27-01-2025, 06:35 PM
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वसंत के दो सहयोगी मुन्ना और बबलू बेतहाशा भागते हुये एक मकान के अहाते में कूद पड़े। दोनों की सांसें धौंकनी के समान चल रही थी। फिर वो दोनों भागते हुये घर के पिछवाड़े में आ गये। मकान में अन्दर की ओर खुलता हुआ एक दरवाजा था। दोनों दबे पांव अन्दर आ गये। अन्दर का दरवाजा भी खुला हुआ था। वह दोनों जिस मकान में दाखिल हुए थे वह उसके संयोग वसंत को मौत के मुंह में भेजने वाली का घर था।
मुन्ना ने कमरे में झांक कर देखा। टीवी चल रही थी पर कमरे में कोई नहीं था। तभी उन दोनों के कानों में बाथरूम से किसी औरत के गुनगुनाने की आवाज आई। दोनों ने एक दूसरे को इशारा किया और बबलू पलंग के नीचे सरक गया। तभी घर के बाहर सिक्युरिटी जीप सीटी बजाती हुई रुकी ।
रात बहुत गहरी लगी रही थी। मुन्ना ने खिड़की से झांककर बाहर देखा। सिक्युरिटी के साये अंधेरे में दूर जाते हुये नजर आ रहे थे। मुन्ना भी कमरे के एक कोने में दुबक गया। तभी बाथरूम का दरवाजा खुला। बबलू के सामने दो नंगे पांव नजर आ रहे थे। उसे किसी जवान लड़की के होने का संकेत मिला।
तभी रिवॉल्वर की नाल पलंग के नीचे दिखी,”तुम जो भी हो बाहर आ जाओ, वर्ना गोली मार दूंगी !”
बबलू की रूह तक कांप गई। वह चुपचाप पलंग के नीचे से निकल आया। सामने एक बेहद सुन्दर , जवान महिला काजल रिवॉल्वर लिये खड़ी थी। एक तौलिया उसके चूची के उभारों से लिपटा हुआ कूल्हों तक था। वो कुछ और कहती उसके पहले ही पीछे से मुन्ना ने लपककर उसकी रिवॉल्वर छीन ली। उसके शरीर पर लपेटा हुआ तौलिया अचानक ही ढीला हो गया और नीचे गिरने लगा। बबलू ने लपककर तौलिया पकड़ लिया और उसे फिर से लपेट दिया।
“ मुन्ना , गिरने दे तौलिया… जवान जिस्म है … जरा मजा तो लें !”
काजल घबरा सी गई, तौलिया सम्भालते हुये भी उसने नीचे गिरा दिया। उसका चमकीला नंगा बदन ट्यूब लाईट की रोशनी में दमक उठा । दोनों के बदन झनझना उठे।
उसे देखते ही दोनों की आखों में वहशत भरी एक चमक आ गई। मुन्ना ने तो उसे पीछे से पकड़ ही लिया। उसका लौड़ा कड़क होने लगा था। बबलू भी इस हुस्न के आक्रमण को नहीं झेल पाया और सामने से वो उससे लिपट गया। पहले तो काजल छटपटाई, पर कुछ भी नहीं कर पाने अवस्था में उसने अपने आप को दोनों के हवाले कर दिया।
बस… मुझे नोचो मत … जो करना है प्यार से करो, आखिर मैं भी तो एक इन्सान हूँ!” काजल के मुख से एक कराह सी निकली। दोनों को अपनी इस जानवरों जैसी हरकत पर शरम आने लगी।
“सॉरी, आपको नंगा देखकर हमारा बांध टूट गया था।”
“आओ, जो करना हो बिस्तर पर करो… पर तुम दोनों भाग क्यूँ रहे हो…?” अचानक काजल का स्वर बदल सा गया। उसके कोमल स्वर में अब वासना फुट चुका था।
बबलू जरा नाजुक दिल का था सो सहानुभूति से उसकी रुलाई फ़ूट पड़ी…”हमारी पार्टनर वसंत ने हमें घर पर रात को बुलाया था। पर उसी का खून हो गया था। सिक्युरिटी छान बीन कर रही थी तो हम डर गये।
पीछे की खिड़की से कूदकर हम भाग निकले और ये सिक्युरिटी वाले हमें ही कसूरवार मानकर पीछे पड़ गये !”
