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Adultery ट्यूशन में मेरी पहली चुदाई
#3
सदफ सुबह 6 बजे ट्यूशन जा रही थी उस दिन कोहरा थोड़ा ज्यादा था । गली सुनसान थी इसका फायदा उठा दो लड़कों ने उसको कोने में खींचने की कोशिश की लेकिन वो वहां से भाग गई वो घबराई हुई ट्यूशन पहुंची, मैं उस दिन छुट्टी पर था। उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे और वो घबराई हुई थी। 
अभिनव ने उसको रोता देख अपने गले लगा लिया और उसके आंसू पूछ दिलासा देने लगा कमरे में उन दोनों के अलावा कोई नहीं था अभिनव ने उसकी आंखों को बारी बारी से चूमने लगा उसके जो भी आंसू निकलते अभिनव उनको पी लेता वो अभी भी एक दूसरे के गले लगे हुए थे उनकी सांसे तेज़ हो चुकी थी। 
अभिनव ने अपने होंठों को उसके होठों पर रख दिया सदफ को कोई भी विरोध नहीं करता देख अभिनव ने उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया। अभिनव का लण्ङ पूरा तन चुका था। उसके हाथ सदफ की चूचियों को दबा रहे थे सदफ के मुंह से सिसकारियां निकल रही थी। 
वो दोनों अपने जज़्बातों में बह चुके थे। अभिनव ने टाइम न बर्बाद करते हुए उसकी सलवार उतार दी और और अपने लन्ड को सदफ की चूत में घुसा दिया उसकी चीख उसके मुंह में ही दब गई उसने अपने नाखून अभिनव की कमर में गड़ा दिए ये देख उसने जोर जोर से धक्के मारने शुरू कर दिया। सदफ हर झटके को महसूस कर रही थी और अभिनव के जिस्म को चूम रही थी। उसकी सिसकारिया निकल रही थी “आई … उईई … हाय अल्लाह …धीरे धीरे करो....... आह आह!”
अभिनव जगह जगह उसके जिस्म पर अपने दांतो को गाड़ रहा था। उसके झटके ओर तेज हो रहे थे। उसके लन्ड ने सदफ की चूत को बुरी तरह से फ़ाड दिया था करीब पांच मिनट बाद अभिनव ने अपना वीर्य सदफ की चूत में निकाल दिया। दोनों ने फटाफट कपड़े पहने ओर खुद को नॉर्मल किया।
उस दिन सदफ बिना पढ़े ही घर चली गई। अभिनव ने मुझे फोन कर बताया आज उसके साथ क्या हुआ पर उसकी अपनी चुदाई के बारे में कुछ नहीं बताया ।
मैने सदफ से बात की उसको दिलासा दिया साथ ही आश्वासन दिया की अब से मैं उसके साथ जाया करूंगा। 
अभिनव ने सदफ का जन्नत महसूस कराने के लिए धन्यवाद किया। उसने उसे बताया कि वो उसको कितना प्यार करता हैं। मैं नहीं जानता था कि दोनों के बीच मैं क्या खिचड़ी पक रही थी । 
हमारी बातें धीरे धीरे कम होती जा रही थी। ट्यूशन में भी वो अब मेरे पास नहीं बैठती थी।
सदफ का अजीब व्यवहार मुझे बेचैन कर रहा था। एक दिन मैने उसको टयूशन में ही रोक लिया मुझे जानना था कि उसका व्यवहार इतना अजीब क्यों हो गया है मेरे बहुत बार पूछने पर भी उसने मुझे कुछ नहीं कहा और मुझसे बात करने को मना कर चली गई।
मैंने भी उससे बात करना बंद कर दिया और ट्यूशन में एक और लड़की थी उससे हंसने बोलने लगा। जो सदफ को पसंद नहीं आ रहा था। एक दिन उसने मुझे फोन कर मिलने बुलाया और मुझे सारी बातें बता दी। की कैसे अभिनव ने उसको चोदा और भावनाओं में उसने उसे रोका भी नहीं। 
उस दिन मैने उसको कुछ नहीं कहा उसके अनुसार उससे गलती हुई थी। मैने उसके माथे को चूम कर उसे गले लगा लिया। उसके गले लगते ही मेरा लन्ड तुरंत खड़ा हो गया था पर मैने उस दिन कुछ नहीं किया। अब हम अभिनव को बाहर भी नहीं खड़ा कर सकते थे।
