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Adultery Mother Secret Affair..2
#6
अब आगे....... शादी से पहले मेरी चुदाई 

मेरा नाम शालिनी सिंह है और मैं झारखंड में रहती हूँ, कहाँ रहती हूँ यह जानकर आपने क्या करना है।

तो बात तब की है जब मैं 10वीं क्लास में थी। हमारी क्लास में ही आशीष नाम एक लड़का पढ़ता था, मेरी उससे अच्छी दोस्ती थी।

कभी-कभार वो बदतमीज़ी करता और दोस्ती से आगे बढ़ जाता था, पर मैंने भी कभी उसके गंदे मज़ाक़ को सीरियसली नहीं लिया और इग्नोर कर देती थी।

इसी तरह से हमारा दोस्ताना चलता रहा।
बारहवीं तक आते-आते मेरी जवानी भी बहुत उभर कर सामने आई और आशीष भी मर्दानगी से भरने लगा, पर अब वो मुझसे बदतमीज़ी नहीं करता था, हम दोनों एक-दूसरे से हर बात खुल कर करते थे, हम दोनों की बातचीत में कोई परदा नहीं था, पर हम कभी एक-दूसरे के सामने नंगे भी नहीं हुए थे।

हाँ.. चूमा-चाटी को कभी मैंने मना नहीं किया, दसवीं क्लास में उसने मुझे पहली बार चुम्बन किया था और तब से जब भी मौक़ा मिलता है, वो मुझे चुम्मी कर लेता, या जब मेरा दिल करता मैं उसे चुम्मी कर लेती थी।

एक-दूसरे को ज़ोर से बाँहों में भरना, जफ्फियाँ डालना आदि ये सब नॉर्मल था।
जब हम सामने से गले मिलते तो उसके सख़्त मर्दाना सीने को मैं अपने नर्म-नर्म चूची पर महसूस करती और सोचती कि काश मैं इसकी बाँहों में हमेशा ऐसे ही क़ैद रहूँ।
जब वो पीछे से मुझे बाँहों में भरता तो उसका लंड मैं अपने चूतड़ों के बीच में महसूस करती।

आते-जाते पीठ पर मुक़्क़ा मारना या एक-दूजे के कूल्हों पर चपत लगाना तो आम था। वो अक्सर शरारत से मेरी स्कर्ट के अन्दर झाँकने की कोशिश करता था।
वैसे भी हमारे कॉलेज में स्कर्ट घुटनों के ऊपर होती थी, तो गोरी-गोरी जांघें देखकर अक्सर लड़कों की पैन्ट टाइट हो जाती थी, मुझे आशीष से कभी शर्म नहीं आई थी।

फिर जवानी के बढ़ते-बढ़ते हमारी दोस्ती प्यार में बदलने लगी और एक दिन आशीष ने मुझसे अपने प्यार का इज़हार किया, जिसे मैंने भी मान लिया।

सारी क्लास को पता चल गया कि मैं आशीष की आफीशियल गर्ल-फ्रेंड हूँ।

गर्ल-फ्रेंड होने की वजह से अब हम अक्सर साथ-साथ घूमने भी जाते थे, सिनेमा में, पार्क में, रेस्टोरेंट में हम अक्सर मिलते और इन जगहों पर मौक़ा पाकर आशीष मेरे चूची को खूब दबाता, होंठ चूसता, पैन्टी में हाथ डाल कर मेरी चूत के दाने को मसलता।

उसका हाथ लगते ही मैं तड़प उठती। हम दोनों सेक्स करना चाहते थे, पर कोई ऐसी सुरक्षित जगह नहीं थी जहाँ हम कर पाते।

उधर +2 की वार्षिक परीक्षा आ गई।

जिस दिन हमारा गणित का पेपर था, आशीष ने मुझे कहा- शालिनी , तू ऐसा कर कि घर पर बोल देना, मैथ्स की स्पेशल क्लास है, पेपर से पहले सुबह को हो कॉलेज जाना है। हम मेरे घर पर थोड़ी प्रैक्टिस कर लेंगे।

मैंने कहा- तेरे घर पर क्यों? मेरे घर आ जा, वहीं पढ़ लेंगे..!
‘अरे नहीं.. मेरे घर आना!’
बस यह कहकर चला गया।

क्योंकि हमारे घर भी ज़्यादा दूर नहीं थे, सो मैं घर पर बोल आई कि सहेली के घर पढ़ने जा रही हूँ, वहीं से खाना खाकर कॉलेज जाऊँगी।

तो मम्मी ने भेज दिया।

मैंने रुटीन की तरह तैयार होकर, कॉलेज यूनिफॉर्म में ही घर से निकली और सीधी आशीष के घर जा पहुँची। आशीष घर पर ही मिला, पर उसके घर में कोई नहीं था।

मैंने पूछा तो बोला सब एक शादी में गए हैं, शाम तक वापिस आएँगे। हम दोनों अन्दर जाकर आशीष के रूम में बैठ गए। आशीष गया और चाय बना लाया। हमने चाय पी।

मैं बेड पर बैठी थी और आशीष मेरे सामने चेयर पर बैठा था।
मेरी स्कर्ट मेरे घुटनों से 2-3 इंच ऊपर थी। जो अक्सर ऐसे ही रहती थी, पर आज मुझे आशीष के सामने ऐसे बैठने में शर्म आ रही थी।
मैं बार-बार अपनी स्कर्ट नीचे खींच रही थी कि मेरी टाँगें ना दिखें।

यह देख कर आशीष बोला- क्यों साली को नीचे खींच रही है, ज़्यादा शर्मीली बन रही है।

‘अरे नहीं, वो बात नहीं यार… बस वैसे ही मुझे लगता है कि यह स्कर्ट कुछ ज़्यादा ही छोटी है।’

‘ये छोटी है, मैं तो चाहता हूँ कि तुम इतनी ऊँची स्कर्ट पहनो…!’ ये कह कर आशीष ने मेरी स्कर्ट का पल्ला उठाया और मेरी जांघों के बिल्कुल ऊपर ले जाकर रख दिया।

हाय राम… मेरी तो पूरी जांघें ही उसके सामने नंगी हो गईं और मैं तो शर्मा गई..!