“मेरा नाम काजल है… तुम यहाँ बिल्कुल सुरक्षित हो… अब चुप हो जाओ… जो हुआ उसे भूल जाओ !” काजल ने उसे अपने पास लेटाते हुये चूम लिया।
“पर यह मत सोच लेना कि आप बच गई… आपको चोदना तो है ही…!” बबलू बोल पड़ा।
“है तेरी हिम्मत … बड़ा आया चोदने वाला !” काजल ने आंखे तरेरते हुये उसे जोश दिलाया।
“क्या… साली को देख तो… अभी बताता हूँ … !”कह कर मुन्ना ने उसे अपनी तरफ़ घुमाया और उसे दबोच लिया। वो एक बेबस चिड़िया की तरह फ़ड़फ़ड़ाने लगी। तभी दोनों के मोटे लौड़ा उसके सामने आ गये।
“ले दबा इसे, दो दो मस्त लंड हैं !” काजल ने दोनों के मोटे मोटे लंड थाम लिये और मुठ मारने लगी। दोनों ही झूम उठे।
“चला हाथ मस्ती से साली… हां ये बात हुई ना … !”
काजल बड़े यत्न से और मस्ती से लंड पर हाथ चलाने लगी।
“अब मुँह से चूस ले और जोर से चूसना…!”
काजल ने उनके लंड जमकर चूसना चालू कर दिया। कभी बबलू का लंड चूसती और कभी मुन्ना का लंड । दोनों के चूतड़ हिलने लगे और लग रहा था कि वे काजल का मुख चोद रहे हो।
तभी उसे अपनी गांड में लंड को छूने का अहसास हुआ।
“बबलू , मार दे गाण्ड साली की … मै चूत सम्हालता हूं…” काजल दोनों के बीच में सेण्डविच हो गई थी। उसने भी अपने आप को एडजस्ट किया और अपनी टांगे चौड़ा दी। काजल मन ही मन उनसे चुदाने की तैयारी कर चुकी थी। पर थोड़ा बहुत नाटक तो करना था ना। दो दो लंड उसके शरीर की सतह पर तड़प रहे थे, उसके जिस्म में यहा वहां ठोकरे मार रहे थे। उसकी चुदाई की इच्छा बढ़ती जा रही थी।
“तुम दोनों एक बेबस महिला के साथ यह सब रहे हो … देखना मैं उसकी सजा जरूर दूंगी… आह्ह !”
बबलू का लंड काजल की चूत में घुस चुका था… उधर मुन्ना का लंड भी उसकी गाण्ड में घुसने की कोशिश कर रहा था। जब उसकी चूत में लंड घुस गया तो काजल ने अपनी गाण्ड ढीली की। छेद को ढीला करते ही राज का लंड अन्दर घुस गया।
काजल का मन हरा हो गया। उसने आनंद भरी एक सीत्कार भरी। उसके दोनों छोर पर लंड घुस चुका था। वो एक करवट पर लेटी अपने चूतड़ हल्के से हिलाने लगी।
“आह हा … उह्ह्ह्… साली चूत हिला हिला कर चुदा रही है और मजे ले रही है…
अब तो हमें गाली तो मत दे…”
“ऊईईईईई… मेरे जिस्म में दो दो लंड डालकर मुझे मस्त कर दिया है… तो दिल तो आपको धन्यवाद तो देगा ही ना … साले बबलू चोद जरा मस्ती से… लगना चाहिये कि मर्द मिला है… आईईई मुन्ना… तू क्या मेरी गाण्ड फ़ाड़ ही डालेगा… चल लगा तू भी जरा मस्त होकर…”
दोनों के लंड जोर मारने लगे और काजल चुदने लगी… काजल दोनों तरफ़ से एक साथ कभी कभी नहीं चुदी थी। यह पहला अनुभव था…
“ मुन्ना , अब मुझे इसकी गाण्ड चोदने दे… तू इसकी चूत मार … !” बबलू ने प्रस्ताव रखा। मुन्ना तुरन्त मान गया और पोजिशन बदलने लगे। इतने में उसका दरवाजा किसी ने खटखटाया।
“कौन है…?” काजल ने खीजकर कहा।
“मैडम, हम सिक्युरिटी है .....! ” मुन्ना ने तुरन्त लपक कर रिवाल्वर उठा ली…
“ सिक्युरिटी " देखो मेरे हाथ में रिवॉल्वर है, उसे रवाना कर दो वर्ना…।”
काजल मुस्कराई और दरवाजे की ओर चल दी। उसने अपना गाउन पहना और तौलिया सर पर बांधा… तीन सिक्युरिटी वाले थे।
“क्या है?”
