18-05-2024, 11:20 AM
यह कह के वो जोर से हसने लगी थोड़ी देर बाद लाइट आई और मूवी स्टार्ट हुई जेसे ही मूवी स्टार्ट हुई प्रीती दीदी ने पास वाली सीट पे देखा और शिप्रा दीदी को देख के बोली " अरे दीदी आप यहाँ केसे यहाँ तो सोनू बैठा था ना " शिप्रा दीदी ने कहा "अरे हमने तो कितनी देर से सीट चेंज की हुई है तुझे नहीं पता क्या इतनी खो गयी क्या मूवी में "तो प्रीती दीदी बोली "हाँ मुझे नहीं पता था तो दीदी वो आप मेरे हाथ क्यों फेर रही थी " तो शिप्रा दीदी बोली "यार डार्लिंग सीन अच्छा चल रहा था ना तो मुझे लगा की तुझे भी थोडा मजा आ जाये "ये कह के वो जोर से हसने लगी प्रीती दीदी बोली "क्या शिप्रा दीदी आप भी ना "और फिर हम सब मूवी देखने लगे थोड़ी देर बाद मैंने शिप्रा दीदी का हाथ पकड़ा और अपने लंड पे लगा दिया शिप्रा दीदी समझ गयी उन्होंने अपने हाथ से मेरा खड़ा लंड सहलाने शुरू कर दिया शिप्रा दीदी सीधी बैठ के मूवी देख रही और वो मेरी तरफ घूम भी नहीं सकती क्योंकि प्रीती दीदी पास ही बैठी थी उनको पता चल जाता मैं भी शिप्रा दीदी टॉप पे से उनके एक बोबे को साइड में से दबाने लगा उनके टॉप पे से उनके बोबे को सहलाने लगा मेरे हाथ में शिप्रा दीदी का बोबा बस साइड में से आ रहा था फिर शिप्रा दीदी ने मेरी जीन्स की चेन खोली और मेरा लंड बाहर निकाल दिया
और अब शिप्रा दीदी मेरे नंगे लंड को अपने कोमल हाथ से सहलाने लगी कभी वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करती कभी अपनी नाजुक उँगलियाँ मेरे लंड के टोपे पे घुमती मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं भी साइड में से शिप्रा दीदी के टॉप पे से उनका बोबा दबा रहा था फिर उनके बोबे दबाते दबाते मैं ने अपना हाथ नीचे किया और उनके पीछे उनकी पीठ की तरफ डाल दिया मैंने अपना हाथ उनकी पीठ पे रखा और उनकी पूरी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगा वो भी अपने हाथ से मेरा लंड सहला रही थी
फिर मैंने अपना हाथ उनकी पीठ के नीचे की तरफ रखा और पीछे से उनके टॉप के अंदर अपना हाथ दाल दिया और उनकी पूरी नंगी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगा उनकी ब्रा की स्ट्रेप से मैं बार बार खेल रहा था उनकी ब्रा के हुक को मैंने अपनी ऊँगली से पकड़ा और शिप्रा दीदी के कान मैं बोला "बोलो दीदी खोल दू क्या आपकी ब्रा का हुक " शिप्रा दीदी मेरे कान मैं बोली "खोल दे डार्लिंग सब तेरा ही तो है बस ये ध्यान रखना की किसी और को मेरा माल ना दिख जाये " मैं उनकी ये बात सुन के और उत्तेजित हो गया और मैंने शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक खोल दियां और उनके कान मैं कहा "दीदी खोल दिया और आप चिंता मत करो किसी को कुछ नहीं देखने दूंगा मैं "
मैंने शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया उनकी ब्रा का हुक लटक गया और अब मेरा हाथ शिप्रा दीदी नंगी पीठ पे था उनकी कोमल चिकनी नंगी पीठ पे मैं अपना हाथ फेर रहा था उनकी पीठ पे हाथ फेरते फेरते मैंने अपना हाथ आगे की तरफ उनके बोबे की तरफ किया लेकिन शिप्रा दीदी ने मेरे कान मैं कहा "नहीं सोनू प्रीती को दिख जाएगा पीछे से हाथ मत डाल आगे से डाल टॉप के नीचे से "मैंने अपना हाथ उनके पीछे से निकाला और उनके टॉप के नीचे से अपना हाथ अंदर डाल दिया शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक तो मैंने खोल दिया था मैंने उनकी ब्रा के दोनों कप को ऊपर किया और मेरे हाथ मैं शिप्रा दीदी के मोटे मोटे और मुलायम मुलायम बोबे आ गए उनके निप्पल बहुत टाइट खड़े हुए थे
और अब शिप्रा दीदी मेरे नंगे लंड को अपने कोमल हाथ से सहलाने लगी कभी वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करती कभी अपनी नाजुक उँगलियाँ मेरे लंड के टोपे पे घुमती मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं भी साइड में से शिप्रा दीदी के टॉप पे से उनका बोबा दबा रहा था फिर उनके बोबे दबाते दबाते मैं ने अपना हाथ नीचे किया और उनके पीछे उनकी पीठ की तरफ डाल दिया मैंने अपना हाथ उनकी पीठ पे रखा और उनकी पूरी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगा वो भी अपने हाथ से मेरा लंड सहला रही थी
फिर मैंने अपना हाथ उनकी पीठ के नीचे की तरफ रखा और पीछे से उनके टॉप के अंदर अपना हाथ दाल दिया और उनकी पूरी नंगी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगा उनकी ब्रा की स्ट्रेप से मैं बार बार खेल रहा था उनकी ब्रा के हुक को मैंने अपनी ऊँगली से पकड़ा और शिप्रा दीदी के कान मैं बोला "बोलो दीदी खोल दू क्या आपकी ब्रा का हुक " शिप्रा दीदी मेरे कान मैं बोली "खोल दे डार्लिंग सब तेरा ही तो है बस ये ध्यान रखना की किसी और को मेरा माल ना दिख जाये " मैं उनकी ये बात सुन के और उत्तेजित हो गया और मैंने शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक खोल दियां और उनके कान मैं कहा "दीदी खोल दिया और आप चिंता मत करो किसी को कुछ नहीं देखने दूंगा मैं "
मैंने शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया उनकी ब्रा का हुक लटक गया और अब मेरा हाथ शिप्रा दीदी नंगी पीठ पे था उनकी कोमल चिकनी नंगी पीठ पे मैं अपना हाथ फेर रहा था उनकी पीठ पे हाथ फेरते फेरते मैंने अपना हाथ आगे की तरफ उनके बोबे की तरफ किया लेकिन शिप्रा दीदी ने मेरे कान मैं कहा "नहीं सोनू प्रीती को दिख जाएगा पीछे से हाथ मत डाल आगे से डाल टॉप के नीचे से "मैंने अपना हाथ उनके पीछे से निकाला और उनके टॉप के नीचे से अपना हाथ अंदर डाल दिया शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक तो मैंने खोल दिया था मैंने उनकी ब्रा के दोनों कप को ऊपर किया और मेरे हाथ मैं शिप्रा दीदी के मोटे मोटे और मुलायम मुलायम बोबे आ गए उनके निप्पल बहुत टाइट खड़े हुए थे
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.


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