28-01-2025, 03:35 PM
पीटर की चड्डी में तम्बू तना हुआ था जिसको पहले तो खाला ने बाहर से ही चूमा और फिर एक झटके से चड्डी नीचे कर दी.
जैसे ही खाला ने चड्डी नीचे खींची वैसे ही पीटर का लंड स्प्रिंग की तरह उछला और जोर से खाला की नाक से टकराया.
खाला ने दोनों हाथों से पीटर का लंड पकड़ा और प्यार से उसपर एक चुम्मा दे दिए और उसके टोपे पर अपनी जीभ फिरना शुरू कर दिया.
कुछ देर तक जीभ से पीटर के लंड के टोपे को सहलाने के बाद खाला ने लंड अपने मुंह में घुसा लिया और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी.
यह देख कर मैं भी बुरी तरह से गीली हो गई थी और मेरा मन कर रहा था कि खाला की गांड पर लात मार कर उसको भगा दूँ और खुद ही पीटर से चुदवा लूँ.
लेकिन में उनके रंग में भंग नहीं करना चाहती थी इसलिए मैंने अपनी जीन्स उतारी और उंगली से खुद को चोदना शुरू कर दिया.
उधर जब पीटर का लंड खाला के थूक से एकदम चिकना हो गया तो खाला ने अपनी चूत फैला ली और पीटर से अपना लंड घुसाने का इशारा किया.
अब पीटर ने अपना मूसल मेरी खाला की चूत पर रखा और एक जोरदार झटका दिया.
खचाक के साथ उसका विशाल लंड मेरी खाला की गोरी गोरी चूत में लगभग आधा घुस गया और मेरी खाला की बिग सेक्स से दर्दभरी जोरदार चीख निकल गई- हाय मार डाला मादरचोद के बच्चे ने … चुदी चुदाई औरत को चोद दिया।
अब पीटर ने थोड़ा और जोर लगाया और बचा हुआ लंड भी खाला की चूत में पेल दिया.
खाला की आँखों में आंसू आ गए लेकिन पीटर को दया नहीं आई.
पीटर मेरी खाला के रोने चीखने की परवाह किये बिना ही उनकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा.
खाला चीखने लगी- बाप रे, लंड है या लोहे का खम्भा है? इस लंड से तो मेरा सारा खानदान चुद जाएगा।
कुछ देर तक चोदने के बाद शायद खाला की चूत ढीली हो गई थी क्यूंकि उनका चीखना चिल्लाना बंद हो चुका था और वे भी अपनी गांड उछालने लगी थी.
काफी देर तक पीटर मेरी खाला को रंडी की तरह चोदता रहा और मेरी खाला भी पीटर के लंड के नीचे लेटी लेटी चुदाई के मजे लेती रही.
लगभग आधा घंटा चूत चोदने के बाद पीटर ने अपना लंड बाहर निकाला और खाला को कुतिया बनने को कहा.
वे घुटनों पर आ गई और अपनी गांड ऊपर उठा ली.
खाला की गांड का छेद देख कर पीटर बोला- ये तो बहुत छोटा है, किसी ने गांड नहीं मारी क्या आज तक?
खाला बोली- कॉलेज में एक बार मरवाई थो तो बहुत दर्द हुआ था, तब से किसी से नहीं मरवाई. आज तुम बिना रहम किये मेरी गांड मार लेना!
पीटर मेरे पास आया और मुझसे अपने लंड पर थूकने को कहा.
मैंने अपनी चूत में उंगली करते करते ही पीटर के लंड पर ढेर सारा थूक दिया.
पीटर ने मेरा थूक अपने लंड पर मल कर उसे चिकना किया और खाला की गांड पर टिका दिया.
फिर पीटर ने हल्का सा धक्का लगाया तो उसका लंड हल्का सा गांड में घुस गया और खाला की जोरदार चीख निकल गई.
