो जानवरों की तरह जगह जगह सदफ की पीठ पर काट रहा था। वासनावश सदफ भी उसको नहीं रोक रही थी। यूसुफ ने सदफ को उसके ऊपर बैठने को कहा, सदफ ने यूसुफ के लन्ड को अपनी चूत पर सेट किया और उस पर बैठ गई, सदफ अपनी कमर को हिला रही थी यूसुफ आराम से लेटा था करीब दो मिनट बाद यूसुफ ने सदफ को अपनी टांगों से थोड़ा ऊपर उठाया और उसको चोदने लगा, उसने सदफ के निप्पलों को अपने मुंह में भरा और चूसने लगा। करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद यूसुफ सदफ़ की चूत में ही झड़ गया और अपने दांत सदफ के निप्पलों में गाढ़ दिए सदफ दर्द से तड़प उठी। उसके निप्पलों से खून निकल आया।
यूसुफ खड़ा हुआ और नीचे अपने कमरे में जाकर सो गया। सदफ ने अपने कपड़े ठीक किए और थक कर सो गई।
सदफ़ जब सो कर उठी तो उसका पूरा जिस्म दुःख रहा था उसकी टांगों पर और चूत के बाहर वीर्य जमा हुआ था, पेट और कमर पर दांतो के निशान बने हुए थे, निपल्स पर खून जम चुका था। चलने पर भी पैरों में दर्द हो रहा था।
वो नीचे जाती तो सबको पता चल जाता इसलिए उसने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया और वापस बिस्तर में लेट गई।
सदफ अच्छे से समझ चुकी थी कि यूसुफ को ओर मौके देना उसके लिए ठीक नहीं है पर आज सुबह की चुदाई उसके दिमाग से जा नहीं रही थी। जिस तरह यूसुफ ने सदफ को चोदा था, वो सदफ के लिए भूल पाना मुश्किल था।
12 बजे तक सदफ सोकर उठी, उसका जिस्म अब भी दुख रहा था , पेशाब करने मैं उसकी चूत में जलन हो रही थी यूसुफ के लन्ड से योनि अंदर से छिल गई थी, अभी भी सदफ चल नहीं पा रही थी उसने बेड पर ही खाना खाया और लेटी रही।
दिन में मेरी सदफ की बात हुई पर उसने मुझे कुछ नहीं बताया बुखार का बहाना बना दिया। शाम में यूसुफ सदफ के लिए हॉट चॉकलेट और पिज्जा लेकर आया साथ में सदफ़ को दर्द निवारक दवाइया भी लाकर दी। दर्द निवारक दवाइयों में उसने वियाग्रा ओर सेक्स इच्छा बढ़ाने वाली गोलियां भी मिला दी थी। क्योंकि यूसुफ फार्मा कंपनी में काम करता था उसने दर्द ठीक करने के नाम पर सदफ को ब्रेमेलानोटाइड इंजेक्शन लगा दिया।
रात तक सदफ लगभग ठीक हो गई थी उसने परिवार में सबके साथ डिनर किया गोली लेने की वजह से उसकी कामुकता बढ़ रही थी पर उसने खुद को नियंत्रित किया हुआ था।
अगले दिन भी यूसुफ ने सदफ को ब्रेमेलानोटाइड इंजेक्शन लगा दिया आप लोगों की जानकारी के लिए बता दूं ये इंजेक्शन महिलाओं में सेक्स इच्छा को प्रबल करता हैं सदफ दो गोली वियाग्रा और दो इंजेक्शन ले चुकी थी। उसकी चूत से आग निकल रही थी।
सदफ ने यूसुफ को बुलाकर सारी बातें कही यूसुफ ने आंख मारते हुए कहा कहे तो आज शाम सब ठंडी कर दूं। ये कहकर वो चला गया सदफ भी अपना एडमिशन कराने कॉलेज चली गई। उसने मुझे मिलने को कहा पर मैं खुद शहर से बाहर था, मैने अभिनव को फोन कर मिलने को बोला। अभिनव ने जाकर उसके एडमिशन का सारा काम पूरा करवाया। दोनों ने रेस्टोरेंट जाकर खाना खाया, अभिनव ने सदफ को घर चलने को बोला पर सदफ ने मना कर दिया। फिर दोनों मूड ठीक करने के लिए प्लेग्राउंड चले गए ओर खूब एंजॉय किया। बाद में दोनों ने कॉफी पी ओर अभिनव सदफ को उसके घर छोड़ आया।
