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Bhai Ki Behan Ki Virgin Chut Par Dost Ka Pehla Haq” part 1
#6
(21-12-2025, 10:20 AM)Shipra Bhardwaj Wrote: ? ओयो (OYO) का वो कमरा

शाम के 4 बज रहे थे। Neha जींस और कुर्ती में थी, हाथ थोड़े काँप रहे थे। Ankit को उसने सहेली के घर जाने का बहाना बनाया था। Samar होटल के गेट पर ही खड़ा उसका इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही Neha पास पहुँची, Samar ने बस उसका हाथ पकड़ा। वह हाथ बर्फ की तरह ठंडा था।

कमरे के अंदर दाखिल होते ही दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ ने Neha के दिल की धड़कन और तेज़ कर दी।

Samar (धीरे से, उसके पास आते हुए): "इतना डर क्यों रही हो? मैंने कहा था ना, मैं हूँ तुम्हारे साथ।"

Neha (नज़रें झुकाकर): "डर नहीं रही... बस, पहली बार है ना... समझ नहीं आ रहा क्या करूँ।"

❤️ पहली नज़दीकी

Samar ने Neha के कंधे पर हाथ रखा और उसे अपनी ओर घुमाया। उसने अपनी उँगलियों से Neha की ठोड़ी (chin) को ऊपर उठाया। Neha की आँखों में हल्की नमी और बेइंतहा चाहत थी।

Samar का चेहरा धीरे-धीरे उसके करीब आने लगा। Neha ने अपनी आँखें भींच लीं। उसे Samar की गरम साँसें अपने चेहरे पर महसूस हो रही थीं।

Samar (फुसफुसाकर): "तुम्हें पता है Neha, तुम इस वक़्त कितनी प्यारी लग रही हो?"

इससे पहले कि Neha कुछ बोल पाती, Samar के होंठ उसके माथे पर टिक गए। एक लंबा और सुकून भरा बोसा (kiss)। Neha का शरीर जो अब तक अकड़ा हुआ था, धीरे-धीरे ढीला पड़ने लगा।

? पहला गहरा Kiss

Samar अब और नहीं रुकना चाहता था। उसने Neha की कमर में हाथ डाला और उसे अपनी ओर ज़ोर से खींच लिया। Neha के हाथ अपने आप Samar के कंधों पर जम गए।

Samar ने अपने होंठ Neha के होंठों के करीब लाए। शुरू में बस एक हल्का सा स्पर्श था—जैसे दो रूहें एक-दूसरे को टटोल रही हों। लेकिन अगले ही पल, Samar ने गहराई से उसके निचले होंठ को अपने होंठों के बीच ले लिया।

Neha (दबे स्वर में): "उफ्फ... Samar..."

यह Neha का पहला Kiss था। उसे लगा जैसे उसके पैर ज़मीन छोड़ रहे हों। Samar का अंदाज़ बहुत धीमा और गहरा था। उसने Neha के होंठों को चूसना शुरू किया, जैसे वह हर कतरे का स्वाद लेना चाहता हो।

Neha ने भी धीरे-धीरे रिस्पॉन्स देना शुरू किया। उसकी घबराहट अब एक मीठी प्यास में बदल चुकी थी। Samar की ज़ुबान ने जब Neha के होंठों को छुआ, तो Neha के मुँह से एक हल्की आह निकल गई।

✨ गर्दन तक का सफर

Kiss इतना गहरा था कि दोनों की साँसें फूलने लगीं। Samar ने अपने होंठ हटाए, लेकिन वह दूर नहीं गया। वह Neha के कान के पास झुका और धीरे से अपनी ज़ुबान वहाँ फेरी।

Samar (भारी आवाज़ में): "तुम्हारी खुशबू... मुझे पागल कर रही है Neha।"

वह धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ा। उसके होंठ अब Neha की गर्दन पर थे। Neha ने अपना सिर पीछे की ओर झुका लिया, जिससे उसकी गर्दन का पूरा हिस्सा Samar के लिए खुल गया।

जब Samar ने उसकी गर्दन पर एक छोटा सा "Love bite" दिया, तो Neha के हाथों ने Samar के बालों को कसकर पकड़ लिया।

Neha (कराहते हुए): "आह्ह... Samar... तुम क्या कर रहे हो... मज़ा आ रहा है पर... बहुत अजीब लग रहा है..."

