28-01-2025, 03:29 PM
अब उधर मेरी खाला और इधर मेरी भरपूर चुदाई का कार्यक्रम चल रहा था.
जो मर्द मेरी खाला का मुंह चोद रहा था वह अचानक कुछ ज्यादा ही जोर जोर से धक्के मारने लगा.
मेरी खाला का पूरा बदन दर्द में काँप रहा था.
अचानक उस मर्द ने अपना पूरा जोर लगाया और चिंघाड़ते हुए मेरी खाला के मुंह को अपने गाढ़े माल से भर दिया.
वह आदमी अलग हुआ तो मैंने देखा कि मेरी खाला के मुंह से खून निकल रहा था.
मेरी खाला को दो सेकंड का आराम भी नहीं मिला और तुरंत ही किसी और मर्द ने खाला के मुंह में लंड घुसा कर धक्के मारने शुरू कर दिए.
इधर ये दोनों मुस्टंडे भी मेरी चूत और मुंह चोदे जा रहे थे.
एक आदमी ने देखा कि मेरी छातियां बेकार ही खाली पड़ी हैं तो वह मेरे ऊपर बैठ गया और मेरी छातियां चोदने लगा.
सच में आज तो इन लंडों की गर्मी से बहुत ही मजा आ रहा था.
मैंने हाथ से इशारा करके दो और आदमियों को बुलाया और उनके लंड अपने हाथों में पकड़ कर मसलने लगी.
इतना मजा पहले कभी नहीं आया था, ऐसा लग रहा था मानो मैं जन्नत में हूँ.
मैंने देखा कि जिन लोगों का माल निकलने वाला था, उन्होंने खाला के मुंह के आस पास घेरा बना लिया और अपने अपने लंड हिलाने लगे.
खाला ने अपना बड़ा सा मुंह खोला.
और एक एक करके उन लोगों ने खाला के मुंह में अपना सारा माल गिरा दिया.
खाला एक बूँद भी बर्बाद किये बिना हर किसी का वीर्य पूरे प्यार से पीती जा रही थी.
इधर जो आदमी मेरा मुंह चोद रहा था उसने फचाक फचाक करके आठ दस पिचकारियां मारीं और मेरा मुंह अपने माल से भर के अलग हो गया.
उसकी जगह दूसरा आदमी मेरा मुंह चोदने लगा.
जिसका लंड मेरी चूत में था वह भी झड़ने वाला था, उसने भी ना जाने कितनी ही पिचकारियां मेरी चूत में मारीं और अलग हो गया.
लेकिन जो आदमी मेरी खाला को चोद रहा था वे अब भी उसी तेजी से लगा हुआ था.
इस बीच ना जाने कितने ही मर्द मेरी खाला के मुंह में अपना माल गिरा चुके थे.
अचानक वह आदमी भी फारिग होने को आया और तेज तेज धक्के मेरी खाला की चूत में मारने लगा.
मेरी खाला का बदन रुई के गद्दे की तरह हिल रहा था.
उस आदमी ने खाला का मुंह चोद रहे आदमी को हटाया और जोर का झटका लिया.
फिर उसने चूत से अपना लंड निकाला तो खाला की चूत से खून का फवारा भी निकल गया और उस आदमी का सारा बदन खून से भर गया.
उस मुस्टंडे आदमी ने वीर्य की दो तीन पिचकारियां पहले ही खाला की चूत में भर दी थीं.
लेकिन उसके लंड में इतना वीर्य भरा था कि उसने एक बार फिर चूत के पास खड़े खड़े ही वीर्य की पिचकारियां मारना शुरू कर दिया और उसकी धार इतनी तेज थी कि मेरी खाला का सारा चेहरा वीर्य से भर गया.
उस आदमी ने ना जाने कितनी ही पिचकारियां मारीं, उसकी हर पिचकारी गाढ़ी और मलाईदार होती थी और खाला हर पिचकारी को अपने मुंह में कैच करने का प्रयास करती थी.