“मैडम ध्यान रखें… दो कातिल इधर ही भागकर आये हैं… सावधान रहना…!”
“ठीक है, ” उसने दरवाजा बंद कर दिया।
बबलू और मुन्ना दोनों सावधान हो चुके थे। अन्दर आते हुई बोली,”चलो क्या हुआ लंड ढीले हो गये ?” वो हंसते हुई बोली। दोनों ही वहाँ से जाने की तैयारी करने लगे।
“अभी मत जाओ, बाहर सिक्युरिटी तुम्हें ढूंढ रही है।”
“सॉरी मैडम… हमारे पास रिवाल्वर नहीं होती तो हम अन्दर ही होते !”
” वो तो मैं चाहती तो सब कुछ कर सकती थी…!”
“ओये चुप हो जा… इसी रिवाल्वर से तेरी गाण्ड में गोली नहीं उतार देता…” मुन्ना कुछ विचलित सा होता हुआ बोला।
तभी काजल ने कहा “खाली रिवाल्वर से गोलियाँ नहीं चला करती हैं जानी…!” अब मुन्ना के चौंकने की बारी थी। उसने तुरन्त रिवाल्वर चेक की और उसने विस्मित नजरों से काजल को देखा। काजल के चेहरे पर मुस्कान तैर रही थी।
“अब कपड़े उतार ही दो … “काजल ने दोनों के लम्बे लम्बे हाथ से लंड पकड़ लिये, और दबाते हुये बोली,”अब मुझे वैसे ही चोदो जैसे पहले चोद रहे थे… देखो पूरा मजा देना !”
“आपने हमें जानबूझ के बचाया… जब कि हमने आपको जानवरों की तरह चोदा…!”
“मुझे पता था कि तुम बेकसूर हो, हमें मालूम हो चुका कि किसने वो सब किया था… फिर जानवरों की तरह चुदाने मुझे जो मजा आया है … उसका भी धन्यवाद !”
दोनों के लंड एक बार फिर से कड़क हो उठे।
“देखो, एक बार फिर से मुझे जानवरों की तरह से चोद डालो…!” एक बार फिर से दोनों के लंड उसके शरीर से चिपक गये और काजल फिर से सेंडविच बन गई। वह आह भरने लगी। दोनों के लंड आगे व पीछे के दरवाजे पर दस्तक देने लगे। कुछ ही क्षणों में काजल के जिस्म में दो गरम गरम मूसल घुस पड़े। उसके चूतड़ बीच में दब गये और दोनों दोस्त अपना अपना काम करने लगे। काजल ने दोनों को सहूलियत देने के लिये अपनी एक टांग कुर्सी पर उठाकर ऊंची कर दी और गाण्ड का द्वार ढीला कर दिया। लंड सीधे ही छेद को चीरता हुआ भीतर चला गया।
उधर मुन्ना का लंड भी चिकनी चूत में सरक गया । काजल दोनों लंड के घर्षण से मचल उठी। लगा, शरीर में दो साण्ड आपस में भिड़ गये हो।
