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मेरी चचेरी विधवा बहन की कामुकता
#8
जैसे ही मेरे लंड को चूत के छेद की गर्मी का अहसास हुआ, मैंने हल्का सा धक्का दे मारा.
चिकनी चूत में मेरा पूरा लंड अन्दर घुसता चला गया.

उनकी चूत कविता की चूत से थोड़ी ढीली थी, लेकिन नई चूत का आनन्द ही अलग था.

कुछ देर तक ऐसे ही चोदने के बाद मैं चेयर पर बैठ गया और उन्हें अपनी गोद में बैठा कर लंड को छेद में डाल कर उन्हें उछालने लगा.

वह मस्ती से लंड को चूत से चबाती हुई बड़बड़ा रही थीं- अयाया … कितना मस्त चुदाई करते हो तुम … पूरा लंड अन्दर तक पेलो न … आआह … और कसके चोदो … फाड़ दो मेरी चूत को … जिस दिन कविता की चुदाई की आवाज़ें सुनी हैं, उसी दिन समझ गई थी कि तुम मस्त चोदते हो … बस तभी से तुम्हारे लौड़े से चुदवाने को तड़प रही थी … ऊऊहह … आआहह!

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया.

हम दोनों चिपके हुए चेयर पर बैठे रहे.

उस रात हम दोनों ने 3 बार चुदाई की.
सुबह 5 बजे के आसपास मैं जाकर बीवी के पास लेट गया.

मैंने ममता दीदी और अपनी बीवी के साथ थ्रीसम सेक्स किया और फिर उनकी बड़ी बहन अनुपमा दीदी को भी चुदाई में शामिल करके ग्रुप सेक्स किया.
अनुपमा दीदी तो इन दोनों से भी बड़ी चुदक्कड़ निकली थीं.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
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RE: मेरी चचेरी विधवा बहन की कामुकता - by neerathemall - 05-12-2024, 03:47 PM



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