कई पिचकारियां खाला के मुंह में गईं और कई पिचकारियों से खाला का चेहरा, बाल, गर्दन सब वीर्य से भर गए.
कुछ देर के लिए तो सब लोग आश्चर्य के साथ यह नजारा ही देखते रहे और फिर एक आदमी बोला- दीनू काका बूढ़े हो गए हैं लेकिन आज भी जवानों को मात करते हैं!
तब जाकर मुझे पता चला कि ये गबरू जवान मुस्टंडा असल में बूढ़ा दीनू काका है.
लेकिन हमको क्या, हमें तो चुदने से मतलब है.
एक आदमी बोला- ये छिनाल तो पूरी गन्दी हो गई अब कौन चोदेगा इसको?
दूसरा बोला- अरे पीछे से तो साफ़ है।
बस फिर उन लोगों ने खाला को पलट कर घोड़ी बनाया और एक आदमी ने बिना सोचे विचारे खाला की गांड में अपना मूसल पेल दिया.
खाला की एक बार फिर दर्दनाक चीख निकल गई लेकिन भला उधर कौन सुनने वाला था.
आदमी ने खाला की गांड में धक्के मारने शुरू कर दिए और हर धक्के के साथ खाला की चीख निकलती जा रही थी.
भीड़ में से कोई बोला- भाइयो, जल्दी करो, खेत में बहुत काम बाकी है, मालिक आ गया तो दिहाड़ी नहीं मिलेगी।
यह सुनकर आदमी ने खाला की गांड में बुलेट ट्रेन की गति से धक्के मारने शुरू कर दिए.
इधर मेरी चूत और मुंह भी भर चुके थे तो किसी ने मुझको भी जबरदस्ती पलटाया और मेरी गांड में लंड घुसाने लगा.
मुझे दर्द हो रहा था तो मैं उन लोगों को रोकने की नाकाम कोशिश कर रही थी.
उस आदमी ने मेरी गांड पर ढेर सारा थूक कर उसको चिकना किया और जबरदस्ती जोर लगाया तो उसका लंड मेरी गांड में उतर गया.
जो मर्द मेरी खाला का मुंह चोद रहा था वह अचानक कुछ ज्यादा ही जोर जोर से धक्के मारने लगा.
मेरी खाला का पूरा बदन दर्द में काँप रहा था.
अचानक उस मर्द ने अपना पूरा जोर लगाया और चिंघाड़ते हुए मेरी खाला के मुंह को अपने गाढ़े माल से भर दिया.
वह आदमी अलग हुआ तो मैंने देखा कि मेरी खाला के मुंह से खून निकल रहा था.
मेरी खाला को दो सेकंड का आराम भी नहीं मिला और तुरंत ही किसी और मर्द ने खाला के मुंह में लंड घुसा कर धक्के मारने शुरू कर दिए.
इधर ये दोनों मुस्टंडे भी मेरी चूत और मुंह चोदे जा रहे थे.
एक आदमी ने देखा कि मेरी छातियां बेकार ही खाली पड़ी हैं तो वह मेरे ऊपर बैठ गया और मेरी छातियां चोदने लगा.
सच में आज तो इन लंडों की गर्मी से बहुत ही मजा आ रहा था.
मैंने हाथ से इशारा करके दो और आदमियों को बुलाया और उनके लंड अपने हाथों में पकड़ कर मसलने लगी.
इतना मजा पहले कभी नहीं आया था, ऐसा लग रहा था मानो मैं जन्नत में हूँ.
मैंने देखा कि जिन लोगों का माल निकलने वाला था, उन्होंने खाला के मुंह के आस पास घेरा बना लिया और अपने अपने लंड हिलाने लगे.
खाला ने अपना बड़ा सा मुंह खोला.
और एक एक करके उन लोगों ने खाला के मुंह में अपना सारा माल गिरा दिया.
खाला एक बूँद भी बर्बाद किये बिना हर किसी का वीर्य पूरे प्यार से पीती जा रही थी.
