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Adultery लफ़्ज़ों से कहाँ बयां हो पाता है हाले दिल...
#28
[Image: 89723234-123-cf8d.jpg]

रिशा पीछे को खिसकी और उसने राजू को बेड पर अपने ऊपर खींच लिया. अब रिशा ऊपर आना चाह रही थी पर राजू की मजबूत पकड़ के आगे उसकी एक न चली.

राजू ने उसकी टांगें ऊपर कर अपने कंधों पर रख दीं और रेलम पेल करने लगा.

दमदार धक्कों और स्पीड से रिशा की चुदाई एक्सप्रेस फुल स्पीड पर थी. उसकी पाजेब छनछन की तेज आवाज कर रही थी. राजू अब अपना दमदार चुदाई से चूत की धज्जियाँ उड़ा रहा था। उसके पति ने भी इतनी तेज कभी चुदाई नही की थी , राजू रिशा की चूत को इतनी तेज चोद रहा था की चूत के होठ खुल और बंद हो रही थी, और रिशा अपनी चूत को मसलते हुए उंह,उंह,उंहहूँहूँहूँ,,,,हमममम,,,,,अहह्ह्ह्हह,,,,,अईअईअ और जोर से चोदो मुझे और कसकर चोदो मुझे.. बड़बड़ा रही थी.

राजू बीच बीच में उसके मम्मे मसल देता. रिशा मस्ती के सागर में गोते खा रही थी। चुदाई का ऐसा सुख उसे पहले कभी नहीं मिला था

राजू. बस ऐसे ही चोद अपनी भाभी को....क्या मस्त लंड है तेरा और क्या जबरदस्त चुदाई करता है तू। ऐसी चुदाई करना कहाँ से सिखा तूने. उफ्फ... मेरी जान ऐसी ऐसी पोजिशन कहा से सीखते हो, एकदम चूत की दीवार को रगड़ता हुआ चूत के आखिरी छोर से टकरा रहा है तेरा लन उफ्फ.. मेरा सोना, कितनी दर्द भरी चौदाई करते हो …मजा आ जाता है उफ्फ इतने तेज तेज शॉट मारते हो कि पूरा बदन हिल जाता है. रिशा जानभूज़ के ऐसी बातें कर राजू को उक्सा रही थी ताकि वो और दमदार तरीके से उसकी चुदाई कर उसे तृप्त कर सके.[b]. तभी अचानक से किवाड़ खुला. सरिता कमरे के भीतर आ गयी थी.[/b]
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RE: लफ़्ज़ों से कहाँ बयां हो पाता है हाले दिल... - by nitya.bansal3 - 24-12-2025, 04:50 PM



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