 हम दोनों ही तड़प रहे थे कमरा भी खाली नहीं मिल रहा था कोई, कुछ ओर दिन बाद जब उसके जाने का समय आ रहा था हमने डिसीजन लिया की अभिनव को बाहर खड़ा करने को बोला जाए और अगर उसने कुछ मांगा तो उसको देखने को बोल देंगे। पर शेर के मुंह जब खून लग चुका हो तो वो बिना शिकार करे कैसा रहेगा । उसने सीधे कहा मेरा कमरा चाहिए तो मुझे भी चाहिए। 
सदफ हरियाणा जाने से पहले मेरे साथ सेक्स करने को बेताब थी मैने सदफ को कहा की अभिनव तेरे साथ घर पर मूवी देखना चाहता है एक दो किस करना चाहे तो मना मत करना । सदफ खुद अभिनव से चुदना चाहती थी इसलिए वो अभिनव से मिलने के लिए तैयार हो गई मैं जानता था वो दरिन्दा आज उसकी बहुत गंदी चुदाई करेगा । सदफ को सुबह 10 बजे मैने कार से पिक कर लिया और अभिनव के रूम पर ले आया । सदफ ने आज हरे रंग का सूट और टाइट फिट लेगिंग पहन रखी थी। और ऐसी बला की खूबसूरत लग रही थी कि मेरा मन उसको गाड़ी में ही चोदने का कर गया था। 
इधर अभिनव भी पूरा तैयार था उसने अपना कमरा फूलों से सजाया हुआ था । हमने नाश्ता किया और आपस मे बातें करने लगे। अभिनव ने दो पैग लगाए और सिगरेट के कश लेता हुआ बोला क्या प्रोग्राम है अब। मैने सदफ को इशारा किया कि मैं कमरे से बाहर जाता हूँ । अभिनव ने सिगरेट का कश मारते हुए बोला हां तू आराम से आ। 
मैं अभी बाहर भी नहीं निकला था कि अभिनव ने सदफ को बाहों में भर लिया और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए। सदफ की आँखें बंद हो चुकी थी और वो उसका खुल कर साथ दे रही थी। मैं भी मौका पाकर सोफे के पीछे छुप कर बैठ गया। अभिनव ने सदफ की आंखों को चूमते हुए पेग बनाने का इशारा किया और बोला बहुत तड़पा हूँ तुझे प्यार करने के लिए जब से तुझे चोदा है उस दिन से हर रात तुझे प्यार कर रहा हूं आज मिली है खूब पेलूंगा आज तुझे। 
शराब पीने के बाद अभिनव ने अपने लन्ड को निकाल कर सदफ को उसको चूसने को कहा पहले तो उसने मना कर दिया पर उसके बार बार कहने पर सदफ ने उसके लन्ड को अपने मुंह में ले लिया और उसके लन्ड को चूसने लगी अभिनव ने सदफ के बालों को पकड़ कर मुंह में ही झटके मारने शुरू कर दिया करीब पांच छः झटके मार कर उसने सदफ को फिर से चूमना शुरू कर दिया उसके हाथ उसकी चूचियों को दबा रहे थे। सोफे के पीछे मेरी हालत खराब हो रही थी। 
सदफ की सिसकारियां अभिनव को ओर उत्तेजित कर रही थी उसने सदफ की सलवार उतार दी और उसकी चूत को चाटने लगा उसकी जीभ अपनी चूत पर लगने से सदफ का शरीर कांप रहा था अभिनव ने अपनी जीभ को सदफ की चूत के अंदर बाहर कर रहा था। उसने अपनी दो उंगलियां सदफ की चूत में घुसा दी। सदफ ने अभिनव के सिर को अपनी चूत पर दबा दिया और अपना सारा पानी उसके मुंह पर निकाल दिया। उसकी सिसकारिया पूरे कमरे में गूंज रही थी। अभिनव ने अपने लन्ड को सदफ की चूत में घुसा दिया चूत इतनी गीली थी कि पूरा लन्ड आराम से अन्दर चला गया।
अभिनव जोर जोर से झटके मार रहा था और सदफ हर झटके में उसका साथ दे रही थी। अब मैं उसे जोर से चूमने लगा और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबाने लगा और जोर जोर से चोदने लगा.
