04-01-2026, 02:58 PM
करीब पंद्रह मिनट में हम अभिनव के घर थे। दरवाजा खुलते ही सदफ मुझे पर टूट पड़ी वो मेरे होंठों को लॉलिपॉप की तरह चूस रही थी उसके हाथों ने बिना इतंजार करे मेरी पेंट उतार दी और मेरे कान में बोली अब इंतजार नहीं होता समा जा मुझमें बोलकर, उसने बुर्का अभिनव के सामने ही उतार दिया ये देख अभिनव ने भी अपनी पेंट उतार दी और अपने लन्ड को सहलाने लगा। मैने बिना इतंजार करे सदफ को घोड़ी बना कर पीछे से लन्ड घुसा दिया और झटके मारने लगा। उसकी सिसकारियां माहौल बदल रही थी ऊह! आह! ऊह! उई माँ, मर गई रे.... और जोर से , आह..... । मेरे हाथ उसकी चूचियों को मसल रहे थे। सदफ की मादक सिसकारियां सुन अभिनव ने अपना सदफ लौड़ा सदफ के मुंह पर घुमाने लगा।
वासना में डूबी सदफ ने उसके लन्ड को अपने मुंह में ले लिया और उसको चूसने लगी। इतने मैं मेरे लण्ङ ने उसकी चूत में ही पिचकारी छोड़ दी। मैने अभिनव को इशारा किया वो तुरन्त पलटा और अपने लन्ड पर कंडोम चढ़ा कर सदफ की चूत में घुसा दिया और पेलने लगा। सदफ हर झटके का आनंद ले रही थी। लेकिन ज्यादा जोश की वजह से अभिनव दो मिनट में ही झड़ गया। वो दोनों बुरी तरह से हाफ रहे थे।
हमने नाश्ता किया, अभिनव ने दो पेग लगाए। और सिगरेट सुलगाई। मैं सदफ को बाथरूम ले गया और उसके जिस्म को चूम चूम कर साफ किया। मेरे चूमने से सदफ फिर से उत्तेजित हो गई उसको ठंडा करने के लिए मैं उसकी चूत को चूसने लगा मेरी जीभ उसकी चूत में अंदर बाहर हो रही थी। मेरे इस नए तरीके से सदफ तड़प रही थी, बस करो घुसा दो अन्दर आह..... उफ्फ... मैं रुका नहीं और चूसता रहा करीब दो मिनट बाद सदफ ने अपने हाथों से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा दिया और अपना सारा पानी मेरे मुंह पर निकाल दिया, उसका नमकीन पानी मैने सारा पी लिया जो बाहर लगा था उसको भी चाट लिया। सदफ़ के चेहरे पर सकून भरी मुस्कान थी। मैं जानता था कि ये संतुष्टि की मुस्कान है। हम बाहर आए तो अभिनव नंगा लेटा बीयर पी रहा था सदफ उसको देखते ही बोली आखिर कर ली अपनी इच्छा पूरी। क्यों मजा नहीं आया क्या और ये तो वॉर्म अप था असली फिल्म तो बाकी हैं। इस पर सदफ बोली जो मिलना था मिल गया अब आज कुछ नहीं मुझे जाना है घर अब । अभिनव सदफ को पीछे हग करने लगा, उसके हाथ सदफ की चूचियों को दबा रहे थे, वो उसकी गर्दन को चूम रहा था मुझे पता था यह सदफ की कमजोरी है।
वासना में डूबी सदफ ने उसके लन्ड को अपने मुंह में ले लिया और उसको चूसने लगी। इतने मैं मेरे लण्ङ ने उसकी चूत में ही पिचकारी छोड़ दी। मैने अभिनव को इशारा किया वो तुरन्त पलटा और अपने लन्ड पर कंडोम चढ़ा कर सदफ की चूत में घुसा दिया और पेलने लगा। सदफ हर झटके का आनंद ले रही थी। लेकिन ज्यादा जोश की वजह से अभिनव दो मिनट में ही झड़ गया। वो दोनों बुरी तरह से हाफ रहे थे।
हमने नाश्ता किया, अभिनव ने दो पेग लगाए। और सिगरेट सुलगाई। मैं सदफ को बाथरूम ले गया और उसके जिस्म को चूम चूम कर साफ किया। मेरे चूमने से सदफ फिर से उत्तेजित हो गई उसको ठंडा करने के लिए मैं उसकी चूत को चूसने लगा मेरी जीभ उसकी चूत में अंदर बाहर हो रही थी। मेरे इस नए तरीके से सदफ तड़प रही थी, बस करो घुसा दो अन्दर आह..... उफ्फ... मैं रुका नहीं और चूसता रहा करीब दो मिनट बाद सदफ ने अपने हाथों से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा दिया और अपना सारा पानी मेरे मुंह पर निकाल दिया, उसका नमकीन पानी मैने सारा पी लिया जो बाहर लगा था उसको भी चाट लिया। सदफ़ के चेहरे पर सकून भरी मुस्कान थी। मैं जानता था कि ये संतुष्टि की मुस्कान है। हम बाहर आए तो अभिनव नंगा लेटा बीयर पी रहा था सदफ उसको देखते ही बोली आखिर कर ली अपनी इच्छा पूरी। क्यों मजा नहीं आया क्या और ये तो वॉर्म अप था असली फिल्म तो बाकी हैं। इस पर सदफ बोली जो मिलना था मिल गया अब आज कुछ नहीं मुझे जाना है घर अब । अभिनव सदफ को पीछे हग करने लगा, उसके हाथ सदफ की चूचियों को दबा रहे थे, वो उसकी गर्दन को चूम रहा था मुझे पता था यह सदफ की कमजोरी है।


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