21-01-2025, 04:31 PM
(This post was last modified: 22-01-2025, 09:58 AM by neerathemall. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
मैंने आयशा की आखों में मदमस्त वासना की तरंगे देखी, और मैं अपने आप पर कण्ट्रोल भूल गया।
मैंने आयेशा को अपनी गोद में उठाया और अपने बिस्तर पर लेजा कर धाड़ से गिरा दिया।
आयशा को मेरा ये मरदाना काम बहुत अच्छा लगा, और उसने "हाय अल्लाह " कहकर मस्ती में अपनी बाहें मेरे लिए खोल दी।
मैंने नंगा ही आयशा की बाँहों में छलांग लगा दी, और मस्त होकर उसके चेहरे, गाल, मुँह और होटों को चूमने लगा।
आयशा वासना से तर होके, मेरे चुम्मी चाटी का मज़ा उठाने लगी।
उसने मेरे नंगे बदन पर जगह जगह अपने प्यारे हाथ से सेहला कर मेरी भूख को और भड़का दिया।
करीबन १० मिनट तब अपनी बहिन की ऊपर नंगा लेट कर, उसकी जीभ को अच्छे से चूसकर, और उसकी खूब सारी रसीली लार को पीकर, मैं थोड़ा रुका।
मैं: "क्या मूड है अब आयेशा, आज ही बच्ची से औरत बनोगी?"
मैंने हँसते हुए पूछा।
आयशा ने अपनी नशे से मदमस्त आखें खोली, और कहा:
आयेशा: "हाय अल्लाह, भाई इस सेक्स के खेल की मस्ती का कोई ठिकाना ही नहीं है। मुझे आज ही औरत बना दो। "
मैं: "वो तो है, लेकिन अगर मैं अपना लँड तुम्हारी इस मासूम चुत मैं डाल दूंगा तो अम्मी और सारा दोनों को पता चल जायेगा। शायद वो दोनों हमारी आवाज़ सुनके यहाँ आ जाये, और हमें सेक्स करते रंगे हाथों पकड़ ले"
आयेशा: "सारा आपा अगर आ जाएगी तो वो भी नंगी होके कूद पड़ेगी बिस्तर पर"
आयेशा ने हँसते हुए कहा।
मैं: "उफ़ तुम दोनों बहनो की जवानी एकदम उफान पर है। मुझे तुम्हारी इस गरमी का पता होता तो अम्मी से पहले तुम दोनों पे हाथ मारता।"
मेरे मुँह से राज निकल गया।
आयेशा: "क्या भाई! अपने अम्मी के साथ भी सेक्स किया है?"
आयेशा इस गन्दी सोच की मस्ती में मदमस्त वासना से तर हो गयी।
मैं: "नहीं नहीं, मेरा मतलब था की मैं कोशिश करता"
आयेशा: "हम्म, भरोसा तो नहीं है आप पर, अपने चोद ही डाला होगा बेचारी माँ को"
आयेशा हंसने लगी।
मैं: "इतनी भी कोई सीधी नहीं है तेरी माँ"
मैंने हँसते हुए कहा।
आयेशा: "अच्छा! तो आप घर की तीनो औरतो पर एक साथ लाइन मार रहे हो भाई"
आयेशा: "कोशिश कर रहा हूँ आयेशा, अभी तक तुम ही पकड़ में आयी हो"
ऐसा कहके मैंने आयेशा की छोटे स्तन को टी शर्ट के ऊपर से प्यार से सहलाया और मसलने लगा।
आयेशा: "उफ़ भाई, बहुत मज़ा आ रहा है"
आयेशा ने हवस भरी आवाज़ से कहा।
मैंने आयशा के स्तन दबाने जारी रखे, और बीच बीच में उसकी जीभ चाटता रहा।
आयेशा के मुम्मे छोटे और प्यारे से थे, और मैं उसकी टी शर्ट के ऊपर अपने हथेली से उसके उरोज जी भर के मसल रहा था।
आयशा मादक और अश्लील आवाज़ निकाल निकाल कर मुझे उकसा रही थी।
मैंने अपना मुँह खोल के आयेशा का एक स्तन टी शर्ट के साथ अपने मुँह में पूरा भर लिया, और चूसने लगा।
आयेशा: "उफ़ भाई, और चूसो, और चूसो। कितना मज़ा आ रहा है, हाय अल्लाह ", आयशा ने कहा।
मैंने उसका पूरा स्तन अपने मुँह में ठूस रखा था और नंगा अपनी बहिन की ऊपर चढ़ा हुआ था।
आयेशा का कोमल हाथ मेरी नंगी पीठ और मेरे नंगे नितम्भ को सेहला रहे थे।
मैंने आयेशा को अपनी गोद में उठाया और अपने बिस्तर पर लेजा कर धाड़ से गिरा दिया।
आयशा को मेरा ये मरदाना काम बहुत अच्छा लगा, और उसने "हाय अल्लाह " कहकर मस्ती में अपनी बाहें मेरे लिए खोल दी।
मैंने नंगा ही आयशा की बाँहों में छलांग लगा दी, और मस्त होकर उसके चेहरे, गाल, मुँह और होटों को चूमने लगा।
आयशा वासना से तर होके, मेरे चुम्मी चाटी का मज़ा उठाने लगी।
उसने मेरे नंगे बदन पर जगह जगह अपने प्यारे हाथ से सेहला कर मेरी भूख को और भड़का दिया।
करीबन १० मिनट तब अपनी बहिन की ऊपर नंगा लेट कर, उसकी जीभ को अच्छे से चूसकर, और उसकी खूब सारी रसीली लार को पीकर, मैं थोड़ा रुका।
मैं: "क्या मूड है अब आयेशा, आज ही बच्ची से औरत बनोगी?"
