13-01-2025, 03:17 PM
आज दो साल बाद मुझे दीदी दिखाई दीं तो मुझे उनके साथ बिताए पल याद आ गए.
मैंने मोनिका से कहा तो वो मेरे साथ उनके घर चलने के लिए राजी हो गई.
मैं और मोनिका बाइक पर चल रहे थे और मैं कोमल दीदी की शादी से पहले वाली बात याद कर रहा था.
मोनिका कुछ बोले जा रही थी.
जब मैंने उसकी बात का जवाब नहीं दिया तो उसने हेलमेट के ऊपर से ही मुझे एक थप्पड़ मारा और बोली- सुन नहीं रहा है क्या?
मैं बोला- बताओ.
तो मोनिका बोली- मैंने इतनी सब बात बोली और तू सुन नहीं रहा.
मैंने कहा- फिर से बोलो न?
वो बोली- बात समझ, दीदी की शादी से पहले उन्होंने तुझसे दूर जाना चाहा, तो तुमने आखिरी बार सेक्स करूंगा बोल कर दो दिन किया … और आज फिर तू शुरू हो गया.
मैं मोनिका की बातें सुनने लगा.
उसकी बातें सुनने के बाद मेरी समझ आया कि हम कितना भी सेक्स कर लें लेकिन वो हमेशा अधूरा सेक्स ही रहता है.
मैंने कोमल दीदी की शादी से पहले एक साल तक बहुत बार मोनिका, राधिका और कोमल दीदी के साथ सेक्स किया.
दीदी की शादी के बाद भी राधिका, मोनिका के साथ लगातार चुदाई करता रहा.
एक और लड़की भी थी, जिससे एक दो बार किया लेकिन आज भी मुझे अपना सेक्स, अधूरा सेक्स ही लगता है.
अब हम दोनों बाइक पर कोमल दीदी के घर आ गए.
मैं दो साल बाद कोमल दीदी को देख कर बड़ा असहज हो गया था और बेचैनी में ही मोनिका को कॉलेज से लेकर कोमल दीदी के घर आ गया.
कोमल दीदी ने जब दरवाजा खोला तो उनकी गोद में छोटा सा बच्चा भी था जो उनकी बेटी थी.
अब कोमल दीदी पहले से काफी मोटी हो गई थीं, मैं बस कोमल दीदी को देखता रहा.
कोमल दीदी हम दोनों को देख कर बहुत खुश हुईं और अन्दर आने को बोला.
तब मैं शादी से पहले के वाकियात और कोमल दीदी की उदासी को याद करने लगा.
पर अब उन्हें इतना खुश देख कर बहुत अच्छा लगा.
मोनिका और कोमल दीदी बातें कर रही थीं.
अब कोमल दीदी की बेटी मोनिका के पास थी.
कोमल दीदी- कैसे हो शिव?
मैं- अच्छा हूँ दीदी … आप कैसी हो?
कोमल- मैं भी अच्छी हूँ … और बताओ घर में सब कैसे हैं?
मैंने हां में गर्दन हिला कर कहा- सब ठीक हैं.
मेरी नजर कोमल दीदी की मम्मी को ढूंढने लगीं, उनके पापा तो इस टाइम ड्यूटी चले ही जाते हैं.
मैं- दीदी आंटी कहां हैं?
कोमल- मम्मी पापा तो बुआ के यहां गए हैं … शायद कल आएंगे.
अब मैं मन ही मन खुश हुआ तो मोनिका ने भी शरारत के साथ आंख मारकर मुझे देखा.
कोमल दीदी बोलीं- राधिका कहां है, वो तो अब फोन भी नहीं करती है.
मैं- दीदी, वो पहले से ही अजीब है, उसका मेरे साथ झगड़ा हुआ और उसने मोनिका से भी बोलना बंद कर दिया.
कोमल दीदी- तुम दोनों तो हर महीने झगड़ा करते हो … इसमें क्या नया है.
ये कह कर वो हंसने लगीं.
मोनिका- दीदी उसका व्यवहार कॉलेज में जाने के बाद काफी बदल गया है. अब तो किसी लड़के के साथ उसका अफेयर भी है. उसे मैंने कुछ दिन पहले एक लड़के के साथ बाइक पर देखा था.
ये मुझे भी नहीं मालूम था इसलिए मोनिका की बात सुनकर मुझे बड़ा अजीब सा लगा.
कोमल दीदी- अरे होता है, नई जगह जाने के बाद बहुत चीजें बदल जाती हैं.