रात में करीब 12 बजे यूसुफ ने सदफ के कमरे को नॉक किया सदफ़ सो रही थी उसने नींद में ही दरवाजे को खोला, सदफ के जिस्म पर सिर्फ नाइटी थी जिसमें उसकी चूचियां बाहर झाक रही थी।
सदफ ने यूसुफ को कमरे के अंदर बुला लिया और अपनी नाइटी ठीक करते हुए बोली इतनी रात में क्या काम आ गया। यूसुफ हंसते हुए बोला मैं तो तेरी आग बुझाने आया था। सदफ मजाक में बोली पानी की बाल्टी कहा है फिर।
यूसुफ ने अपने लन्ड को बाहर निकालते हुए बोला बाल्टी भरी है कहे तो खाली कर दूं। सदफ़ मुंह बनाते हुए बोली नो थैंक्स। करीब आधे घंटे तक दोनों बाते करते रहे । सदफ ने यूसुफ को नीचे जाकर सोने को बोला, इस यूसुफ ने कहा एक बज चुके है रात के सब सो गए होगे अब जाना खतरे से खाली नहीं मैं अपने कमरे में तकियों को चादर उड़ा कर आया हूं उनके अनुसार मैं अभी भी नीचे हीं हूं। सदफ ने इतराते हुए कहा मैने थोड़े बुलाया था तुम्हे सो जाओ अब छत पर ही, कहकर कमरे से निकल दिया।
और सदफ सो गई करीब तीन बजे सदफ बाथरूम करने उठी तो यूसुफ छत पर खड़ा ठंड में कांप रहा था, सदफ ने फटा फट कमरे का गेट खोला और उसको अंदर बुला लिया, वो ठंड में ठिठुर रहा था उसको कम्बल देकर सदफ बाथरूम चली गई। पाँच मिनट बाद जब सदफ़ आई यूसुफ अभी भी ठिठुर रहा था।
सदफ ने यूसुफ को गले लगाया। यूसुफ ने अपने होंठों को सदफ के होंठों पर रखा ही था कि सदफ ने मुंह फेर लिया और बोली नहीं। सदफ के जिस्म की गर्मी पाकर यूसुफ का शरीर धीरे धीरे गर्म हो रहा था।
यूसुफ के हाथ सदफ की नाइटी के अंदर थे और सदफ की कमर सहला रहे थे। यूसुफ ने फिर से अपने होंठों को सदफ के होंठों पर रख दिया और उसको चूमने लगा सदफ ने इस बार उसको रोका नहीं, यूसुफ ने देर नहीं करते हुए सदफ की नाइटी उतार दी सदफ अब यूसुफ के सामने पूरी नंगी खड़ी थी।
सदफ ने यूसुफ को पीछे धक्का दिया। और नाइटी पहन बोली तुम बाहर ही ठीक थे अंदर गलत ही बुला लिया शायद।
सदफ ने यूसुफ को कम्बल में लेटने को बोला। और बिस्तर की दूसरी तरफ जाकर लेट गई। यूसुफ भी आकर लेट गया। थोड़ी देर में ही उसने ठंड लगने का बहाना बनाया।
सदफ कुछ नहीं बोली पर थोड़ी देर बाद सदफ यूसुफ की तरफ हो गई। यूसुफ ने तुरंत अपने हाथों को सदफ की कमर से लगा उससे चिपट गया। यूसुफ ने अपनी एक टांग भी सदफ के ऊपर रख दी। एक दूसरे की गर्मी पाकर दोनों को पसीने आने लगे थे। पर वो दोनों ही अलग नहीं हो रहे थे।
यूसुफ ने अपने पजामे को चुपचाप उतार दिया, उसका लण्ङ पूरा खड़ा हुआ था। यूसुफ ने सदफ के माथे पर आए पसीने को चूम लिया। सदफ़ भी भावनाओं में बहने वाली थी इसलिए उसने करवट बदल ली यूसुफ ने पीछे से उसको जकड़ लिया उसका लण्ङ सदफ को महसूस हो रहा था।
यूसुफ अपने हाथों से सदफ़ की चूचियों को दबा रहा था, सदफ अब सिसकारियां ले रही थी आह.... नहीं रुक... आह...