“भेन के लौड़ो… चलाओ अपना लौड़ा… फ़ोड़ दे साली गाण्ड को… !” काजल अपनी गाली गलौज भाषा पर उतर आई थी। दोनों के लंड फ़ूल कर फ़ड़फ़ड़ा रहे थे। दोनों की कमर तेजी से चलने लगी थी। डबल चुदाई से काजल मदहोश होने लगी थी। कभी कभी बबलू और मुन्ना दोनों ही हाथ बढ़ाकर एक दूसरे के चूतड़ दबाकर अपनी तरफ़ खींच लेते थे। इससे दोनों के लंड एक साथ पूरी गहराई में उतर जाते थे और काजल मस्ती में लहक जाती थी। बबलू पीछे हटते हुये दीवार का सहारा ले लिया और अब काजल के पीछे जोर लगाने पर बबलू का लंड गाण्ड की जड़ तक बैठ जाता था।
दोनों काजल से ऐसे लिपटे हुये थे मानो एक वृक्ष हो और दो लतायें… बेतहाशा काजल को चूमे जा रहे थे। चूंचियो की हालत दबा दबा कर, मरोड़ मरोड़ कर खराब कर दी थी। निपलों को मसल उसे बेहाल कर दिया था। तभी काजल चीख उठी, उसका शरीर कड़क सा हो गया और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।
“मर गई रे हरामजादो … अब हटो… हाय रे… अब तो फ़ट ही जायेगी…” उसका सीत्कार सुनकर दोनों को होश में आ गये और मुन्ना ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगा और वीर्य उछाल मारता हुआ बाहर कूद पड़ा। पहली और दूसरी धार तो काजल के चूतड़ों पर गिरी, बाकी बूंद बूंद करके जमीन पर गिरने लगी। उधर बबलू भी अपने सुहाने पलों के नजदीक पहुंच गया था और फिर काजल को दबाते हुये अपना लंड चूतड़ बाहर खींचते हुये निकाल लिया और आह भरते हुये वीर्य निकालने के लिये जोर लगाने लगा। बबलू ने तुरन्त उसका लण्ड पकड़ा और मुठ मारने लगा। बबलू काजल से लिपट पड़ा और आखिर उसने अपना वीर्य पिचकारी की तरह छोड़ना चालू कर दिया। मुन्ना ने उसका वीर्य निकालने में पूरी सहायता की।
बबलू और मुन्ना बिस्तर पर आकर बैठ गये और सुस्ताने लगे… जब कि काजल तरोताजा लग रही थी। दोनों ने अपने अपने कपड़े उठाये और पहनने लगे। काजल ने यह देखकर उन्हें ललकारा,”बस मेरे जवानो … थक गये क्या… जवानी का मजाक मत बनाओ… साले… नामर्दों… !”
दोनों ने उसे आश्चर्य से देखा… और दोनों ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और काजल को झपटकर बिस्तर पर लेटा दिया।
“क्या कहा… नामर्द … थक गये हैं … तेरी तो मां चोदी… देख अब तेरा क्या हाल करते हैं…”
काजल खिलखिला कर हंस पड़ी…” देखा मस्त चुदना हो तो नामर्दी की बात कह दो … फिर देखो चुदाई का मजा… अरे मेरे नमूनो, बाहर सिक्युरिटी होगी, रात भर यहीं रहो, मुझे चोदो और जश्न मनाओ… दारू पीते हो…? चलो दो दो पेग लगाओ और चालू हो जाओ !”