मेरे लंड के धक्कों से सदफ के मुंह से आवाजें निकल रही थी - आह … आह … ओह … उम … फ … क… फक… मी… बेबी… ओह… यह… यह!
उसकी आवाज को सुनकर अभिनव और भी जोश से भर गया और जोर से चोदने लगा.फिर उसने सदफ के दोनों पैरों को मोड़कर उसके घुटनों को छाती से सटा दिया और चूत में लंड को घुसा कर दनादन चोदना शुरू कर दिया।
ख़च ख़च की आवाज से पूरा कमरा चहक रहा था। करीब पंद्रह मिनट बाद अभिनव ने सदफ के पेट पर सारा वीर्य निकल दिया। उसने सदफ के माथे को चूमा और उसके ऊपर ही लेट गया और उसे चूमने लगा। उसका लन्ड फिर से खड़ा हो चुका था उसके हाथ उसकी चूचियों को मसल रहे थे । 
फिर कुछ ही देर बाद अभिनव उठा और सदफ के पैरों के पास अपने घुटने के बल बैठ गया।
उसने सदफ के दोनों पैरों को अपने काँधे पर रखा और अपने दोनों हाथ गर्दन के पास रखे।
इस बीच सदफ ने अपने हाथों से उसका लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद में सेट किया।
फिर अभिनव ने ज़ोर से धक्का मारा और पूरा लंड चूत के अंदर चला गया दे टपाटप लगातार सदफ की चूत को चोदने लगा।
उसके लंड के रगड़ से सदफ के चूत से सफेद पानी निकल रहा था। अब मेरे आने का समय हो रहा था तो मैं चुप चाप घर के बाहर चला गया और खिड़की से अंदर झांकने लगा। 
सदफ उसके लंड पर पक्की रंडी जैसी उछल रही थी और बोल रही थी, “आज आया चुदाई का मजा, ओह मेरे अभिनव, आज से जब चाहो अपनी इस बीबी को चोदने चले आना, बस अभिषेक के सामने नहीं । ”
अभिनव हंस के बोला, “बोल तो उसके सामने भी चोद दूँ तुझे, मेरी रखैल! साली तू है बड़ी चुदक्कड़ लेकिन दिखती नहीं है!”
“आई … उईई … हाय अल्लाह …और जोर से चोदो मुझे आह..... ओर जोर से .... !” सदफ पूरे मजे ले रही थी।
लगभग 15 मिनट अभिनव ने सदफ की चुदाई की, फिर दोनों झड़ गए।
अब मैंने गेट खटखटाया।
लेकिन फिर भी अभिनव ने 10 मिनट बाद दरवाजा खोला।
सदफ के पूरे कपड़े पसीने से गीले थे । मैं जानता था आज क्या हुआ है मैने सदफ को चलने को कहा और अभिनव को बोला शाम में आते हैं। 
अभिनव बोला, “ तैयार रहना , अब सदफ चुदेगी रोज और तू भी चोद लेना आज ही , मैं रात को आता हूँ यहीं सोने!”