मोनिका- और बताओ दीदी जीजा जी कैसे हैं?
दीदी- अच्छे हैं. पूरी फैमिली ही अच्छी है.
मोनिका- हां दीदी, जीजा जी फास्ट भी बहुत हैं, घर जाते ही सुहागरात मना दी और इतनी जल्दी बच्चा भी हो गया.
तब दीदी कुछ सोचती हुई मेरी तरफ देखने लगी और बोलीं- पागल है क्या … हमारी सुहागरात तो कई दिन बाद हुई थी.
मोनिका- वैसे दीदी, रास्ते में शिव एक बात बोल रहा था. आपकी बेटी का चेहरा इससे बहुत मिलता है.
मैंने ऐसा कुछ सोचा भी नहीं था.
मैं एकदम से चौंक गया और उस छोटी सी गुड़िया को देखने लगा.
तभी दीदी मेरे पैर पर हाथ रख कर बोलीं- अरे लगता तो मुझे भी है.
वो ये कह कर हंसने लगीं.
मोनिका- दीदी, आपकी लाइफ तो अच्छी कट रही है, पर हम दोनों को मजे करने के लिए जगह ही नहीं मिलती.
दीदी- तो क्या इसी लिए यहां आए हो.
मोनिका ने भी आंख दबा दी.
दीदी हंसने लगीं और बोलीं- चलो अन्दर जाकर कर लो, कोई नहीं आएगा.
मोनिका ने गुड़िया को दीदी को दिया और मेरा हाथ पकड़ कर बोली- जल्दी चलो … बहुत दिन हो गए यार.
मैं बिना कुछ बोले ही मोनिका के साथ अन्दर आ गया.
मोनिका ने मेरी जिप खोल दी और लंड को पकड़ कर सहलाने लगी.
मैंने मोनिका से कहा- तू पूरी पागल है यार!
मोनिका- क्या हुआ?
मैं- मैंने कब बोला कि कोमल दीदी की बेटी मेरे जैसी है?
मोनिका- यार कोमल दीदी ने खुद बोला था फोन पर … तुम परेशान क्यों होते हो … दीदी तो ऐसा बोलती रहती हैं.
मैं- उनके हसबैंड को पता चला तो!
मोनिका- कुछ नहीं पता चला, वैसे भी उनकी बेटी शादी के बाद हुई है.
मैंने मोनिका से कहा तो वो मेरे साथ उनके घर चलने के लिए राजी हो गई.
मैं और मोनिका बाइक पर चल रहे थे और मैं कोमल दीदी की शादी से पहले वाली बात याद कर रहा था.
मोनिका कुछ बोले जा रही थी.
जब मैंने उसकी बात का जवाब नहीं दिया तो उसने हेलमेट के ऊपर से ही मुझे एक थप्पड़ मारा और बोली- सुन नहीं रहा है क्या?
मैं बोला- बताओ.
तो मोनिका बोली- मैंने इतनी सब बात बोली और तू सुन नहीं रहा.
मैंने कहा- फिर से बोलो न?
वो बोली- बात समझ, दीदी की शादी से पहले उन्होंने तुझसे दूर जाना चाहा, तो तुमने आखिरी बार सेक्स करूंगा बोल कर दो दिन किया … और आज फिर तू शुरू हो गया.
मैं मोनिका की बातें सुनने लगा.
उसकी बातें सुनने के बाद मेरी समझ आया कि हम कितना भी सेक्स कर लें लेकिन वो हमेशा अधूरा सेक्स ही रहता है.
मैंने कोमल दीदी की शादी से पहले एक साल तक बहुत बार मोनिका, राधिका और कोमल दीदी के साथ सेक्स किया.
दीदी की शादी के बाद भी राधिका, मोनिका के साथ लगातार चुदाई करता रहा.
एक और लड़की भी थी, जिससे एक दो बार किया लेकिन आज भी मुझे अपना सेक्स, अधूरा सेक्स ही लगता है.
अब हम दोनों बाइक पर कोमल दीदी के घर आ गए.
मैं दो साल बाद कोमल दीदी को देख कर बड़ा असहज हो गया था और बेचैनी में ही मोनिका को कॉलेज से लेकर कोमल दीदी के घर आ गया.
कोमल दीदी ने जब दरवाजा खोला तो उनकी गोद में छोटा सा बच्चा भी था जो उनकी बेटी थी.
अब कोमल दीदी पहले से काफी मोटी हो गई थीं, मैं बस कोमल दीदी को देखता रहा.
