28-01-2025, 03:29 PM
मेरी खाला पहले आदमी के पास जाकर घुटने पर बैठ गई और उसका लंड चूम लिया … फिर दूसरे का, फिर तीसरे का … इस तरह मेरी खाला ने सभी मर्दों के लंड पर अपनी लिपस्टिक के निशान छोड़ दिए.
फिर पहले मर्द के पास आकर मेरी खाला ने उसका लंड मुंह में लेकर दो-तीन चुस्से मारे, फिर दूसरे का, फिर तीसरे का, इस तरह से मेरी खाला ने हर आदमी के लंड को दो-तीन चुस्से मारे.
खाला ने लंड चूस कर उन लोगों में ऐसी आग लगा दी कि ऐसा करते करते कुछ मर्दों का माल छूट गया और बेचारे लाइन से बाहर हो गए.
मेरी खाला ने जब उन मर्दों का माल छूटते देखा तो वे गुस्से में भर गई और चिल्ला कर बोली- जिस मादरचोद का लंड छूटने वाला हो वे पहले ही बता देना, ऐसे माल बर्बाद करना हराम होता है.
फिर मेरी खाला ने पहले आदमी के पास जाकर उसके लंड पर अपने मम्मे घिसे, फिर दूसरे, फिर तीसरे, इस प्रकार से सब के लंडो पर खाला ने अपने मम्मे घिसे.
ऐसा करते करते एक बार फिर कुछ मर्दों का माल छूटने लगा तो वे लोग खाला को इशारा करने लगे.
मेरी खाला ने एक एक करके सब के लंड अपने मुंह में लेकर उनका माल अपने मुंह में गिरवाया और बेचारे लाइन से बाहर हो गए.
फिर मेरी खाला ने पहले आदमी के पास जाकर उसके लंड पर अपनी गांड घिसी, फिर दूसरे, फिर तीसरे, इस प्रकार से सब के लंडो पर खाला ने अपनी गांड घिसी.
ऐसा करते करते एक बार फिर कुछ मर्दों का माल छूटने लगा.
एक बार फिर खाला ने उन सबके लंड से वीर्य पिया और बेचारे लाइन से बाहर हो गए.
अब लाइन में कुछ लोग ही रह गए थे जिनके लंड अब भी तने थे और मेरी खाला को फाड़ डालने के लिए सर उठा कर खड़े थे.
मेरी खाला अब एक जगह तन कर खड़ी हो गई और बुलंद आवाज में बोली- आओ मेरे शेरो, टूट पड़ो मुझ पर, मेरी इज्जत लूटो, मेरी गांड मारो, मेरा अंग अंग चोद डालो, फाड़ डालो मुझे!
यह सुनते ही सारे मुस्टंडे मर्द मेरी खाला पर टूट पड़े.
किसी ने उनका कुरता खींचा, किसी ने सलवार फाड़ी, किसी ने ब्रा हवा में उछाल दी और किसी ने चड्डी के कई टुकड़े कर डाले.
मेरी खाला मादरजात नंगी हो चुकी थी.
अब एक सबसे मुस्टंडे मर्द ने मेरी खाला को उठा कर जमीन पर पटका और भचाक से अपना भयानक लंड मेरी खाला के भोसड़े में पेल दिया.
उस आदमी का लंड इतना बड़ा और मोटा था कि खाला का हजारों बार चुद चुका फटा हुआ भोसड़ा भी कुंवारी लड़की की अनछुई चूत सा लग रहा था.
जैसे ही उस मुस्टंडे ने अपना लंड पेला वैसे ही खाला की चीख निकल गई.
लंड घुसने पर मैंने पहली बार खाला को चीखते हुए सुना था वरना तो वे बड़े से बड़े लंड आराम से ले लेती थी.
बाकी आदमी भी अपना हिस्सा चाहते थे तो कोई खाला के मुंह में लंड घुसा रहा था, कोई उसके मम्मों को चोद रहा था तो किसी ने खाला के हाथ में ही अपने लंड दे रखा था.
एक आदमी को जगह नहीं मिली तो उसने खाला के घुटनों के बीच ही अपना लंड फंसा कर चोदना शुरू कर दिया.
कोई आदमी खाला के पैर के पंजे चोद रहा था तो कोई खाला के बालों में लंड फंसा कर ही मजे ले रहा था.
बहुत सारे मर्द शान्ति से अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे.
मुस्टंडा खाला की चूत को बहुत बुरी तरह ठोक रहा था और थक ही नहीं रहा था.
हर धक्के के साथ खाला पूरी हिल जाती थी.
और मैंने देखा कि अब तो उसकी चूत से खून भी निकलने लगा था.
इधर जिन मर्दों को मैंने चुना था वे भी चुदाई के लिए उतावले हो रहे थे.
मैंने नौटंकी किये बिना शराफत से अपने कपड़े खोल दिए और नंगी होकर घास पर लेट गई.