खाला चीखते हुए बोली- रुक जा मादरचोद, एक मिनट सांस ले लेने दे फिर घुसा लेना!
लेकिन पीटर ने आव देखा ना ताव और भक्क से अपना सारा लंड खाला की गांड में पेल दिया.
खाला बुरी तरह से चीख पड़ी और छटपटाने लगी लेकिन पीटर पर कोई असर नहीं हुआ.
उसने अपना लंड आधा बाहर निकाला और एक बार फिर पूरा का पूरा मेरी खाला की गांड में पेल दिया.
अब पीटर ने धीरे धीरे अपना लंड हिलाना शुरू किया और खाला भी रोते रोते उसका साथ देने लगी.
कुछ देर रोने के बाद खाला आहें भरने लगी और गांड उचका उचका कर पीटर से मरवाने लगी.
लगभग पौने घंटे तक लगातार गांड चोदने के बाद पीटर ने अपना लंड बाहर निकाला और मेरी खाला के मुंह पर लाकर हिलाने लगा.
खाला ने लंड पकड़ा और अपने मुंह में डाल लिया.
तब खाला लंड ऐसे चूस रही थी जैसे भूखे बच्चे को लॉलीपॉप मिल गया हो.
अचानक पीटर का बदन झटके खाने लगा और पीटर अपना लंड मेरी खाला के मुंह से बाहर निकालने लगा.
शायद उसका पानी निकलने वाला था.
लेकिन मेरी खाला भी पीटर को लंड अपने मुंह से बाहर निकालने नहीं दे रही थी और सड़क छाप छिनाल की तरह उसके लंड को चूसे जा रही थी.
इसी छीना झपटी में पीटर की पिचकारी छूट गई.
दो तीन जोरदार बड़ी बड़ी पिचकारियां खाला के मुंह में ही निकल गईं और पीटर के लंड बाहर निकालते निकालते कुछ पिचकारियां मेरी खाला के चेहरे और बालों पर छूट गईं.
मेरी खाला के चेहरे से लेकर बालों तक माल की लम्बी और गाढ़ी लकीरें खिंच गईं और मेरी खूबसूरत खाला का चेहरा पीटर की मलाई से और भी खूबसूरत और चमकदार लगने लगा था.
खाला के बालों पर गिरा हुआ वीर्य बहते हुए उनके कंधों तक आ गया था.
मैं अपनी चूत में उंगली करना बंद करके उठी और अपनी खाला के पास आ गई.
मैंने खाला के कंधे से लेकर गर्दन तक अपनी जीभ फेरी और बहते हुए वीर्य को अपनी जीभ में समेट लिया.
फिर मैंने खाला के चेहरे को अपनी जीभ से चाट डाला और पीटर का गाढ़ा मलाईदार वीर्य अपने मुंह में समेट लिया.
यह देख कर मेरी खाला को गुस्सा आ गया और वे बोली- साली भाईचोद रंडी, मेरे माल पर नजर डालती है!
कहते हुए खाला ने पूरी ताकत से मेरी गर्दन नीचे झुका कर मेरे बाल खींच दिए तो मेरा मुंह खुल गया और मेरे मुंह में भरा हुआ वीर्य जमीन पर गिर गया.
खाला किसी भूखी कुतिया की तरह जमीन पर पड़ा हुआ वीर्य चाटने लगी और सारा फर्श साफ़ कर डाला.
लेकिन खाला की भूख अभी भी नहीं मिटी थी तो खाला पीटर की तरफ लपकी.
पीटर लगातार खाला का भोसड़ा खोदने के कारण थक चुका था और अधमरे कुत्ते की तरह जमीन पर हांफ रहा था.
उसका बड़ा मोटा लंड किसी मासूम चूहे जैसा लटक चुका था और उस पर वीर्य की बची खुची बूँदें मोतियों की तरह चमक रही थीं.
खाला ने उसका अधमरा लंड पकड़ा और बुरी तरह चूस कर बचा खुचा वीर्य भी पी लिया.
