Thread Rating:
  • 4 Vote(s) - 1 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Bhai Ki Behan Ki Virgin Chut Par Dost Ka Pehla Haq” part 1
#8
समर ने नेहा की कमर पकड़ी और उसे एक झटके में उठाकर बेड पर पटक दिया। नेहा अभी संभल भी नहीं पाई थी कि समर बिजली की फुर्ती से उसके ऊपर आ गया। बेड के गद्दे नेहा के वजन से नीचे धंस गए और समर का पूरा भारी जिस्म उसके ऊपर था।

समर की आँखों में इस वक्त एक जंगलीपन था। उसने नेहा के दोनों हाथों को मजबूती से पकड़कर उसके सिर के ऊपर बेड से चिपका दिया। नेहा बेबस होकर नीचे दबी हुई थी, उसकी साँसें इतनी तेज़ थीं कि उसकी कुर्ती का सीना तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था।

समर (भारी और रफ आवाज़ में): "अब चिल्ला जितना चिल्लाना है... आज कोई तुझे मेरे चंगुल से नहीं बचाएगा, नेहा।"

समर ने अपनी पकड़ और मजबूत की और अपना एक हाथ नेहा के हाथों से हटाकर सीधे उसकी कुर्ती के ऊपर उसके स्तनों (boobs) पर रख दिया। नेहा के मुँह से एक सिसकारी निकली— "आह्ह... समर...!"

समर ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उसने कुर्ती के कपड़े के ऊपर से ही उसके मांसल उभारों को अपनी हथेली से ज़ोर से दबाना शुरू किया। उसका हाथ इतना सख्त था कि नेहा को कपड़े के अंदर अपनी खाल खिंचती हुई महसूस हो रही थी। समर ने अपनी उँगलियों को मोड़कर उसके सीने को बेरहमी से भींचना शुरू किया, जैसे उन्हें मसल देना चाहता हो।

नेहा (कराहते और तड़पते हुए): "ऊउउह... समर... धीरे... बहुत ज़ोर से चुभ रहा है... आह!"

लेकिन समर पर इस वक्त वासना का जुनून सवार था। उसने एक हाथ से दबाते हुए दूसरा हाथ भी वहीं पहुँचाया और दोनों हाथों से उसकी कुर्ती को मुट्ठी में भरते हुए उसके सीने को बुरी तरह मसलने लगा। नेहा का शरीर बेड पर मछली की तरह तड़पने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे दर्द हो रहा है या वो मज़े में पागल हो रही है।

समर ने अपना मुँह नेहा के कान के पास लाया और उसकी गर्दन पर अपनी गर्म साँसें छोड़ते हुए बोला— "अभी तो मैंने हाथ लगाया है और तू अभी से काँपने लगी? आज तेरा सारा घमंड और ये कुंवारापन यहीं इस बेड पर निकलेगा।"

उसने कुर्ती के ऊपर से ही उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों और अँगूठे के बीच पकड़कर ज़ोर से मरोड़ दिया। नेहा ने एक लंबी चीख मारी और अपनी पीठ बेड से ऊपर उठा दी।

नेहा (हाँफते हुए): "आह्ह्ह! समर... तुम बहुत गंदे हो... उफ्फ... ज़ोर से और ज़ोर से दबाओ... मुझे फाड़ दो समर... आह!"

जब समर ने सुना कि नेहा को इस रफ बर्ताव में मज़ा आ रहा है, तो उसने अपनी पकड़ और खूंखार कर दी। वह उसके ऊपर पूरी तरह लेट गया और अपने शरीर के निचले हिस्से को उसकी जाँघों के बीच ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगा।

अगला हिस्सा: क्या समर अब उसकी कुर्ती के बटन फाड़ देगा या सीधे उसकी जींस के बटन पर हाथ डालेगा? क्या आप चाहते हैं कि मैं इस रफ सीन को और आगे बढ़ाऊँ?