उन दोनों मर्दों ने भी अपने कपड़े खोले और एक ने मेरी चूत में और दूसरे ने मेरे मुंह में अपने अपने लंड घुसा दिए.
फिर पहले मर्द के पास आकर मेरी खाला ने उसका लंड मुंह में लेकर दो-तीन चुस्से मारे, फिर दूसरे का, फिर तीसरे का, इस तरह से मेरी खाला ने हर आदमी के लंड को दो-तीन चुस्से मारे.
खाला ने लंड चूस कर उन लोगों में ऐसी आग लगा दी कि ऐसा करते करते कुछ मर्दों का माल छूट गया और बेचारे लाइन से बाहर हो गए.
मेरी खाला ने जब उन मर्दों का माल छूटते देखा तो वे गुस्से में भर गई और चिल्ला कर बोली- जिस मादरचोद का लंड छूटने वाला हो वे पहले ही बता देना, ऐसे माल बर्बाद करना हराम होता है.
फिर मेरी खाला ने पहले आदमी के पास जाकर उसके लंड पर अपने मम्मे घिसे, फिर दूसरे, फिर तीसरे, इस प्रकार से सब के लंडो पर खाला ने अपने मम्मे घिसे.
ऐसा करते करते एक बार फिर कुछ मर्दों का माल छूटने लगा तो वे लोग खाला को इशारा करने लगे.
मेरी खाला ने एक एक करके सब के लंड अपने मुंह में लेकर उनका माल अपने मुंह में गिरवाया और बेचारे लाइन से बाहर हो गए.
फिर मेरी खाला ने पहले आदमी के पास जाकर उसके लंड पर अपनी गांड घिसी, फिर दूसरे, फिर तीसरे, इस प्रकार से सब के लंडो पर खाला ने अपनी गांड घिसी.
ऐसा करते करते एक बार फिर कुछ मर्दों का माल छूटने लगा.
एक बार फिर खाला ने उन सबके लंड से वीर्य पिया और बेचारे लाइन से बाहर हो गए.
अब लाइन में कुछ लोग ही रह गए थे जिनके लंड अब भी तने थे और मेरी खाला को फाड़ डालने के लिए सर उठा कर खड़े थे.
मेरी खाला अब एक जगह तन कर खड़ी हो गई और बुलंद आवाज में बोली- आओ मेरे शेरो, टूट पड़ो मुझ पर, मेरी इज्जत लूटो, मेरी गांड मारो, मेरा अंग अंग चोद डालो, फाड़ डालो मुझे!
यह सुनते ही सारे मुस्टंडे मर्द मेरी खाला पर टूट पड़े.
किसी ने उनका कुरता खींचा, किसी ने सलवार फाड़ी, किसी ने ब्रा हवा में उछाल दी और किसी ने चड्डी के कई टुकड़े कर डाले.
मेरी खाला मादरजात नंगी हो चुकी थी.
अब एक सबसे मुस्टंडे मर्द ने मेरी खाला को उठा कर जमीन पर पटका और भचाक से अपना भयानक लंड मेरी खाला के भोसड़े में पेल दिया.
उस आदमी का लंड इतना बड़ा और मोटा था कि खाला का हजारों बार चुद चुका फटा हुआ भोसड़ा भी कुंवारी लड़की की अनछुई चूत सा लग रहा था.
जैसे ही उस मुस्टंडे ने अपना लंड पेला वैसे ही खाला की चीख निकल गई.
लंड घुसने पर मैंने पहली बार खाला को चीखते हुए सुना था वरना तो वे बड़े से बड़े लंड आराम से ले लेती थी.
बाकी आदमी भी अपना हिस्सा चाहते थे तो कोई खाला के मुंह में लंड घुसा रहा था, कोई उसके मम्मों को चोद रहा था तो किसी ने खाला के हाथ में ही अपने लंड दे रखा था.
एक आदमी को जगह नहीं मिली तो उसने खाला के घुटनों के बीच ही अपना लंड फंसा कर चोदना शुरू कर दिया.
कोई आदमी खाला के पैर के पंजे चोद रहा था तो कोई खाला के बालों में लंड फंसा कर ही मजे ले रहा था.
बहुत सारे मर्द शान्ति से अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे.
मुस्टंडा खाला की चूत को बहुत बुरी तरह ठोक रहा था और थक ही नहीं रहा था.
हर धक्के के साथ खाला पूरी हिल जाती थी.
और मैंने देखा कि अब तो उसकी चूत से खून भी निकलने लगा था.
इधर जिन मर्दों को मैंने चुना था वे भी चुदाई के लिए उतावले हो रहे थे.
मैंने नौटंकी किये बिना शराफत से अपने कपड़े खोल दिए और नंगी होकर घास पर लेट गई.
उन दोनों मर्दों ने भी अपने कपड़े खोले और एक ने मेरी चूत में और दूसरे ने मेरे मुंह में अपने अपने लंड घुसा दिए.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