मेरी खाला का रंडीपना देख कर पीटर घबरा कर बाहर भाग गया.
कुछ देर में हम लोगों ने भी अपने बदन से पीटर का वीर्य साफ़ किया, अपने कपड़े पहने और घर आ गए.
मैंने खाला से हँसती हुई कहा- और सुनाओ रंडी खाला, आज की गांडफाड़ चुदाई से प्यास बुझी या नहीं?
खाला भी हँसती हुई बोली- अरे प्यास किधर बुझी, समझो कुछ बूँद बारिश भर हुई है बदन पर!
यह सुनकर मैं तो हक्की बक्की रह गई और बोली- अरे छिनाल, इतनी चुदाई के बाद और क्या चाहिए? कोठे पर ही क्यों नहीं बैठ जाती? दिन भर चुदवाती रहना!
खाला बोली- अरे कोठे पर भी तो एक एक करके ग्राहक आते हैं, मैं तो चाहती हूँ कि जिस गली से निकलूं उस गली के सारे मर्द मिलकर मुझे चोद दें, जिस मोहल्ले से निकलूं उस मोहल्ले के सारे मर्द मिलकर मुझे चोद दें, फुटबाल स्टेडियम में जाऊं तो सारा स्टेडियम मिलकर मुझ पर चढ़ जाए.
मैं बोली- बाप रे, ऐसी भयानक चुदास तो बम्बई में नहीं मिट सकती. मेरे साथ वापस औरंगाबाद चलो, उधर कुछ चक्कर चला कर तुम को ऐसा फाड़ेंगे कि कोई डॉक्टर नहीं सिल पाएगा।
खाला मुझसे कस के लिपट गई और एक चुम्मा देती हुई बोली- अरे शबनम, अगर तूने मुझे फड़वा दिया तो अपनी सारी जायदाद तेरे नाम कर दूंगी।
कुछ दिन बाद हमने औरंगाबाद वापस लौटने का प्लान बनाया और घर वालों को छोड़ कर निकल गए.
जैसे ही खाला ने चड्डी नीचे खींची वैसे ही पीटर का लंड स्प्रिंग की तरह उछला और जोर से खाला की नाक से टकराया.
खाला ने दोनों हाथों से पीटर का लंड पकड़ा और प्यार से उसपर एक चुम्मा दे दिए और उसके टोपे पर अपनी जीभ फिरना शुरू कर दिया.
कुछ देर तक जीभ से पीटर के लंड के टोपे को सहलाने के बाद खाला ने लंड अपने मुंह में घुसा लिया और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी.
यह देख कर मैं भी बुरी तरह से गीली हो गई थी और मेरा मन कर रहा था कि खाला की गांड पर लात मार कर उसको भगा दूँ और खुद ही पीटर से चुदवा लूँ.
लेकिन में उनके रंग में भंग नहीं करना चाहती थी इसलिए मैंने अपनी जीन्स उतारी और उंगली से खुद को चोदना शुरू कर दिया.
उधर जब पीटर का लंड खाला के थूक से एकदम चिकना हो गया तो खाला ने अपनी चूत फैला ली और पीटर से अपना लंड घुसाने का इशारा किया.
अब पीटर ने अपना मूसल मेरी खाला की चूत पर रखा और एक जोरदार झटका दिया.
खचाक के साथ उसका विशाल लंड मेरी खाला की गोरी गोरी चूत में लगभग आधा घुस गया और मेरी खाला की बिग सेक्स से दर्दभरी जोरदार चीख निकल गई- हाय मार डाला मादरचोद के बच्चे ने … चुदी चुदाई औरत को चोद दिया।
अब पीटर ने थोड़ा और जोर लगाया और बचा हुआ लंड भी खाला की चूत में पेल दिया.
खाला की आँखों में आंसू आ गए लेकिन पीटर को दया नहीं आई.