ये सुनते ही दोनों ने उसे छोड़ा और दारू पीने बैठ गये। काजल बबलू की गोदी में लंड के ऊपर दोनों पांव इधर उधर करके कमर में लपेट कर बिस्तर पर बैठ गई।
अब बबलू का खड़ा लंड काजल कि चूत पर पड़ रहा था। काजल को उसका लंड अपनी चूत में सरकाने में कोई परेशानी नहीं आई। बड़ी शान्ति से उसका लंड सरकता हुआ उसकी चूत में बैठ गया।
मुन्ना को पता तक नहीं चला कि काजल की चुदाई फिर चालू हो चुकी थी। वो दारू पीने में मस्त था। बबलू भी गिलास से एक एक घूण्ट हलक से नीचे उतारता और अपने चूतड़ो को हल्के से ऊपर नीचे करके एक शॉट मार देता…
काजल भी धीरे धीरे एक एक घूंट लेती और मस्ती से बबलू से चिपक जाती… माहौल धीरे धीरे फिर से गर्म होने लगा था। काजल की गाण्ड भी चुदने को तैयार थी… दो जवान लंड उसे चोदने का फिर से यत्न करने लगे थे…
मुन्ना ने कमरे में झांक कर देखा। टीवी चल रही थी पर कमरे में कोई नहीं था। तभी उन दोनों के कानों में बाथरूम से किसी औरत के गुनगुनाने की आवाज आई। दोनों ने एक दूसरे को इशारा किया और बबलू पलंग के नीचे सरक गया। तभी घर के बाहर सिक्युरिटी जीप सीटी बजाती हुई रुकी ।
रात बहुत गहरी लगी रही थी। मुन्ना ने खिड़की से झांककर बाहर देखा। सिक्युरिटी के साये अंधेरे में दूर जाते हुये नजर आ रहे थे। मुन्ना भी कमरे के एक कोने में दुबक गया। तभी बाथरूम का दरवाजा खुला। बबलू के सामने दो नंगे पांव नजर आ रहे थे। उसे किसी जवान लड़की के होने का संकेत मिला।
तभी रिवॉल्वर की नाल पलंग के नीचे दिखी,”तुम जो भी हो बाहर आ जाओ, वर्ना गोली मार दूंगी !”
बबलू की रूह तक कांप गई। वह चुपचाप पलंग के नीचे से निकल आया। सामने एक बेहद सुन्दर , जवान महिला काजल रिवॉल्वर लिये खड़ी थी। एक तौलिया उसके चूची के उभारों से लिपटा हुआ कूल्हों तक था। वो कुछ और कहती उसके पहले ही पीछे से मुन्ना ने लपककर उसकी रिवॉल्वर छीन ली। उसके शरीर पर लपेटा हुआ तौलिया अचानक ही ढीला हो गया और नीचे गिरने लगा। बबलू ने लपककर तौलिया पकड़ लिया और उसे फिर से लपेट दिया।
“ मुन्ना , गिरने दे तौलिया… जवान जिस्म है … जरा मजा तो लें !”
काजल घबरा सी गई, तौलिया सम्भालते हुये भी उसने नीचे गिरा दिया। उसका चमकीला नंगा बदन ट्यूब लाईट की रोशनी में दमक उठा । दोनों के बदन झनझना उठे।
उसे देखते ही दोनों की आखों में वहशत भरी एक चमक आ गई। मुन्ना ने तो उसे पीछे से पकड़ ही लिया। उसका लौड़ा कड़क होने लगा था। बबलू भी इस हुस्न के आक्रमण को नहीं झेल पाया और सामने से वो उससे लिपट गया। पहले तो काजल छटपटाई, पर कुछ भी नहीं कर पाने अवस्था में उसने अपने आप को दोनों के हवाले कर दिया।
बस… मुझे नोचो मत … जो करना है प्यार से करो, आखिर मैं भी तो एक इन्सान हूँ!” काजल के मुख से एक कराह सी निकली। दोनों को अपनी इस जानवरों जैसी हरकत पर शरम आने लगी।
“सॉरी, आपको नंगा देखकर हमारा बांध टूट गया था।”
“आओ, जो करना हो बिस्तर पर करो… पर तुम दोनों भाग क्यूँ रहे हो…?” अचानक काजल का स्वर बदल सा गया। उसके कोमल स्वर में अब वासना फुट चुका था।
बबलू जरा नाजुक दिल का था सो सहानुभूति से उसकी रुलाई फ़ूट पड़ी…”हमारी पार्टनर वसंत ने हमें घर पर रात को बुलाया था। पर उसी का खून हो गया था। सिक्युरिटी छान बीन कर रही थी तो हम डर गये।
पीछे की खिड़की से कूदकर हम भाग निकले और ये सिक्युरिटी वाले हमें ही कसूरवार मानकर पीछे पड़ गये !”
