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Adultery एक पत्नी का सफर
#32
सुबह 8:45 बजे, कमरा 204

पूजा की आँख खुली तो सबसे पहले रात का वो पल याद आया।
रेणु का माथे पर लंबा सा किस… उसकी गर्म साँसें… वो फुसफुसाहट।
पूजा का चेहरा एकदम लाल हो गया। उसने तकिया मुँह में दबाकर शर्मा लिया।

रेणु तैयार हो रही थी, हँसते हुए बोली,
“अरे क्या हुआ डार्लिंग? किस ही तो किया था… कौन सा तुझे चोद दिया मैंने रात को?”

“शटअप रेणु!”
पूजा ने तकिया फेंका और दोनों हँस पड़ीं।
फिर रेणु ने उसका हाथ पकड़ा, बहुत नरमी से,

“यार देख… तूने बहुत बहादुरी का काम किया है।
मुन्ना जैसा हरामी जेल में है।
तू चिंता मत कर, सब ठीक हो जाएगा।
चल कॉलेज।”

पूजा ने सिर हिलाया, आँखें नीची करके,
“नहीं यार… आज मेरा मन नहीं है। मैं यहीं रुकती हूँ।”

“तेरी मर्ज़ी। आराम कर तू।”
रेणु ने जाते-जाते उसका माथा चूमा और चली गई।

पूजा अकेली रह गई।
संजय को फ़ोन किया।
बात हुई, पर मुन्ना के बारे में कुछ नहीं बताया।
फ़ोन रखा तो कॉल हिस्ट्री में राजू का नंबर दिखा।
कल की उसकी कड़वी बातें कानों में गूँज गईं।
पूजा का दिल बैठ गया।

वो वॉर्डन आंटी के पास गई,
“राजू का कुछ पता है…?”

“पास की बस्ती में रहता है बेटी। चौक से राइट… किसी से भी पूछ लेना, राजू इलेक्ट्रीशियन।”

पूजा निकल पड़ी।
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RE: एक पत्नी का सफर - by Tiska jay - 25-11-2025, 10:23 PM



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