पीटर मेरी खाला के रोने चीखने की परवाह किये बिना ही उनकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा.
खाला चीखने लगी- बाप रे, लंड है या लोहे का खम्भा है? इस लंड से तो मेरा सारा खानदान चुद जाएगा।
कुछ देर तक चोदने के बाद शायद खाला की चूत ढीली हो गई थी क्यूंकि उनका चीखना चिल्लाना बंद हो चुका था और वे भी अपनी गांड उछालने लगी थी.
काफी देर तक पीटर मेरी खाला को रंडी की तरह चोदता रहा और मेरी खाला भी पीटर के लंड के नीचे लेटी लेटी चुदाई के मजे लेती रही.
लगभग आधा घंटा चूत चोदने के बाद पीटर ने अपना लंड बाहर निकाला और खाला को कुतिया बनने को कहा.
वे घुटनों पर आ गई और अपनी गांड ऊपर उठा ली.
खाला की गांड का छेद देख कर पीटर बोला- ये तो बहुत छोटा है, किसी ने गांड नहीं मारी क्या आज तक?
खाला बोली- कॉलेज में एक बार मरवाई थो तो बहुत दर्द हुआ था, तब से किसी से नहीं मरवाई. आज तुम बिना रहम किये मेरी गांड मार लेना!
पीटर मेरे पास आया और मुझसे अपने लंड पर थूकने को कहा.
मैंने अपनी चूत में उंगली करते करते ही पीटर के लंड पर ढेर सारा थूक दिया.
पीटर ने मेरा थूक अपने लंड पर मल कर उसे चिकना किया और खाला की गांड पर टिका दिया.
फिर पीटर ने हल्का सा धक्का लगाया तो उसका लंड हल्का सा गांड में घुस गया और खाला की जोरदार चीख निकल गई.
खाला चीखते हुए बोली- रुक जा मादरचोद, एक मिनट सांस ले लेने दे फिर घुसा लेना!
लेकिन पीटर ने आव देखा ना ताव और भक्क से अपना सारा लंड खाला की गांड में पेल दिया.
खाला बुरी तरह से चीख पड़ी और छटपटाने लगी लेकिन पीटर पर कोई असर नहीं हुआ.
उसने अपना लंड आधा बाहर निकाला और एक बार फिर पूरा का पूरा मेरी खाला की गांड में पेल दिया.
अब पीटर ने धीरे धीरे अपना लंड हिलाना शुरू किया और खाला भी रोते रोते उसका साथ देने लगी.
कुछ देर रोने के बाद खाला आहें भरने लगी और गांड उचका उचका कर पीटर से मरवाने लगी.
लगभग पौने घंटे तक लगातार गांड चोदने के बाद पीटर ने अपना लंड बाहर निकाला और मेरी खाला के मुंह पर लाकर हिलाने लगा.
खाला ने लंड पकड़ा और अपने मुंह में डाल लिया.
तब खाला लंड ऐसे चूस रही थी जैसे भूखे बच्चे को लॉलीपॉप मिल गया हो.
अचानक पीटर का बदन झटके खाने लगा और पीटर अपना लंड मेरी खाला के मुंह से बाहर निकालने लगा.
शायद उसका पानी निकलने वाला था.
लेकिन मेरी खाला भी पीटर को लंड अपने मुंह से बाहर निकालने नहीं दे रही थी और सड़क छाप छिनाल की तरह उसके लंड को चूसे जा रही थी.
इसी छीना झपटी में पीटर की पिचकारी छूट गई.
दो तीन जोरदार बड़ी बड़ी पिचकारियां खाला के मुंह में ही निकल गईं और पीटर के लंड बाहर निकालते निकालते कुछ पिचकारियां मेरी खाला के चेहरे और बालों पर छूट गईं.