इधर जो आदमी मेरा मुंह चोद रहा था उसने फचाक फचाक करके आठ दस पिचकारियां मारीं और मेरा मुंह अपने माल से भर के अलग हो गया.
उसकी जगह दूसरा आदमी मेरा मुंह चोदने लगा.
जिसका लंड मेरी चूत में था वह भी झड़ने वाला था, उसने भी ना जाने कितनी ही पिचकारियां मेरी चूत में मारीं और अलग हो गया.
लेकिन जो आदमी मेरी खाला को चोद रहा था वे अब भी उसी तेजी से लगा हुआ था.
इस बीच ना जाने कितने ही मर्द मेरी खाला के मुंह में अपना माल गिरा चुके थे.
अचानक वह आदमी भी फारिग होने को आया और तेज तेज धक्के मेरी खाला की चूत में मारने लगा.
मेरी खाला का बदन रुई के गद्दे की तरह हिल रहा था.
उस आदमी ने खाला का मुंह चोद रहे आदमी को हटाया और जोर का झटका लिया.
फिर उसने चूत से अपना लंड निकाला तो खाला की चूत से खून का फवारा भी निकल गया और उस आदमी का सारा बदन खून से भर गया.
उस मुस्टंडे आदमी ने वीर्य की दो तीन पिचकारियां पहले ही खाला की चूत में भर दी थीं.
लेकिन उसके लंड में इतना वीर्य भरा था कि उसने एक बार फिर चूत के पास खड़े खड़े ही वीर्य की पिचकारियां मारना शुरू कर दिया और उसकी धार इतनी तेज थी कि मेरी खाला का सारा चेहरा वीर्य से भर गया.
उस आदमी ने ना जाने कितनी ही पिचकारियां मारीं, उसकी हर पिचकारी गाढ़ी और मलाईदार होती थी और खाला हर पिचकारी को अपने मुंह में कैच करने का प्रयास करती थी.
कई पिचकारियां खाला के मुंह में गईं और कई पिचकारियों से खाला का चेहरा, बाल, गर्दन सब वीर्य से भर गए.
कुछ देर के लिए तो सब लोग आश्चर्य के साथ यह नजारा ही देखते रहे और फिर एक आदमी बोला- दीनू काका बूढ़े हो गए हैं लेकिन आज भी जवानों को मात करते हैं!
तब जाकर मुझे पता चला कि ये गबरू जवान मुस्टंडा असल में बूढ़ा दीनू काका है.
लेकिन हमको क्या, हमें तो चुदने से मतलब है.
एक आदमी बोला- ये छिनाल तो पूरी गन्दी हो गई अब कौन चोदेगा इसको?
दूसरा बोला- अरे पीछे से तो साफ़ है।
बस फिर उन लोगों ने खाला को पलट कर घोड़ी बनाया और एक आदमी ने बिना सोचे विचारे खाला की गांड में अपना मूसल पेल दिया.
खाला की एक बार फिर दर्दनाक चीख निकल गई लेकिन भला उधर कौन सुनने वाला था.
आदमी ने खाला की गांड में धक्के मारने शुरू कर दिए और हर धक्के के साथ खाला की चीख निकलती जा रही थी.
भीड़ में से कोई बोला- भाइयो, जल्दी करो, खेत में बहुत काम बाकी है, मालिक आ गया तो दिहाड़ी नहीं मिलेगी।
यह सुनकर आदमी ने खाला की गांड में बुलेट ट्रेन की गति से धक्के मारने शुरू कर दिए.
इधर मेरी चूत और मुंह भी भर चुके थे तो किसी ने मुझको भी जबरदस्ती पलटाया और मेरी गांड में लंड घुसाने लगा.
मुझे दर्द हो रहा था तो मैं उन लोगों को रोकने की नाकाम कोशिश कर रही थी.
उस आदमी ने मेरी गांड पर ढेर सारा थूक कर उसको चिकना किया और जबरदस्ती जोर लगाया तो उसका लंड मेरी गांड में उतर गया.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