मैं सदफ को कार में बैठा कर घर ले जा रहा था मैंने अनजान बनते हुए कहा और कौन सी मूवी देखी तुम दोनों ने मिलकर, उसने कुछ किया तो नहीं था। पहले तो उसने कुछ नहीं कहा, पर जोर देने पर वो बोली कुछ ज्यादा नहीं उसने एक दो पप्पी ली बस। मैं भी मन ही मन कह रहा था खूब मजा लेकर चुदाई की ओर कुछ खास नहीं। 
हमने होटल जाकर खाना खाया और फिर शाम के लिए मैने उसको ड्रेस खरीद कर दी और उसको घर छोड़ आया । शाम में उसकी अम्मी की तबियत खराब हो गई जिस कारण उसने मिलने को मना कर दिया। अगले दिन सुबह ही वो हरियाणा फिर से चली गई मेरा उसके साथ थ्रीसम करने का सपना, सपना ही रह गया। हमारी बातें रोज हुआ करती थी ऐसे थर्ड ईयर के एग्जाम आ गए मेरे और अभिनव दोनों के लण्ङ ही उसको चोदने के लिए तैयार थे। 
हम दोनों फोन पर ही सेक्सी बाते करते, ऐसे करते करते दो महीने बीत गए। इस बीच हमने मिलने के बहुत प्रोग्राम बनाए पर कोई भी प्रोग्राम नहीं बना। हमारे थर्ड ईयर के पेपर आने वाले थे हमने तभी मिलने का प्रोग्राम फिक्स किया। इधर अभिनव भी सदफ को चोदने की फिराक में लगा था शेर के मुंह खून लग चुका था। दो बार धुंआधार चुदाई पसंद सदफ को भी आई थी। मुझे कोई इल्म नहीं था कि वो दोनों भी सेक्स चैट कर रहे हैं। 
रविवार के दिन सुबह अभिनव का व्हाट्सएप स्टेट्स हरियाणा लोकेशन का था उस टाइम तो मुझे कोई शक नहीं हुआ पर जब शाम तक सदफ का नंबर स्विच ऑफ़ होने से मेरा दिमाग ख़राब हो गया। दोनों ही मेरा फोन नहीं उठा रहे थे। रात को मेरे फोन पर मैसेज आया मैंने जैसे ही देखा मेरे होश उड़ गए अभिनव ने एक वीडियो भेजा जिसमें उसने सदफ को घोड़ी बनाया हुआ था और पीछे से उसको पेल रहा था उसकी सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी और वो पूरी निर्दयता के साथ उसको चोद रहा था। दो घंटे की उस वीडियो में उसने सदफ को जम कर चोदा। साली रांड़ की तरह चूद रही थी, अभिनव का लण्ङ उसकी चूत को अच्छे से पेल रहा था। 
सदफ की चीख निकल रही थीं- उई अम्मी … तेरा बहुत बड़ा है साले … आह..... हाय अल्लाह.....धीरे धीरे चोदो आह.
अभिनव धकापेल चुदाई में लगा रहा.
कुछ ही देर बाद सदफ मस्ती में सिसकारती हुई कह रही थीं- आह्ह … मुझे रोज़ ऐसे शांत किया कर … मैं तेरे लंड से ऐसे ही चुदा करूँगी … आई लव यू! बस ऐसे ही चोदता रह मुझे।
अभिनव भी जोर-जोर से चूत में लंड दे रहा था.
करीब 20 मिनट तक चुत चोदने के बाद अभिनव सदफ की चूत में झड़ गया.
‘आह शिट यार … मेरी चूत में माल क्यों डाल दिया? अगर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो?’
अभिनव बोला- अब तो तू मेरे बच्चे की माँ बन ही जा । बहनचोद । 
सदफ बोलीं- अभी नहीं!
अभिनव भी कुछ नहीं बोला और बूब्स पीना शुरू कर दिया.
कुछ देर बाद सदफ फिर से गर्म हो गईं. और बोली 
‘एक बार और करते हैं अभिनव!’