मेरी खाला के चेहरे से लेकर बालों तक माल की लम्बी और गाढ़ी लकीरें खिंच गईं और मेरी खूबसूरत खाला का चेहरा पीटर की मलाई से और भी खूबसूरत और चमकदार लगने लगा था.
खाला के बालों पर गिरा हुआ वीर्य बहते हुए उनके कंधों तक आ गया था.
मैं अपनी चूत में उंगली करना बंद करके उठी और अपनी खाला के पास आ गई.
मैंने खाला के कंधे से लेकर गर्दन तक अपनी जीभ फेरी और बहते हुए वीर्य को अपनी जीभ में समेट लिया.
फिर मैंने खाला के चेहरे को अपनी जीभ से चाट डाला और पीटर का गाढ़ा मलाईदार वीर्य अपने मुंह में समेट लिया.
यह देख कर मेरी खाला को गुस्सा आ गया और वे बोली- साली भाईचोद रंडी, मेरे माल पर नजर डालती है!
कहते हुए खाला ने पूरी ताकत से मेरी गर्दन नीचे झुका कर मेरे बाल खींच दिए तो मेरा मुंह खुल गया और मेरे मुंह में भरा हुआ वीर्य जमीन पर गिर गया.
खाला किसी भूखी कुतिया की तरह जमीन पर पड़ा हुआ वीर्य चाटने लगी और सारा फर्श साफ़ कर डाला.
लेकिन खाला की भूख अभी भी नहीं मिटी थी तो खाला पीटर की तरफ लपकी.
पीटर लगातार खाला का भोसड़ा खोदने के कारण थक चुका था और अधमरे कुत्ते की तरह जमीन पर हांफ रहा था.
उसका बड़ा मोटा लंड किसी मासूम चूहे जैसा लटक चुका था और उस पर वीर्य की बची खुची बूँदें मोतियों की तरह चमक रही थीं.
खाला ने उसका अधमरा लंड पकड़ा और बुरी तरह चूस कर बचा खुचा वीर्य भी पी लिया.
मेरी खाला का रंडीपना देख कर पीटर घबरा कर बाहर भाग गया.
कुछ देर में हम लोगों ने भी अपने बदन से पीटर का वीर्य साफ़ किया, अपने कपड़े पहने और घर आ गए.
मैंने खाला से हँसती हुई कहा- और सुनाओ रंडी खाला, आज की गांडफाड़ चुदाई से प्यास बुझी या नहीं?
खाला भी हँसती हुई बोली- अरे प्यास किधर बुझी, समझो कुछ बूँद बारिश भर हुई है बदन पर!
यह सुनकर मैं तो हक्की बक्की रह गई और बोली- अरे छिनाल, इतनी चुदाई के बाद और क्या चाहिए? कोठे पर ही क्यों नहीं बैठ जाती? दिन भर चुदवाती रहना!
खाला बोली- अरे कोठे पर भी तो एक एक करके ग्राहक आते हैं, मैं तो चाहती हूँ कि जिस गली से निकलूं उस गली के सारे मर्द मिलकर मुझे चोद दें, जिस मोहल्ले से निकलूं उस मोहल्ले के सारे मर्द मिलकर मुझे चोद दें, फुटबाल स्टेडियम में जाऊं तो सारा स्टेडियम मिलकर मुझ पर चढ़ जाए.
मैं बोली- बाप रे, ऐसी भयानक चुदास तो बम्बई में नहीं मिट सकती. मेरे साथ वापस औरंगाबाद चलो, उधर कुछ चक्कर चला कर तुम को ऐसा फाड़ेंगे कि कोई डॉक्टर नहीं सिल पाएगा।
खाला मुझसे कस के लिपट गई और एक चुम्मा देती हुई बोली- अरे शबनम, अगर तूने मुझे फड़वा दिया तो अपनी सारी जायदाद तेरे नाम कर दूंगी।
कुछ दिन बाद हमने औरंगाबाद वापस लौटने का प्लान बनाया और घर वालों को छोड़ कर निकल गए.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