मैंने झट से अपनी स्कर्ट ठीक की और खड़ी हो कर बोली- चल बुक्स निकाल और पढ़ाई शुरू कर… शरारतें मत कर..!

कहने को तो मैंने कह दिया, पर मेरा दिल इतने ज़ोर से धड़का कि मुझे पसीना आ गया। मैं डर गई कि अकेले पा कर क्या आशीष मेरा फायदा उठाना चाहता है..!

मेरे खड़े होते ही आशीष भी उठ खड़ा हुआ और उसने मुझे बेड पर धक्का दे दिया। मैं बेड पे गिर पड़ी और मेरी स्कर्ट उठकर मेरे पेट पर आ गई।

अब तो मेरी चड्डी भी साफ़ दिख रही थी।

इससे पहले कि मैं संभलती, आशीष मेरे ऊपर आ गिरा, मेरे दोनों हाथ पकड़कर ऊपर उठा दिए और मुझे किस करने लगा।

बेशक़ मैंने किस में उसका साथ दिया, पर मैं अन्दर से डर रही थी। थोड़ी देर मेरे होंठ चूसने के बाद उसने मेरे हाथ छोड़ दिए और अपने दोनों हाथों से मेरे मम्मों को पकड़ लिया।

वो मेरे मम्मों को दबाने लगा और मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।

हम फिर से किस करने लगे। वो मेरा ऊपर वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसका नीचे वाला होंठ चूस रही थी।
साथ ही साथ हम एक-दूसरे के होंठों पर अपनी-अपनी जीभ भी फेर रहे थे, कभी एक-दूसरे की जीभ भी चूस लेते थे।

फिर आशीष ने मेरी टाई ढीली की और निकाल दी, उसके बाद मेरी शर्ट के बटन खोलने शुरू किए। मैंने झट से उसके हाथ पकड़ लिए।

‘नहीं आशीष, आज नहीं फिर कभी..!’
‘क्यों, आज क्यों नहीं?’

‘अरे आज एग्जाम है, प्लीज़.. फिर कभी सही..!’
‘नहीं.. आज ही मौक़ा है, आज ही करेंगे और अभी करेंगे…!’

मैं कुछ बोलती इस से पहले ही आशीष ने फिर मेरे होंठ अपने होंठों में ले लिए। कमीज़ के सारे बटन खुल चुके थे।
मैंने उस दिन अंडर-शर्ट भी नहीं पहनी थी, कमीज़ के नीचे सिर्फ़ ब्रा था।

सो आशीष ने ब्रा में ही पकड़ कर मेरे चूची को दबाना शुरू कर दिया।
मैं भी समझ चुकी थी कि आज मेरी कौमार्य का आख़िरी दिन है, सो जो होना है होने दो, अगर आज मुझे चुदना है तो क्यों ना इस पल का मज़ा लूँ.. बजाए बेकार का विरोध करके उसकी भी मुश्किल बढ़ाऊँ।

मैंने भी अपनी टाँगों को आशीष की कमर की गिर्द कस दिया और अपनी पूरी जीभ बाहर निकाल कर उसके मुँह में दे डाली। आशीष ने भी मेरी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।

मुझे लगा जैसे मेरी चूत में से कुछ गीला-गीला सा निकलकर मेरी पैन्टी को भिगो रहा है और ऊपर से आशीष अपना तना हुआ लंड मेरे पेट पर रगड़ रहा था, जो मुझे बेक़ाबू कर रहा था।

मेरा दिल चाह रहा था कि उसे कहूँ कि इसे बाहर निकालकर दिखा, पर एक लड़की होने के कारण चुप ही रही। जब उसने देख लिया कि मैं उसे पूरा सहयोग दे रही हूँ तो उसने मुझे छोड़ा और उठ कर खड़ा हो गया।

मैं भी खड़ी हो गई।
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Messages In This Thread
Mother Secret Affair..2 - by Puja3567853 - 10-02-2025, 01:40 PM
Mother secret affair 2 - by Puja3567853 - 12-02-2025, 08:02 AM
Mother secret affair 2 - by Puja3567853 - 12-02-2025, 08:06 AM
Mother Secret affair 2 - by Puja3567853 - 14-02-2025, 12:41 PM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 20-02-2025, 11:15 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 20-02-2025, 11:47 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by momass - 05-03-2025, 08:32 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 19-04-2025, 11:56 AM
RE: XXX: Uncensored Story - by Puja3567853 - 19-04-2025, 12:04 PM
RE: Mother Secret Affair........... 2 - by Xossiy - 12-05-2025, 12:01 PM
RE: Mother Secret Affair........... 2 - by Xossiy - 13-05-2025, 03:21 PM
RE: Mother Secret Affair..2 - by Puja3567853 - 08-10-2026, 10:45 PM



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