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Adultery Mother Secret Affair..2
#8
मेरी शर्ट सामने से पूरी खुली थी और ब्रा में से मेरे आधे से ज़्यादा चूची बाहर झाँक रहे थे। आशीष ने मेरी बेल्ट खोली और फिर स्कर्ट उतार दी, मेरी पैन्टी के ऊपर से ही मेरी चूत को किस किया, चाटा.. सहलाया और फिर मेरी शर्ट भी उतार दी।

अब मैं सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में थी।

मैंने कहा- अच्छा जी.. मेरे कपड़े उतार दिए और अपने पहने हो.. अपने भी उतारो।

‘अरे जानेमन, तू उतार दे.. ले शर्ट और बनियान मैं उतार देता हूँ..!’ ये कह कर उसने अपनी टाई, शर्ट और बनियान भी उतार दी।

मैंने अपने जूते और ज़ुराबें भी उतार दीं और नीचे बैठकर उसकी बेल्ट ढीली की और पैन्ट की हुक और ज़िप खोली।
पैन्ट ढीली हो कर नीचे गिर गई। उसकी चड्डी में उसका तना हुआ लंड साफ़ दिख रहा था।
उसने एक झटके से अपनी चड्डी नीचे की, तो खटाक से उसका लंड बाहर निकला और मेरी नाक पे लगा।

हम दोनों हँस पड़े।

आशीष ने मेरा हाथ पकड़कर अपना लंड मेरे हाथ में पकड़ाया और बोला- पकड़ इसे.. कैसा लगा..!

जैसे कोई लकड़ी के डंडे पे रबर चढ़ा दी हो। मैं 1-2 मिनट उससे खेलती रही तो आशीष बोला- इसे मुँह में लेकर चूस..!

‘नहीं… मुझे अच्छा नहीं लगता..!’
‘अरे ट्राइ तो कर..!’
‘नहीं..!’

पर उसने ज़बरदस्ती मेरे मुँह पर लगा दिया। मैंने भी ट्राइ करने के लिए मुँह खोला और उसका लंड मुँह में लिया। बड़ा ही बकबका, गंदा सा स्वाद और अजीब सी फीलिंग थी।

मैंने सिर्फ़ मुँह में लिया तो आशीष बोला- सिर्फ़ मुँह में मत रख… इसे चूस.. जैसे बच्चा अपनी माँ का दुद्धू चूसता है.. और मुँह को आगे-पीछे चलाओ..!

मैंने वैसा ही किया, पर मुझे ये सब अच्छा नहीं लग रहा था। खैर 2-3 मिनट चूसने के बाद उसे मुँह से निकाल दिया। आशीष ने मुझे खड़ा किया और मेरी ब्रा उतार दी और पैन्टी भी उतार दी।

अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे।
आशीष ने मेरे चूची को हाथों में पकड़ लिया और निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा। उसने मुझे गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया। फिर मेरे ऊपर लेट गया और मेरे चूची को चूसने लगा।

मेरी चूत पूरी तरह से पानी से भीग चुकी थी। फिर आशीष उठा और रसोई में जाकर मक्खन ले आया, लाकर उसने मेरे चूची पर लगाया और चाटने लगा।

मेरी तो हालत ही खराब हो रही थी। मुझे लग रहा था कि जैसे आशीष मुझे तड़पा रहा है कि मैं खुद ही उसे सेक्स के लिए कह दूँ। मैं चादर को मुठ्ठियों में भींच रही, एड़ियाँ रगड़ रही थी, कमर उचका रही थी।

‘एक और मज़ा दूँ..!’ ये कहकर आशीप ने काफ़ी सारा बटर मेरी चूत पर लगा दिया और मुँह लगाकर चाटने लगा।

ये तो बहुत ही नजारेदार, मज़ेदार और ना-काबिले बर्दाश्त चीज़ थी।
उसने अपना पूरा मुँह मेरी टाँगों के बीच में घुसा दिया और अपनी लंबी जीभ मेरी चूत के दाने और छेद पर फिरा कर चाटने लगा।

वो सारा बटर चाट गया और मेरी चूत से रिसता पानी भी चाट गया।

मैंने आशीष को अपने ऊपर खींच लिया और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। मेरी टाँगें पूरी तरह से खुली हुई थीं। आशीष मेरी टाँगों के बीच में फिट हो गया। अब उसका लंड बिल्कुल मेरी चूत के छेद पर टिका हुआ था।

यह मेरी जिन्दगी का पहला सेक्स था, सो आशीष बोला- आर यू रेडी फॉर टीज.. जान..!

मैंने ‘हाँ’ में सर हिलाया, तो आशीष ने अपने लंड और मेरी चूत पर और बटर लगाया तो उसका लंड बिल्कुल चिकना हो चुका था।

उसके कहने पर मैंने उसका लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर सैट किया।

आशीष ने मेरे होंठ अपने होंठों में लेकर अपने लंड को ज़ोर लगा कर मेरी चूत में घुसेड़ा।

मेरी दर्द के मारे चीख निकल गई, पर मेरे होंठ आशीष के होंठों में होने के कारण मेरी चीख आशीष के मुँह में ही दब गई।

मेरी आँखों से आँसू निकल गए, पर आशीष ने मेरी हालत पर कोई तरस नहीं किया। थोड़ा सा पीछे हुआ और फिर ज़ोर लगाकर अपना लंड मेरे अन्दर घुसेड़ा।

उफ़फ्फ़, कितना तकलीफ़देह था…!