यूसुफ सदफ की गर्दन को चूम रहा था धीरे धीरे सदफ की सिसकारियां बढ़ रही थी। यूसुफ ने सदफ के ऊपर आकर उसकी नाइटी फिर से उतार दी, सदफ ने अपनी दोनों टांगे खोल दी ये खुला निमंत्रण था यूसुफ के लिए।
यूसुफ ने अपना लण्ङ सदफ की चूत पर लगाया ही था सदफ ने उसके लन्ड को पकड़ लिया और उसको रुकने को बोला, मैं अभी बाथरूम जाकर आई उसने नाइटी उठाई और बाथरूम की तरफ भागी। फटा फट कपड़े पहने खुद को नॉर्मल किया और पांच मिनट बाद बाहर निकली।
वो पूरे जोश में झटके मार रहा था और सदफ उसका साथ दे रही थी, यूसुफ झड़ने वाला था तो उसने अपने लन्ड को बाहर निकाल लिया, सदफ ने उसके कान में धीरे से कहा रुको मत और जोर से करो। ये सुनते ही यूसुफ ने सदफ को घोड़ी बनाया उसकी कमर को बीच से झुका सदफ के बालों को अपने हाथों से पीछे खींच अपना लण्ङ सदफ की चूत में घुसा दिया और तेजी से झटके लगा रहा था सदफ़ दर्द में तड़प रही थीं फिर भी उसका साथ दे रही थी, आह... अम्मी मर गई.... आह.... ओर जोर से.... यूसुफ ओर तेज। सदफ की मादक सिसकारियां यूसुफ को पागल बना रही थी वो सदफ को दर्द मैं तड़पाना चाहता था इसलिए वो सदफ़ के चूतड़ों को जोर जोर से मारने लगा, सदफ की सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी। उसने मार मार कर सदफ के दोनों चूतड लाल कर दिये थे।
दोनों बुरी तरह हॉफ रहे थे, यूसुफ वासना में जानवर बन चुका था , वो जानवरों की तरह जगह जगह सदफ की पीठ पर काट रहा था। वासनावश सदफ भी उसको नहीं रोक रही थी। यूसुफ ने सदफ को उसके ऊपर बैठने को कहा, सदफ ने यूसुफ के लन्ड को अपनी चूत पर सेट किया और उस पर बैठ गई, सदफ अपनी कमर को हिला रही थी यूसुफ आराम से लेटा था करीब दो मिनट बाद यूसुफ ने सदफ को अपनी टांगों से थोड़ा ऊपर उठाया और उसको चोदने लगा, उसने सदफ के निप्पलों को अपने मुंह में भरा और चूसने लगा। करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद यूसुफ सदफ़ की चूत में ही झड़ गया और अपने दांत सदफ के निप्पलों में गाढ़ दिए सदफ दर्द से तड़प उठी। उसके निप्पलों से खून निकल आया।
यूसुफ खड़ा हुआ और नीचे अपने कमरे में जाकर सो गया। सदफ ने अपने कपड़े ठीक किए और थक कर सो गई।
सदफ़ जब सो कर उठी तो उसका पूरा जिस्म दुःख रहा था उसकी टांगों पर और चूत के बाहर वीर्य जमा हुआ था, पेट और कमर पर दांतो के निशान बने हुए थे, निपल्स पर खून जम चुका था। चलने पर भी पैरों में दर्द हो रहा था।
वो नीचे जाती तो सबको पता चल जाता इसलिए उसने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया और वापस बिस्तर में लेट गई।