“मेरा नाम काजल है… तुम यहाँ बिल्कुल सुरक्षित हो… अब चुप हो जाओ… जो हुआ उसे भूल जाओ !” काजल ने उसे अपने पास लेटाते हुये चूम लिया।
“पर यह मत सोच लेना कि आप बच गई… आपको चोदना तो है ही…!” बबलू बोल पड़ा।
“है तेरी हिम्मत … बड़ा आया चोदने वाला !” काजल ने आंखे तरेरते हुये उसे जोश दिलाया।
“क्या… साली को देख तो… अभी बताता हूँ … !”कह कर मुन्ना ने उसे अपनी तरफ़ घुमाया और उसे दबोच लिया। वो एक बेबस चिड़िया की तरह फ़ड़फ़ड़ाने लगी। तभी दोनों के मोटे लौड़ा उसके सामने आ गये।
“ले दबा इसे, दो दो मस्त लंड हैं !” काजल ने दोनों के मोटे मोटे लंड थाम लिये और मुठ मारने लगी। दोनों ही झूम उठे।
“चला हाथ मस्ती से साली… हां ये बात हुई ना … !”
काजल बड़े यत्न से और मस्ती से लंड पर हाथ चलाने लगी।
“अब मुँह से चूस ले और जोर से चूसना…!”
काजल ने उनके लंड जमकर चूसना चालू कर दिया। कभी बबलू का लंड चूसती और कभी मुन्ना का लंड । दोनों के चूतड़ हिलने लगे और लग रहा था कि वे काजल का मुख चोद रहे हो।
तभी उसे अपनी गांड में लंड को छूने का अहसास हुआ।
“बबलू , मार दे गाण्ड साली की … मै चूत सम्हालता हूं…” काजल दोनों के बीच में सेण्डविच हो गई थी। उसने भी अपने आप को एडजस्ट किया और अपनी टांगे चौड़ा दी। काजल मन ही मन उनसे चुदाने की तैयारी कर चुकी थी। पर थोड़ा बहुत नाटक तो करना था ना। दो दो लंड उसके शरीर की सतह पर तड़प रहे थे, उसके जिस्म में यहा वहां ठोकरे मार रहे थे। उसकी चुदाई की इच्छा बढ़ती जा रही थी।
“तुम दोनों एक बेबस महिला के साथ यह सब रहे हो … देखना मैं उसकी सजा जरूर दूंगी… आह्ह !”
बबलू का लंड काजल की चूत में घुस चुका था… उधर मुन्ना का लंड भी उसकी गाण्ड में घुसने की कोशिश कर रहा था। जब उसकी चूत में लंड घुस गया तो काजल ने अपनी गाण्ड ढीली की। छेद को ढीला करते ही राज का लंड अन्दर घुस गया।
काजल का मन हरा हो गया। उसने आनंद भरी एक सीत्कार भरी। उसके दोनों छोर पर लंड घुस चुका था। वो एक करवट पर लेटी अपने चूतड़ हल्के से हिलाने लगी।
“आह हा … उह्ह्ह्… साली चूत हिला हिला कर चुदा रही है और मजे ले रही है…
अब तो हमें गाली तो मत दे…”
“ऊईईईईई… मेरे जिस्म में दो दो लंड डालकर मुझे मस्त कर दिया है… तो दिल तो आपको धन्यवाद तो देगा ही ना … साले बबलू चोद जरा मस्ती से… लगना चाहिये कि मर्द मिला है… आईईई मुन्ना… तू क्या मेरी गाण्ड फ़ाड़ ही डालेगा… चल लगा तू भी जरा मस्त होकर…”
दोनों के लंड जोर मारने लगे और काजल चुदने लगी… काजल दोनों तरफ़ से एक साथ कभी कभी नहीं चुदी थी। यह पहला अनुभव था…
“ मुन्ना , अब मुझे इसकी गाण्ड चोदने दे… तू इसकी चूत मार … !” बबलू ने प्रस्ताव रखा। मुन्ना तुरन्त मान गया और पोजिशन बदलने लगे। इतने में उसका दरवाजा किसी ने खटखटाया।
“कौन है…?” काजल ने खीजकर कहा।
“मैडम, हम सिक्युरिटी है .....! ” मुन्ना ने तुरन्त लपक कर रिवाल्वर उठा ली…
“ सिक्युरिटी " देखो मेरे हाथ में रिवॉल्वर है, उसे रवाना कर दो वर्ना…।”
काजल मुस्कराई और दरवाजे की ओर चल दी। उसने अपना गाउन पहना और तौलिया सर पर बांधा… तीन सिक्युरिटी वाले थे।
“क्या है?”