पर आशीष अपनी ही धुन में लगा रहा और अपना लंड अन्दर-बाहर करता रहा। सिर्फ़ 5-6 झटकों में ही उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया।

मैं दर्द के मारे बुरी तरह से रो रही थी।

‘प्लीज़ जान… प्लीज़.. मैं मर जाऊँगी.. प्लीज़ बाहर निकाल लो… बहुत बड़ा है.. प्लीज़ जान.. कल कर लेंगे… प्लीज़ निकाल लो..!’

पर वो अपना लंड अन्दर डालता रहा, जब मैं दर्द से फिर चीखी तो उसने मेरी ही टाई से मेरा मुँह बाँध दिया।

मेरे बार-बार रिक्वेस्ट करने पर उसने अपना लंड बाहर निकाला।

मैंने देखा उसका लंड खून से भीगा हुआ था। मैं अपनी वर्जिनिटी खो चुकी थी, मेरी चूत से काफ़ी खून निकला था जिस कारण, बेड पर भी खून के दाग लग गए थे।

मैं अपनी चूत को दोनों हाथों से पकड़कर साइड में लेट गई और रोती रही। आशीष मुझे चुप करता रहा और मुझे पानी पिलाया।

जब मैं कुछ ठीक हुई तो आशीष फिर मुझे प्यार करने लगा।

मैं नहीं चाहती थी, पर आशीष ने प्यार से मुझे समझाया- देखो जान.. फर्स्ट-टाइम सबको पेन होता है, इट्स नॉर्मल, बट हमें इस पेन को पार करके ही आगे जाना है और ज़िंदगी के मज़े लेने हैं, सो दर्द को भूल जाओ और ट्राइ टू एंजाय..!’

‘मुझे इतना दर्द हो रहा है और तुम्हें अपने मज़े की पड़ी है, साला.. कुत्ता, इतना दर्द तुम्हें होता तो पता चलता.. नहीं.. मुझे नहीं करना…!’

पर आशीष ने बड़े संयम से मुझे समझाया और आख़िर मैंने उसकी बात मान ली। आशीष ने फिर मेरी चूत और अपने लौड़े पर बटर लगाया और दोबारा, अपने लंड मेरी चूत में घुसा दिया।

इस बार पहले जितना दर्द तो नहीं हुआ, पर जहाँ से मेरी स्किन फटी थी जब वहाँ पर लंड की रगड़ लगती थी तो दर्द होता था।

बेशक़ मुझे दर्द हो रहा था, पर आशीष ने बड़े प्यार से मेरे साथ चुदाई करता रहा। पहले धीरे-धीरे, फिर थोड़ा तेज़ फिर और तेज़।

करीब 12-13 मिनट मेरे साथ सेक्स करता रहा, मेरे चूची को चूसता रहा, मेरे होंठ, मेरी जीभ चूसता रहा। आख़िर में तो वो मेरा सारा दर्द भूल कर पूरे ज़ोर से स्ट्रोक्स मारने लगा।

ये मेरे लिए बहुत असहनीय था, वो अपना पूरा लंड मेरे अन्दर डाल और बाहर निकाल रहा था।

हम दोनों को पसीना आ रहा था, दिल की धड़कने तेज़ हो रही थीं। साँस तेज़ हो गई थीं।

फिर अचानक उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और आगे आ कर मेरी छाती पर रख दिया, वो अपने हाथ से अपनी मुठ मारने लगा।

तभी पिचकारी की तरह से उसके लौड़े से गरम गाड़ा सफेद सा लिक्विड निकाला और मेरे चूत पर गिरा दिया।

सारे चूत पर सफ़ेद छींटे यहाँ-वहाँ गिरे पड़े थे।

चूत मेरे ऊपर ही गिर पड़ा।

कुछ देर आराम करने के बाद वो उठा, मैं भी उठी, हम दोनों बाथरूम में गए, एक साथ नहाए।

वापिस आकर अपनी अपनी यूनिफॉर्म पहनी और तैयार हो कर, कॉलेज चले गए।

दर्द की वजह से एग्जाम भी अच्छा नहीं हुआ। एग्जाम के बाद घर आई तो सीधे अपने बाथरूम में गई, वहाँ कपड़े बदलते हुए, पैन्टी उतार कर देखा तो चूत पूरी सूजी हुई थी।

मम्मी ने पूछा- क्या हुआ शालिनी , तू चल कैसे रही है?

मैंने झूठ ही कह दिया, मम्मी कॉलेज में सीड़ियों पर गिर गई थी।
माँ ने मुझे घूर कर देखा, जैसे डॉक्टर कोई एग्ज़ॅमिनेशन कर रहा हो।
मुझे उनका इस तरह से घूरना बड़ा अजीब लगा, पर वो कुछ नहीं बोलीं।

मैंने चाय पी और अपने कमरे में जाकर लेट गई।
अपनी पैन्टी पर हाथ लगाया और मन में बोली- साली आज तू भी चुद गई, मुबारक हो..!
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Messages In This Thread
Mother Secret Affair..2 - by Puja3567853 - 10-02-2025, 01:40 PM
Mother secret affair 2 - by Puja3567853 - 12-02-2025, 08:02 AM
Mother secret affair 2 - by Puja3567853 - 12-02-2025, 08:06 AM
RE: Mother Secret affair next part - by Puja3567853 - 14-02-2025, 12:28 PM
Mother Secret affair 2 - by Puja3567853 - 14-02-2025, 12:41 PM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 20-02-2025, 11:15 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 20-02-2025, 11:47 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by momass - 05-03-2025, 08:32 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 19-04-2025, 11:56 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 19-04-2025, 12:04 PM
RE: Mother Secret Affair........... 2 - by Xossiy - 12-05-2025, 12:01 PM
RE: Mother Secret Affair........... 2 - by Xossiy - 13-05-2025, 03:21 PM
RE: Mother Secret Affair..2 - by Puja3567853 - 08-10-2026, 10:45 PM



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