सदफ अच्छे से समझ चुकी थी कि यूसुफ को ओर मौके देना उसके लिए ठीक नहीं है पर आज सुबह की चुदाई उसके दिमाग से जा नहीं रही थी। जिस तरह यूसुफ ने सदफ को चोदा था, वो सदफ के लिए भूल पाना मुश्किल था।
12 बजे तक सदफ सोकर उठी, उसका जिस्म अब भी दुख रहा था , पेशाब करने मैं उसकी चूत में जलन हो रही थी यूसुफ के लन्ड से योनि अंदर से छिल गई थी, अभी भी सदफ चल नहीं पा रही थी उसने बेड पर ही खाना खाया और लेटी रही।
दिन में मेरी सदफ की बात हुई पर उसने मुझे कुछ नहीं बताया बुखार का बहाना बना दिया। शाम में यूसुफ सदफ के लिए हॉट चॉकलेट और पिज्जा लेकर आया साथ में सदफ़ को दर्द निवारक दवाइया भी लाकर दी। दर्द निवारक दवाइयों में उसने वियाग्रा ओर सेक्स इच्छा बढ़ाने वाली गोलियां भी मिला दी थी। क्योंकि यूसुफ फार्मा कंपनी में काम करता था उसने दर्द ठीक करने के नाम पर सदफ को ब्रेमेलानोटाइड इंजेक्शन लगा दिया।
रात तक सदफ लगभग ठीक हो गई थी उसने परिवार में सबके साथ डिनर किया गोली लेने की वजह से उसकी कामुकता बढ़ रही थी पर उसने खुद को नियंत्रित किया हुआ था।
अगले दिन भी यूसुफ ने सदफ को ब्रेमेलानोटाइड इंजेक्शन लगा दिया आप लोगों की जानकारी के लिए बता दूं ये इंजेक्शन महिलाओं में सेक्स इच्छा को प्रबल करता हैं सदफ दो गोली वियाग्रा और दो इंजेक्शन ले चुकी थी। उसकी चूत से आग निकल रही थी।
सदफ ने यूसुफ को बुलाकर सारी बातें कही यूसुफ ने आंख मारते हुए कहा कहे तो आज शाम सब ठंडी कर दूं। ये कहकर वो चला गया सदफ भी अपना एडमिशन कराने कॉलेज चली गई। उसने मुझे मिलने को कहा पर मैं खुद शहर से बाहर था, मैने अभिनव को फोन कर मिलने को बोला। अभिनव ने जाकर उसके एडमिशन का सारा काम पूरा करवाया। दोनों ने रेस्टोरेंट जाकर खाना खाया, अभिनव ने सदफ को घर चलने को बोला पर सदफ ने मना कर दिया। फिर दोनों मूड ठीक करने के लिए प्लेग्राउंड चले गए ओर खूब एंजॉय किया। बाद में दोनों ने कॉफी पी ओर अभिनव सदफ को उसके घर छोड़ आया।
रात में करीब 12 बजे यूसुफ ने सदफ के कमरे को नॉक किया सदफ़ सो रही थी उसने नींद में ही दरवाजे को खोला, सदफ के जिस्म पर सिर्फ नाइटी थी जिसमें उसकी चूचियां बाहर झाक रही थी।
सदफ ने यूसुफ को कमरे के अंदर बुला लिया और अपनी नाइटी ठीक करते हुए बोली इतनी रात में क्या काम आ गया। यूसुफ हंसते हुए बोला मैं तो तेरी आग बुझाने आया था। सदफ मजाक में बोली पानी की बाल्टी कहा है फिर।
यूसुफ ने अपने लन्ड को बाहर निकालते हुए बोला बाल्टी भरी है कहे तो खाली कर दूं। सदफ़ मुंह बनाते हुए बोली नो थैंक्स। करीब आधे घंटे तक दोनों बाते करते रहे । सदफ ने यूसुफ को नीचे जाकर सोने को बोला, इस यूसुफ ने कहा एक बज चुके है रात के सब सो गए होगे अब जाना खतरे से खाली नहीं मैं अपने कमरे में तकियों को चादर उड़ा कर आया हूं उनके अनुसार मैं अभी भी नीचे हीं हूं। सदफ ने इतराते हुए कहा मैने थोड़े बुलाया था तुम्हे सो जाओ अब छत पर ही, कहकर कमरे से निकल दिया।