कोमल दीदी हम दोनों को देख कर बहुत खुश हुईं और अन्दर आने को बोला.
तब मैं शादी से पहले के वाकियात और कोमल दीदी की उदासी को याद करने लगा.
पर अब उन्हें इतना खुश देख कर बहुत अच्छा लगा.
मोनिका और कोमल दीदी बातें कर रही थीं.
अब कोमल दीदी की बेटी मोनिका के पास थी.
कोमल दीदी- कैसे हो शिव?
मैं- अच्छा हूँ दीदी … आप कैसी हो?
कोमल- मैं भी अच्छी हूँ … और बताओ घर में सब कैसे हैं?
मैंने हां में गर्दन हिला कर कहा- सब ठीक हैं.
मेरी नजर कोमल दीदी की मम्मी को ढूंढने लगीं, उनके पापा तो इस टाइम ड्यूटी चले ही जाते हैं.
मैं- दीदी आंटी कहां हैं?
कोमल- मम्मी पापा तो बुआ के यहां गए हैं … शायद कल आएंगे.
अब मैं मन ही मन खुश हुआ तो मोनिका ने भी शरारत के साथ आंख मारकर मुझे देखा.
कोमल दीदी बोलीं- राधिका कहां है, वो तो अब फोन भी नहीं करती है.
मैं- दीदी, वो पहले से ही अजीब है, उसका मेरे साथ झगड़ा हुआ और उसने मोनिका से भी बोलना बंद कर दिया.
कोमल दीदी- तुम दोनों तो हर महीने झगड़ा करते हो … इसमें क्या नया है.
ये कह कर वो हंसने लगीं.
मोनिका- दीदी उसका व्यवहार कॉलेज में जाने के बाद काफी बदल गया है. अब तो किसी लड़के के साथ उसका अफेयर भी है. उसे मैंने कुछ दिन पहले एक लड़के के साथ बाइक पर देखा था.
ये मुझे भी नहीं मालूम था इसलिए मोनिका की बात सुनकर मुझे बड़ा अजीब सा लगा.
कोमल दीदी- अरे होता है, नई जगह जाने के बाद बहुत चीजें बदल जाती हैं.
मोनिका- और बताओ दीदी जीजा जी कैसे हैं?
दीदी- अच्छे हैं. पूरी फैमिली ही अच्छी है.
मोनिका- हां दीदी, जीजा जी फास्ट भी बहुत हैं, घर जाते ही सुहागरात मना दी और इतनी जल्दी बच्चा भी हो गया.
तब दीदी कुछ सोचती हुई मेरी तरफ देखने लगी और बोलीं- पागल है क्या … हमारी सुहागरात तो कई दिन बाद हुई थी.
मोनिका- वैसे दीदी, रास्ते में शिव एक बात बोल रहा था. आपकी बेटी का चेहरा इससे बहुत मिलता है.
मैंने ऐसा कुछ सोचा भी नहीं था.
मैं एकदम से चौंक गया और उस छोटी सी गुड़िया को देखने लगा.
तभी दीदी मेरे पैर पर हाथ रख कर बोलीं- अरे लगता तो मुझे भी है.
वो ये कह कर हंसने लगीं.
मोनिका- दीदी, आपकी लाइफ तो अच्छी कट रही है, पर हम दोनों को मजे करने के लिए जगह ही नहीं मिलती.
दीदी- तो क्या इसी लिए यहां आए हो.
मोनिका ने भी आंख दबा दी.
दीदी हंसने लगीं और बोलीं- चलो अन्दर जाकर कर लो, कोई नहीं आएगा.
मोनिका ने गुड़िया को दीदी को दिया और मेरा हाथ पकड़ कर बोली- जल्दी चलो … बहुत दिन हो गए यार.
मैं बिना कुछ बोले ही मोनिका के साथ अन्दर आ गया.
मोनिका ने मेरी जिप खोल दी और लंड को पकड़ कर सहलाने लगी.
मैंने मोनिका से कहा- तू पूरी पागल है यार!
मोनिका- क्या हुआ?
मैं- मैंने कब बोला कि कोमल दीदी की बेटी मेरे जैसी है?
मोनिका- यार कोमल दीदी ने खुद बोला था फोन पर … तुम परेशान क्यों होते हो … दीदी तो ऐसा बोलती रहती हैं.
मैं- उनके हसबैंड को पता चला तो!
मोनिका- कुछ नहीं पता चला, वैसे भी उनकी बेटी शादी के बाद हुई है.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