सदफ के बोलते ही अभिनव वापस लंड सहलाने लगा.उसने सदफ को जांघें चौड़ी करने को कहा.
सदफ ने अपने पैर दाएं-बाएं फैला कर अपनी जांघें खोल दीं और अभिनव के लंड को पकड़ कर उसका टोपा अपनी चूत के छेद में सैट कर लिया,नीचे से अपने चूतड़ उचकाए कि लंड अन्दर घुस जाए लेकिन ऐसे कैसे लंड अन्दर घुस जाता.
अभिनव ने ऊपर से एक झटका अन्दर को मारा तो सदफ की गीली चूत में मेरा लंड ऐसे घुस गया, जैसे मक्खन में गर्म छुरी.
सदफ के मुख से निकला- उम्म्ह … अहह … हाय अल्लाह......हय … ओह!
बस इसके बाद फिर से सदफ की चूत की दमदार चुदाई शुरू हो गई.वो भी अपने दोनों हाथों से सदफ की चूचियों को मसलने लगा।अब सदफ की कमर धीरे-धीरे आगे-पीछे हो रही थी।
अभिनव सदफ के चूतड़ों पर अपने दोनों हाथों से चटाक-चटाक मारने लगा।
सदफ ने भी तेज़ झटका देना शुरू कर दिया।सदफ के चूतड़ लाल-लाल हो चुके थे।
सदफ अभिनव की छाती पर अपने दोनों हाथ रखकर ज़ोर-ज़ोर से उसके लंड पर कूदने लगी।
पूरा कमरा थप-थप की आवाज़ से गूँज रहा था। सदफ ज़ोर-ज़ोर से हाँफ रही थी और साथ में उसके लंड पर कूद भी रही थी।
करीब 10 मिनट में सदफ की चूत से पानी की बौछार निकली। सदफ थक चुकी थी, वो बेड पर चित होकर लेट गई।
कुछ देर बाद अभिनव सदफ के करीब आया और सदफ के गालों को पर किस करने लगा। सदफ भी अभिनव के जिस्म को चूम रही थी। फिर कुछ ही देर बाद अभिनव उठा और सदफ के पैरों के पास अपने घुटने के बल बैठ गया और सदफ के दोनों पैरों को अपने काँधे पर रखकर लंड सदफ की चूत के छेद में सेट किया।फिर उसने ज़ोर से धक्का मारा और पूरा लंड चूत के अंदर! फिर तो दे टपाटप लगातार सदफ की चूत को चोदने लगा।उसके लंड के रगड़ से सदफ के चूत से सफेद पानी जैसा निकल रहा था।
पाँच मिनट बाद उसने पोज़िशन बदला, सदफ को फिर से डॉगी बना कर पीछे से पेलने लगा।उसने सदफ की चूत को रुई की तरह धुन के रख दिया था।पाँच मिनट बाद वो पलंग से नीचे उतरा और सदफ को चित करके लिटा दिया और उसके दोनों पैरों को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा। सदफ बेड के एकदम किनारे पर आ गई।फिर उसने सदफ के दोनों पैरों को मोड़कर उसके घुटनों को छाती से सटा उसकी चूत में लंड को घुसा कर दनादन पेलाई शुरू कर दी।
सदफ के मुँह से सिर्फ़ “आह! ऊह! आह! ऊह! उई माँ, मर गई रे.... और जोर से !” की आवाज़ निकल रही थी।
अभिनव भी हाँफ रहा था।करीब पाँच मिनट बाद दोनों एक-दूसरे से ऐसे चिपक गए जैसे एक-दूसरे में समा जाना चाहते हों।
दोनों बुरी तरह हाँफ रहे थे।कुछ देर बाद दोनों नॉर्मल हुए तो सच में सदफ के चेहरे और आँखों में गज़ब की चमक थी।
शायद इसी को तो यौन संतुष्टि कहते थे।
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RE: ट्यूशन में मेरी पहली चुदाई - by Cheekusadaf - 29-12-2025, 01:24 PM



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