और सदफ सो गई करीब तीन बजे सदफ बाथरूम करने उठी तो यूसुफ छत पर खड़ा ठंड में कांप रहा था, सदफ ने फटा फट कमरे का गेट खोला और उसको अंदर बुला लिया, वो ठंड में ठिठुर रहा था उसको कम्बल देकर सदफ बाथरूम चली गई। पाँच मिनट बाद जब सदफ़ आई यूसुफ अभी भी ठिठुर रहा था।
सदफ ने यूसुफ को गले लगाया। यूसुफ ने अपने होंठों को सदफ के होंठों पर रखा ही था कि सदफ ने मुंह फेर लिया और बोली नहीं। सदफ के जिस्म की गर्मी पाकर यूसुफ का शरीर धीरे धीरे गर्म हो रहा था।
यूसुफ के हाथ सदफ की नाइटी के अंदर थे और सदफ की कमर सहला रहे थे। यूसुफ ने फिर से अपने होंठों को सदफ के होंठों पर रख दिया और उसको चूमने लगा सदफ ने इस बार उसको रोका नहीं, यूसुफ ने देर नहीं करते हुए सदफ की नाइटी उतार दी सदफ अब यूसुफ के सामने पूरी नंगी खड़ी थी।
सदफ ने यूसुफ को पीछे धक्का दिया। और नाइटी पहन बोली तुम बाहर ही ठीक थे अंदर गलत ही बुला लिया शायद।
सदफ ने यूसुफ को कम्बल में लेटने को बोला। और बिस्तर की दूसरी तरफ जाकर लेट गई। यूसुफ भी आकर लेट गया। थोड़ी देर में ही उसने ठंड लगने का बहाना बनाया।
सदफ कुछ नहीं बोली पर थोड़ी देर बाद सदफ यूसुफ की तरफ हो गई। यूसुफ ने तुरंत अपने हाथों को सदफ की कमर से लगा उससे चिपट गया। यूसुफ ने अपनी एक टांग भी सदफ के ऊपर रख दी। एक दूसरे की गर्मी पाकर दोनों को पसीने आने लगे थे। पर वो दोनों ही अलग नहीं हो रहे थे।
यूसुफ ने अपने पजामे को चुपचाप उतार दिया, उसका लण्ङ पूरा खड़ा हुआ था। यूसुफ ने सदफ के माथे पर आए पसीने को चूम लिया। सदफ़ भी भावनाओं में बहने वाली थी इसलिए उसने करवट बदल ली यूसुफ ने पीछे से उसको जकड़ लिया उसका लण्ङ सदफ को महसूस हो रहा था।
यूसुफ अपने हाथों से सदफ़ की चूचियों को दबा रहा था, सदफ अब सिसकारियां ले रही थी आह.... नहीं रुक... आह...
यूसुफ सदफ की गर्दन को चूम रहा था धीरे धीरे सदफ की सिसकारियां बढ़ रही थी। यूसुफ ने सदफ के ऊपर आकर उसकी नाइटी फिर से उतार दी, सदफ ने अपनी दोनों टांगे खोल दी ये खुला निमंत्रण था यूसुफ के लिए।
यूसुफ ने अपना लण्ङ सदफ की चूत पर लगाया ही था सदफ ने उसके लन्ड को पकड़ लिया और उसको रुकने को बोला, मैं अभी बाथरूम जाकर आई उसने नाइटी उठाई और बाथरूम की तरफ भागी। फटा फट कपड़े पहने खुद को नॉर्मल किया और पांच मिनट बाद बाहर निकली।


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