21-12-2025, 10:26 AM
समर का पागलपन अब एक नई हद पार कर चुका था। उसने झटके से नेहा के ऊपर से हटकर बेड पर खड़ा हो गया। नेहा अभी अपनी फटी हुई कुर्ती और बिखरे बालों को संभालने की कोशिश कर रही थी कि समर ने बिना कोई मौका दिए नेहा के लंबे बालों को अपनी मुट्ठी में लपेटा और ज़ोर से पीछे की तरफ खींचा।
नेहा (दर्द से कराहते हुए): "आह्ह! समर... मेरे बाल... बहुत दर्द हो रहा है... क्या कर रहे हो?"
समर ने बालों को इतनी मज़बूती से पकड़ा था कि नेहा का चेहरा ऊपर की तरफ खिंच गया और वह घुटनों के बल बेड पर आ गई। समर ने अपनी पैंट की ज़िप पहले ही खोल रखी थी। उसने अपना लोहे जैसा सख्त और गर्म लंड बाहर निकाला, जो नसें उभरने के कारण और भी खूंखार लग रहा था।
उसने अपना लंड सीधे नेहा के चेहरे के पास लाकर अड़ा दिया।
समर (आदेश देते हुए): "इसे अपने मुँह में ले नेहा... आज तुझे वो सब करना होगा जो तूने सिर्फ सोचा था।"
नेहा (घबराकर और गर्दन हिलाते हुए): "नहीं समर... प्लीज़... ये मुझसे नहीं होगा... ये बहुत बड़ा है... मुझे डर लग रहा है... म्म्म..."
समर (बालों को और ज़ोर से खींचते हुए): "डर कैसा? अभी तो फोन पर बहुत शेरनी बन रही थी। मैंने कहा मुँह खोल!"
नेहा की आँखों में आँसू आ गए, लेकिन समर की आँखों का जुनून देख वह समझ गई कि आज वह बचने वाली नहीं है। उसने काँपते हुए अपने होंठ खोले। जैसे ही उसने थोड़ा सा मुँह खोला, समर ने अपने हाथ से उसके सिर को पकड़ा और एक ही झटके में अपना आधा लंड उसके मुँह के अंदर ठूँस दिया।
नेहा: "गगघ्ह... उुुुम्म...!"
नेहा का गला अचानक से भर गया। उसका पहला अनुभव था, इसलिए उसे उल्टी जैसा महसूस होने लगा (gag reflex)। उसने समर की जाँघों को अपने हाथों से पीछे ढकेलने की कोशिश की, लेकिन समर टस से मस नहीं हुआ।
समर (रफ अंदाज़ में): "चूस इसे... अपनी ज़ुबान का इस्तेमाल कर... वरना मैं और अंदर तक डालूँगा।"
समर ने अब नेहा के सिर को पकड़कर खुद अपनी कमर हिलाना शुरू किया। वह नेहा के मुँह को एक 'Y' की तरह इस्तेमाल कर रहा था। हर धक्के के साथ उसका लंड नेहा के गले की गहराई तक टकरा रहा था। नेहा की आँखों से पानी बहने लगा और उसके मुँह के किनारों से लार टपक कर समर के लंड पर गिरने लगी।
समर (कराहते हुए): "आह्ह... तेरी टाइट जुबान... और ये गर्म लार... ज़ोर से चूस नेहा... आज तेरा मुँह मेरा गुलाम है।"
समर अब और तेज़ हो गया। वह नेहा के बालों को पकड़कर उसके सिर को बार-बार अपने ऊपर खींच रहा था और फिर ज़ोर से धक्का मार रहा था। नेहा का मुँह पूरी तरह भर चुका था, उसे साँस लेने में भी तकलीफ हो रही थी, लेकिन समर को इसकी कोई परवाह नहीं थी। वह उसके मुँह को पूरी तरह से "चोद" रहा था।
नेहा (मुँह भरे हुए): "म्म्म... उुुुघ्ह... आम्मम..."
