21-12-2025, 10:23 AM
समर ने नेहा की कमर पकड़ी और उसे एक झटके में उठाकर बेड पर पटक दिया। नेहा अभी संभल भी नहीं पाई थी कि समर बिजली की फुर्ती से उसके ऊपर आ गया। बेड के गद्दे नेहा के वजन से नीचे धंस गए और समर का पूरा भारी जिस्म उसके ऊपर था।
समर की आँखों में इस वक्त एक जंगलीपन था। उसने नेहा के दोनों हाथों को मजबूती से पकड़कर उसके सिर के ऊपर बेड से चिपका दिया। नेहा बेबस होकर नीचे दबी हुई थी, उसकी साँसें इतनी तेज़ थीं कि उसकी कुर्ती का सीना तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था।
समर (भारी और रफ आवाज़ में): "अब चिल्ला जितना चिल्लाना है... आज कोई तुझे मेरे चंगुल से नहीं बचाएगा, नेहा।"
समर ने अपनी पकड़ और मजबूत की और अपना एक हाथ नेहा के हाथों से हटाकर सीधे उसकी कुर्ती के ऊपर उसके स्तनों (boobs) पर रख दिया। नेहा के मुँह से एक सिसकारी निकली— "आह्ह... समर...!"
समर ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उसने कुर्ती के कपड़े के ऊपर से ही उसके मांसल उभारों को अपनी हथेली से ज़ोर से दबाना शुरू किया। उसका हाथ इतना सख्त था कि नेहा को कपड़े के अंदर अपनी खाल खिंचती हुई महसूस हो रही थी। समर ने अपनी उँगलियों को मोड़कर उसके सीने को बेरहमी से भींचना शुरू किया, जैसे उन्हें मसल देना चाहता हो।
नेहा (कराहते और तड़पते हुए): "ऊउउह... समर... धीरे... बहुत ज़ोर से चुभ रहा है... आह!"
लेकिन समर पर इस वक्त वासना का जुनून सवार था। उसने एक हाथ से दबाते हुए दूसरा हाथ भी वहीं पहुँचाया और दोनों हाथों से उसकी कुर्ती को मुट्ठी में भरते हुए उसके सीने को बुरी तरह मसलने लगा। नेहा का शरीर बेड पर मछली की तरह तड़पने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे दर्द हो रहा है या वो मज़े में पागल हो रही है।
समर ने अपना मुँह नेहा के कान के पास लाया और उसकी गर्दन पर अपनी गर्म साँसें छोड़ते हुए बोला— "अभी तो मैंने हाथ लगाया है और तू अभी से काँपने लगी? आज तेरा सारा घमंड और ये कुंवारापन यहीं इस बेड पर निकलेगा।"
उसने कुर्ती के ऊपर से ही उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों और अँगूठे के बीच पकड़कर ज़ोर से मरोड़ दिया। नेहा ने एक लंबी चीख मारी और अपनी पीठ बेड से ऊपर उठा दी।
नेहा (हाँफते हुए): "आह्ह्ह! समर... तुम बहुत गंदे हो... उफ्फ... ज़ोर से और ज़ोर से दबाओ... मुझे फाड़ दो समर... आह!"
जब समर ने सुना कि नेहा को इस रफ बर्ताव में मज़ा आ रहा है, तो उसने अपनी पकड़ और खूंखार कर दी। वह उसके ऊपर पूरी तरह लेट गया और अपने शरीर के निचले हिस्से को उसकी जाँघों के बीच ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगा।
समर की आँखों में इस वक्त एक जंगलीपन था। उसने नेहा के दोनों हाथों को मजबूती से पकड़कर उसके सिर के ऊपर बेड से चिपका दिया। नेहा बेबस होकर नीचे दबी हुई थी, उसकी साँसें इतनी तेज़ थीं कि उसकी कुर्ती का सीना तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था।
समर (भारी और रफ आवाज़ में): "अब चिल्ला जितना चिल्लाना है... आज कोई तुझे मेरे चंगुल से नहीं बचाएगा, नेहा।"
समर ने अपनी पकड़ और मजबूत की और अपना एक हाथ नेहा के हाथों से हटाकर सीधे उसकी कुर्ती के ऊपर उसके स्तनों (boobs) पर रख दिया। नेहा के मुँह से एक सिसकारी निकली— "आह्ह... समर...!"
समर ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उसने कुर्ती के कपड़े के ऊपर से ही उसके मांसल उभारों को अपनी हथेली से ज़ोर से दबाना शुरू किया। उसका हाथ इतना सख्त था कि नेहा को कपड़े के अंदर अपनी खाल खिंचती हुई महसूस हो रही थी। समर ने अपनी उँगलियों को मोड़कर उसके सीने को बेरहमी से भींचना शुरू किया, जैसे उन्हें मसल देना चाहता हो।
नेहा (कराहते और तड़पते हुए): "ऊउउह... समर... धीरे... बहुत ज़ोर से चुभ रहा है... आह!"
लेकिन समर पर इस वक्त वासना का जुनून सवार था। उसने एक हाथ से दबाते हुए दूसरा हाथ भी वहीं पहुँचाया और दोनों हाथों से उसकी कुर्ती को मुट्ठी में भरते हुए उसके सीने को बुरी तरह मसलने लगा। नेहा का शरीर बेड पर मछली की तरह तड़पने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे दर्द हो रहा है या वो मज़े में पागल हो रही है।
समर ने अपना मुँह नेहा के कान के पास लाया और उसकी गर्दन पर अपनी गर्म साँसें छोड़ते हुए बोला— "अभी तो मैंने हाथ लगाया है और तू अभी से काँपने लगी? आज तेरा सारा घमंड और ये कुंवारापन यहीं इस बेड पर निकलेगा।"
उसने कुर्ती के ऊपर से ही उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों और अँगूठे के बीच पकड़कर ज़ोर से मरोड़ दिया। नेहा ने एक लंबी चीख मारी और अपनी पीठ बेड से ऊपर उठा दी।
नेहा (हाँफते हुए): "आह्ह्ह! समर... तुम बहुत गंदे हो... उफ्फ... ज़ोर से और ज़ोर से दबाओ... मुझे फाड़ दो समर... आह!"
जब समर ने सुना कि नेहा को इस रफ बर्ताव में मज़ा आ रहा है, तो उसने अपनी पकड़ और खूंखार कर दी। वह उसके ऊपर पूरी तरह लेट गया और अपने शरीर के निचले हिस्से को उसकी जाँघों के बीच ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगा।


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