मैंने हँसते हुए पूछा।
आयशा ने अपनी नशे से मदमस्त आखें खोली, और कहा:
आयेशा: "हाय अल्लाह, भाई इस सेक्स के खेल की मस्ती का कोई ठिकाना ही नहीं है। मुझे आज ही औरत बना दो। "
मैं: "वो तो है, लेकिन अगर मैं अपना लँड तुम्हारी इस मासूम चुत मैं डाल दूंगा तो अम्मी और सारा दोनों को पता चल जायेगा। शायद वो दोनों हमारी आवाज़ सुनके यहाँ आ जाये, और हमें सेक्स करते रंगे हाथों पकड़ ले"
आयेशा: "सारा आपा अगर आ जाएगी तो वो भी नंगी होके कूद पड़ेगी बिस्तर पर"
आयेशा ने हँसते हुए कहा।
मैं: "उफ़ तुम दोनों बहनो की जवानी एकदम उफान पर है। मुझे तुम्हारी इस गरमी का पता होता तो अम्मी से पहले तुम दोनों पे हाथ मारता।"
मेरे मुँह से राज निकल गया।
आयेशा: "क्या भाई! अपने अम्मी के साथ भी सेक्स किया है?"
आयेशा इस गन्दी सोच की मस्ती में मदमस्त वासना से तर हो गयी।
मैं: "नहीं नहीं, मेरा मतलब था की मैं कोशिश करता"
आयेशा: "हम्म, भरोसा तो नहीं है आप पर, अपने चोद ही डाला होगा बेचारी माँ को"
आयेशा हंसने लगी।
मैं: "इतनी भी कोई सीधी नहीं है तेरी माँ"
मैंने हँसते हुए कहा।
आयेशा: "अच्छा! तो आप घर की तीनो औरतो पर एक साथ लाइन मार रहे हो भाई"
आयेशा: "कोशिश कर रहा हूँ आयेशा, अभी तक तुम ही पकड़ में आयी हो"
ऐसा कहके मैंने आयेशा की छोटे स्तन को टी शर्ट के ऊपर से प्यार से सहलाया और मसलने लगा।
आयेशा: "उफ़ भाई, बहुत मज़ा आ रहा है"
![[Image: 45138851_010_1298.jpg]](https://cdni.pornpics.de/1280/7/441/45138851/45138851_010_1298.jpg)
आयेशा ने हवस भरी आवाज़ से कहा।
मैंने आयशा के स्तन दबाने जारी रखे, और बीच बीच में उसकी जीभ चाटता रहा।
आयेशा के मुम्मे छोटे और प्यारे से थे, और मैं उसकी टी शर्ट के ऊपर अपने हथेली से उसके उरोज जी भर के मसल रहा था।
आयशा मादक और अश्लील आवाज़ निकाल निकाल कर मुझे उकसा रही थी।
मैंने अपना मुँह खोल के आयेशा का एक स्तन टी शर्ट के साथ अपने मुँह में पूरा भर लिया, और चूसने लगा।
आयेशा: "उफ़ भाई, और चूसो, और चूसो। कितना मज़ा आ रहा है, हाय अल्लाह ", आयशा ने कहा।
मैंने उसका पूरा स्तन अपने मुँह में ठूस रखा था और नंगा अपनी बहिन की ऊपर चढ़ा हुआ था।
आयेशा का कोमल हाथ मेरी नंगी पीठ और मेरे नंगे नितम्भ को सेहला रहे थे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