“मैडम ध्यान रखें… दो कातिल इधर ही भागकर आये हैं… सावधान रहना…!”
“ठीक है, ” उसने दरवाजा बंद कर दिया।
बबलू और मुन्ना दोनों सावधान हो चुके थे। अन्दर आते हुई बोली,”चलो क्या हुआ लंड ढीले हो गये ?” वो हंसते हुई बोली। दोनों ही वहाँ से जाने की तैयारी करने लगे।
“अभी मत जाओ, बाहर सिक्युरिटी तुम्हें ढूंढ रही है।”
“सॉरी मैडम… हमारे पास रिवाल्वर नहीं होती तो हम अन्दर ही होते !”
” वो तो मैं चाहती तो सब कुछ कर सकती थी…!”
“ओये चुप हो जा… इसी रिवाल्वर से तेरी गाण्ड में गोली नहीं उतार देता…” मुन्ना कुछ विचलित सा होता हुआ बोला।
तभी काजल ने कहा “खाली रिवाल्वर से गोलियाँ नहीं चला करती हैं जानी…!” अब मुन्ना के चौंकने की बारी थी। उसने तुरन्त रिवाल्वर चेक की और उसने विस्मित नजरों से काजल को देखा। काजल के चेहरे पर मुस्कान तैर रही थी।
“अब कपड़े उतार ही दो … “काजल ने दोनों के लम्बे लम्बे हाथ से लंड पकड़ लिये, और दबाते हुये बोली,”अब मुझे वैसे ही चोदो जैसे पहले चोद रहे थे… देखो पूरा मजा देना !”
“आपने हमें जानबूझ के बचाया… जब कि हमने आपको जानवरों की तरह चोदा…!”
“मुझे पता था कि तुम बेकसूर हो, हमें मालूम हो चुका कि किसने वो सब किया था… फिर जानवरों की तरह चुदाने मुझे जो मजा आया है … उसका भी धन्यवाद !”
दोनों के लंड एक बार फिर से कड़क हो उठे।
“देखो, एक बार फिर से मुझे जानवरों की तरह से चोद डालो…!” एक बार फिर से दोनों के लंड उसके शरीर से चिपक गये और काजल फिर से सेंडविच बन गई। वह आह भरने लगी। दोनों के लंड आगे व पीछे के दरवाजे पर दस्तक देने लगे। कुछ ही क्षणों में काजल के जिस्म में दो गरम गरम मूसल घुस पड़े। उसके चूतड़ बीच में दब गये और दोनों दोस्त अपना अपना काम करने लगे। काजल ने दोनों को सहूलियत देने के लिये अपनी एक टांग कुर्सी पर उठाकर ऊंची कर दी और गाण्ड का द्वार ढीला कर दिया। लंड सीधे ही छेद को चीरता हुआ भीतर चला गया।
उधर मुन्ना का लंड भी चिकनी चूत में सरक गया । काजल दोनों लंड के घर्षण से मचल उठी। लगा, शरीर में दो साण्ड आपस में भिड़ गये हो।
“भेन के लौड़ो… चलाओ अपना लौड़ा… फ़ोड़ दे साली गाण्ड को… !” काजल अपनी गाली गलौज भाषा पर उतर आई थी। दोनों के लंड फ़ूल कर फ़ड़फ़ड़ा रहे थे। दोनों की कमर तेजी से चलने लगी थी। डबल चुदाई से काजल मदहोश होने लगी थी। कभी कभी बबलू और मुन्ना दोनों ही हाथ बढ़ाकर एक दूसरे के चूतड़ दबाकर अपनी तरफ़ खींच लेते थे। इससे दोनों के लंड एक साथ पूरी गहराई में उतर जाते थे और काजल मस्ती में लहक जाती थी। बबलू पीछे हटते हुये दीवार का सहारा ले लिया और अब काजल के पीछे जोर लगाने पर बबलू का लंड गाण्ड की जड़ तक बैठ जाता था।