नेहा ने अब अपनी आँखें बंद कर लीं और हार मानकर समर के ताल के साथ अपना मुँह चलाने लगी। जब समर को महसूस हुआ कि नेहा अब साथ दे रही है, तो उसने अपना हाथ उसके बालों से हटाकर उसके गालों को ज़ोर से भींच लिया और अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी।
नेहा (दर्द से कराहते हुए): "आह्ह! समर... मेरे बाल... बहुत दर्द हो रहा है... क्या कर रहे हो?"
समर ने बालों को इतनी मज़बूती से पकड़ा था कि नेहा का चेहरा ऊपर की तरफ खिंच गया और वह घुटनों के बल बेड पर आ गई। समर ने अपनी पैंट की ज़िप पहले ही खोल रखी थी। उसने अपना लोहे जैसा सख्त और गर्म लंड बाहर निकाला, जो नसें उभरने के कारण और भी खूंखार लग रहा था।
उसने अपना लंड सीधे नेहा के चेहरे के पास लाकर अड़ा दिया।
समर (आदेश देते हुए): "इसे अपने मुँह में ले नेहा... आज तुझे वो सब करना होगा जो तूने सिर्फ सोचा था।"
नेहा (घबराकर और गर्दन हिलाते हुए): "नहीं समर... प्लीज़... ये मुझसे नहीं होगा... ये बहुत बड़ा है... मुझे डर लग रहा है... म्म्म..."
समर (बालों को और ज़ोर से खींचते हुए): "डर कैसा? अभी तो फोन पर बहुत शेरनी बन रही थी। मैंने कहा मुँह खोल!"
नेहा की आँखों में आँसू आ गए, लेकिन समर की आँखों का जुनून देख वह समझ गई कि आज वह बचने वाली नहीं है। उसने काँपते हुए अपने होंठ खोले। जैसे ही उसने थोड़ा सा मुँह खोला, समर ने अपने हाथ से उसके सिर को पकड़ा और एक ही झटके में अपना आधा लंड उसके मुँह के अंदर ठूँस दिया।
नेहा: "गगघ्ह... उुुुम्म...!"
नेहा का गला अचानक से भर गया। उसका पहला अनुभव था, इसलिए उसे उल्टी जैसा महसूस होने लगा (gag reflex)। उसने समर की जाँघों को अपने हाथों से पीछे ढकेलने की कोशिश की, लेकिन समर टस से मस नहीं हुआ।
समर (रफ अंदाज़ में): "चूस इसे... अपनी ज़ुबान का इस्तेमाल कर... वरना मैं और अंदर तक डालूँगा।"
समर ने अब नेहा के सिर को पकड़कर खुद अपनी कमर हिलाना शुरू किया। वह नेहा के मुँह को एक 'Y' की तरह इस्तेमाल कर रहा था। हर धक्के के साथ उसका लंड नेहा के गले की गहराई तक टकरा रहा था। नेहा की आँखों से पानी बहने लगा और उसके मुँह के किनारों से लार टपक कर समर के लंड पर गिरने लगी।
समर (कराहते हुए): "आह्ह... तेरी टाइट जुबान... और ये गर्म लार... ज़ोर से चूस नेहा... आज तेरा मुँह मेरा गुलाम है।"
समर अब और तेज़ हो गया। वह नेहा के बालों को पकड़कर उसके सिर को बार-बार अपने ऊपर खींच रहा था और फिर ज़ोर से धक्का मार रहा था। नेहा का मुँह पूरी तरह भर चुका था, उसे साँस लेने में भी तकलीफ हो रही थी, लेकिन समर को इसकी कोई परवाह नहीं थी। वह उसके मुँह को पूरी तरह से "चोद" रहा था।
नेहा (मुँह भरे हुए): "म्म्म... उुुुघ्ह... आम्मम..."
नेहा ने अब अपनी आँखें बंद कर लीं और हार मानकर समर के ताल के साथ अपना मुँह चलाने लगी। जब समर को महसूस हुआ कि नेहा अब साथ दे रही है, तो उसने अपना हाथ उसके बालों से हटाकर उसके गालों को ज़ोर से भींच लिया और अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी।


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