⏳ इंतज़ार की घड़ी

Samar ने उसे ज़ोर से गले लगा लिया। दोनों का दिल एक ही रफ़्तार से धड़क रहा था।

Samar: "ये तो बस शुरुआत है Neha। आज मुझे अपनी रूह में बसा लो।"

Neha ने अपना चेहरा उसके सीने में छुपा लिया। वह जानती थी कि आज की शाम उसके जीवन को हमेशा के लिए बदलने वाली है। वह अपने "भाई के दोस्त" की बाँहों में थी, और उसे अब किसी बात का डर नहीं था।

समर ने नेहा की कमर पकड़ी और उसे एक झटके में उठाकर बेड पर पटक दिया। नेहा अभी संभल भी नहीं पाई थी कि समर बिजली की फुर्ती से उसके ऊपर आ गया। बेड के गद्दे नेहा के वजन से नीचे धंस गए और समर का पूरा भारी जिस्म उसके ऊपर था।

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समर की आँखों में इस वक्त एक जंगलीपन था। उसने नेहा के दोनों हाथों को मजबूती से पकड़कर उसके सिर के ऊपर बेड से चिपका दिया। नेहा बेबस होकर नीचे दबी हुई थी, उसकी साँसें इतनी तेज़ थीं कि उसकी कुर्ती का सीना तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था।
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समर (भारी और रफ आवाज़ में): "अब चिल्ला जितना चिल्लाना है... आज कोई तुझे मेरे चंगुल से नहीं बचाएगा, नेहा।"
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समर ने अपनी पकड़ और मजबूत की और अपना एक हाथ नेहा के हाथों से हटाकर सीधे उसकी कुर्ती के ऊपर उसके स्तनों (boobs) पर रख दिया। नेहा के मुँह से एक सिसकारी निकली— "आह्ह... समर...!"
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समर ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उसने कुर्ती के कपड़े के ऊपर से ही उसके मांसल उभारों को अपनी हथेली से ज़ोर से दबाना शुरू किया। उसका हाथ इतना सख्त था कि नेहा को कपड़े के अंदर अपनी खाल खिंचती हुई महसूस हो रही थी। समर ने अपनी उँगलियों को मोड़कर उसके सीने को बेरहमी से भींचना शुरू किया, जैसे उन्हें मसल देना चाहता हो।
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नेहा (कराहते और तड़पते हुए): "ऊउउह... समर... धीरे... बहुत ज़ोर से चुभ रहा है... आह!"
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लेकिन समर पर इस वक्त वासना का जुनून सवार था। उसने एक हाथ से दबाते हुए दूसरा हाथ भी वहीं पहुँचाया और दोनों हाथों से उसकी कुर्ती को मुट्ठी में भरते हुए उसके सीने को बुरी तरह मसलने लगा। नेहा का शरीर बेड पर मछली की तरह तड़पने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे दर्द हो रहा है या वो मज़े में पागल हो रही है।
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समर ने अपना मुँह नेहा के कान के पास लाया और उसकी गर्दन पर अपनी गर्म साँसें छोड़ते हुए बोला— "अभी तो मैंने हाथ लगाया है और तू अभी से काँपने लगी? आज तेरा सारा घमंड और ये कुंवारापन यहीं इस बेड पर निकलेगा।"
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उसने कुर्ती के ऊपर से ही उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों और अँगूठे के बीच पकड़कर ज़ोर से मरोड़ दिया। नेहा ने एक लंबी चीख मारी और अपनी पीठ बेड से ऊपर उठा दी।
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नेहा (हाँफते हुए): "आह्ह्ह! समर... तुम बहुत गंदे हो... उफ्फ... ज़ोर से और ज़ोर से दबाओ... मुझे फाड़ दो समर... आह!"
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जब समर ने सुना कि नेहा को इस रफ बर्ताव में मज़ा आ रहा है, तो उसने अपनी पकड़ और खूंखार कर दी। वह उसके ऊपर पूरी तरह लेट गया और अपने शरीर के निचले हिस्से को उसकी जाँघों के बीच ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगा।
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RE: Bhai Ki Behan Ki Virgin Chut Par Dost Ka Pehla Haq” part 1 - by Shipra Bhardwaj - 21-12-2025, 10:22 AM



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