दोनों काजल से ऐसे लिपटे हुये थे मानो एक वृक्ष हो और दो लतायें… बेतहाशा काजल को चूमे जा रहे थे। चूंचियो की हालत दबा दबा कर, मरोड़ मरोड़ कर खराब कर दी थी। निपलों को मसल उसे बेहाल कर दिया था। तभी काजल चीख उठी, उसका शरीर कड़क सा हो गया और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।
“मर गई रे हरामजादो … अब हटो… हाय रे… अब तो फ़ट ही जायेगी…” उसका सीत्कार सुनकर दोनों को होश में आ गये और मुन्ना ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगा और वीर्य उछाल मारता हुआ बाहर कूद पड़ा। पहली और दूसरी धार तो काजल के चूतड़ों पर गिरी, बाकी बूंद बूंद करके जमीन पर गिरने लगी। उधर बबलू भी अपने सुहाने पलों के नजदीक पहुंच गया था और फिर काजल को दबाते हुये अपना लंड चूतड़ बाहर खींचते हुये निकाल लिया और आह भरते हुये वीर्य निकालने के लिये जोर लगाने लगा। बबलू ने तुरन्त उसका लण्ड पकड़ा और मुठ मारने लगा। बबलू काजल से लिपट पड़ा और आखिर उसने अपना वीर्य पिचकारी की तरह छोड़ना चालू कर दिया। मुन्ना ने उसका वीर्य निकालने में पूरी सहायता की।
बबलू और मुन्ना बिस्तर पर आकर बैठ गये और सुस्ताने लगे… जब कि काजल तरोताजा लग रही थी। दोनों ने अपने अपने कपड़े उठाये और पहनने लगे। काजल ने यह देखकर उन्हें ललकारा,”बस मेरे जवानो … थक गये क्या… जवानी का मजाक मत बनाओ… साले… नामर्दों… !”
दोनों ने उसे आश्चर्य से देखा… और दोनों ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और काजल को झपटकर बिस्तर पर लेटा दिया।
“क्या कहा… नामर्द … थक गये हैं … तेरी तो मां चोदी… देख अब तेरा क्या हाल करते हैं…”
काजल खिलखिला कर हंस पड़ी…” देखा मस्त चुदना हो तो नामर्दी की बात कह दो … फिर देखो चुदाई का मजा… अरे मेरे नमूनो, बाहर सिक्युरिटी होगी, रात भर यहीं रहो, मुझे चोदो और जश्न मनाओ… दारू पीते हो…? चलो दो दो पेग लगाओ और चालू हो जाओ !”
ये सुनते ही दोनों ने उसे छोड़ा और दारू पीने बैठ गये। काजल बबलू की गोदी में लंड के ऊपर दोनों पांव इधर उधर करके कमर में लपेट कर बिस्तर पर बैठ गई।
अब बबलू का खड़ा लंड काजल कि चूत पर पड़ रहा था। काजल को उसका लंड अपनी चूत में सरकाने में कोई परेशानी नहीं आई। बड़ी शान्ति से उसका लंड सरकता हुआ उसकी चूत में बैठ गया।
मुन्ना को पता तक नहीं चला कि काजल की चुदाई फिर चालू हो चुकी थी। वो दारू पीने में मस्त था। बबलू भी गिलास से एक एक घूण्ट हलक से नीचे उतारता और अपने चूतड़ो को हल्के से ऊपर नीचे करके एक शॉट मार देता…
काजल भी धीरे धीरे एक एक घूंट लेती और मस्ती से बबलू से चिपक जाती… माहौल धीरे धीरे फिर से गर्म होने लगा था। काजल की गाण्ड भी चुदने को तैयार थी… दो जवान लंड उसे चोदने का फिर से यत्न करने लगे थे…


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