Ha banao but deep me ek ek moment ko deep me

समर का पागलपन अब सातवें आसमान पर था। उसने नेहा के दोनों हाथों को एक हाथ से ऊपर की तरफ़ जकड़ लिया और अपने दूसरे हाथ को नेहा की कुर्ती के बटनों पर ले गया।

समर (दाँत पीसते हुए): "बहुत देर से ये पर्दा बीच में आ रहा है... अब इसे हटना होगा।"

उसने बिना किसी नजाकत के कुर्ती का पहला बटन खींचा, जो टूटकर कमरे के फर्श पर जा गिरा। एक-एक करके उसने तीन बटन तोड़ दिए। कुर्ती का गला अब ढीला होकर कन्धों से नीचे सरक गया था। नेहा की सफेद ब्रा अब समर की नज़रों के सामने थी, जिसमें से उसके दूधिया उभार बाहर निकलने को बेताब दिख रहे थे।

? रफ और गहरा अहसास
समर ने कुर्ती को दोनों तरफ से झटके से फैला दिया और अपना चेहरा सीधे नेहा के सीने के बीच की गहरी लकीर (cleavage) में गड़ा दिया। नेहा का पूरा जिस्म बिजली के झटके की तरह काँप उठा।

नेहा (कराहते हुए): "आह्ह्ह... समर... उफ्फ... तुम्हारी दाढ़ी चुभ रही है... म्म्म... बहुत ज़ोर से लग रहा है..."

समर ने अपनी ज़ुबान निकाली और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके निप्पल्स को गीला करना शुरू किया। कपड़े के आर-पार जब समर की गर्म लार नेहा के बदन को छुई, तो वह बेहाल हो गई। समर ने अचानक अपना मुँह खोला और ब्रा के कपड़े के समेत ही उसके पूरे उभार को अपने मुँह में भर लिया और ज़ोर से काटा।

नेहा (चीखते हुए): "आआआह! मर गई... समर... तुम जानवर हो... आह... पर मत रुको... और ज़ोर से...!"

?️ बेकाबू हाथ
समर ने अब नेहा के हाथों को आज़ाद कर दिया, लेकिन नेहा के हाथ अब खुद-ब-खुद समर की पीठ को नाखूनों से खरोंचने लगे थे। समर का हाथ अब नीचे की तरफ सरका और नेहा की टाइट जींस के ऊपर पहुँचा। उसने हथेली को सीधे उसकी जांघों के बीच (crotch) पर रखा और ज़ोर से दबाया।

जींस का कपड़ा सख्त था, लेकिन समर का दबाव इतना ज़्यादा था कि नेहा की चूत (vagina) के होंठों को वह दबाव साफ़ महसूस हो रहा था। समर ने अपनी उँगलियों से जींस के ऊपर से ही उस जगह को ज़ोर-ज़ोर से रगड़ना शुरू किया।

समर (फिसफिसाकर): "यहाँ तो बाढ़ आई हुई है नेहा... ऊपर से ही इतनी गीली हो गई है तू? सोच जब मैं इस जींस को उतारूँगा, तो क्या हाल होगा?"

उसने अपनी उँगलियों को हुक की तरह बनाया और जींस की ज़िप के पास वाले हिस्से को ज़ोर-ज़ोर से रगड़ा। नेहा अपनी कमर को बार-बार ऊपर उठा रही थी ताकि समर का हाथ और गहराई से उसे महसूस हो सके।

? बेहिसाब तड़प
नेहा की आँखें अब आधी बंद थीं और मुँह से बस बेतरतीब आवाज़ें निकल रही थीं। समर ने अपनी बेल्ट खोली और अपनी पैंट के अंदर से अपना लोहे जैसा सख्त लंड निकाला। उसने उसे नेहा की जींस के ऊपर ही रखा और ऊपर-नीचे रगड़ने लगा।

नेहा (हांफते हुए): "समर... ये क्या है... इतना सख्त... आह... मुझे लग रहा है... मुझे अंदर चाहिए... प्लीज़... इसे अंदर डालो..."

समर (एक झटके में उसकी जींस का बटन खोलते हुए): "इतनी जल्दी क्या है? अभी तो तुझे ये एहसास दिलाना है कि तू आज पहली बार किसी मर्द के नीचे दबी है। आज तेरी ये टाइट चूत मेरा ये मोटा लंड पहली बार झेलेगी..."

समर ने जींस की ज़िप नीचे की और नेहा की पैंटी के किनारे को पकड़कर उसे नीचे की तरफ खींचने लगा।
Like Reply


Messages In This Thread
RE: Bhai Ki Behan Ki Virgin Chut Par Dost Ka Pehla Haq” part 1 - by Shipra Bhardwaj - 21-12-2025, 10:25 AM



Users browsing this thread: