Thread Rating:
  • 4 Vote(s) - 3.75 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Adultery जिस्म की भूख
Heart 
फरहान ने मुझे किसिंग करते देखा तो उसने भी हनी के होंठों पर होंठ रख दिए और उसको किस करने लगा। मैंने किस करते-करते आपी को बिस्तर पर लेटाया और एक मिनट के लिए होंठ अलग किया और आपी की सलवार को खींच कर उतार दी और अपने लण्ड को आपी की चूत के ऊपर रख कर आपी के ऊपर लेट गया।

अब मैंने दोबारा चूमना चाटना शुरू कर दिया। मेरा लण्ड आपी की चूत पर दबाव डाल रहा था और आपी पूरे मज़े से मेरे बाल खींच रही थीं। मैं आपी को पूरे दस मिनट तक किस करता रहा।

दस मिनट बाद हमने फरहान और हनी को देखा तो वो दोनों आँखें बंद किए किस कर रहे थे।

मैंने फरहान को आवाज़ दी और साथ ही आपी के बूब्स पर आ गया। फरहान भी मुझे देख कर हनी के बूब्स पर आ गया और उसके निप्पल को मुँह में डाल कर चूसने लगा।

हनी के मुँह से सीत्कार फूट पड़ी- “ओह... अम्मीईईईं... उईई...”

हनी की चूत का खेल शुरू हो गया था। कमरे में हम चारों चुदाई का खेल खेल रहे थे। हनी की मादक आवाजें आने लगीं और उसने अपने दोनों हाथ फरहान के सर पर रखे और अपने बूब्स पर दबाने लगी।

मैंने उनसे नज़रें हटाईं और आपी को देखा तो आपी ने अपने बूब्स की तरफ इशारा किया और चूसने को कहा। मैंने आपी का इशारा समझा और आपी के बूब्स को हाथ में पकड़ कर मुँह में कभी एक निप्पल को चूसता तो कभी दूसरे को चूसता। आपी पूरे मज़े में आ रही थीं और मादक आवाज़ें निकाल रही थीं।

मैं कुछ मिनट आपी के बूब्स चूसता रहा फिर मैंने अपने मुँह उठाया और आपी की चूत पर चला गया। अब मैंने अपना मुँह आपी की टाँगों के अन्दर रख कर आपी की चूत को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा।

मेरी ज़ुबान चूत के अन्दर गई तो आपी ने ‘आआहह… आआअहह...’ की तेज आवाज़ निकाली जिससे फरहान और हनी हमारी तरफ देखने लगे।

फरहान ने मुझे देखा तो वो भी उठ कर चूत पर आ गया और हनी को कहने लगा- “अब तुझे मज़ा आएगा”

यह कह कर उसने अपना मुँह हनी की चूत पर रख दिया और ज़ुबान फेरने लगा।

हनी ने अपनी चूत पर ज़ुबान का एहसास महसूस करते ही अपने जिस्म को अकड़ाना शुरू कर दिया और टाँगें सिकोड़ लीं पर फरहान नहीं हटा और वो चूत को चूसता रहा। कुछ देर हनी की चूत को चूसने के बाद फरहान ने अपनी ज़ुबान हनी की चूत के अन्दर की जिससे हनी की चीख निकली- “आआहह…”

तो आपी ने फरहान से कहा- “आराम से करो यार…”

पर फरहान नहीं हटा और ऐसे ही हनी की चूत को चूसता रहा और हनी आहें भरती रही- “आहह आआहह... आअहह…”

इसी के साथ-साथ वो अपने हाथ बिस्तर पर मारती जाती थी। मैंने भी आपी की चूत को दोबारा चूसने शुरू कर दिया और ज़ुबान अन्दर करके आपी की चूत को चोदने लगा।

आपी मज़े से मेरा सर दबाने लगीं- “हमम्म्म... आआहह... सगीर... मेरे सरताज मजा आ गया... आह्ह…”

वो मेरे सर को अपने हाथों से चूत पर दबाने लगीं। मैंने कोई 5 मिनट ऐसे ही चूत को चूसा और फिर अपना मुँह उठा कर आपी से कहा- “आपी मेरे लण्ड को चूसो फिर आपकी चुदाई शुरू करनी है”

आपी उठीं और उन्होंने हनी को भी आवाज़ दी और उससे कहा- “उठ कर जैसे मैं करती हूँ… वैसे करो”

मेरा लण्ड आपी ने हाथ में पकड़ा और अपनी ज़ुबान बाहर निकाल कर मेरे लण्ड पर फेरने लगीं।

आपी ने जैसे ही अपनी ज़ुबान मेरे लण्ड पर लगाई तो मेरे जिस्म में जैसे करेंट दौड़ गया हो। मैंने एक लंबी सांस ली और सर को पीछे को करके लण्ड चुसवाने लगा। तभी हनी ने भी फरहान का लण्ड हाथ में पकड़ा और अपनी ज़ुबान उस पर फेरने लगी। फरहान ने भी ‘आहह...’ की आवाज़ के साथ अपने हाथ हनी के सर पर रख दिए और उसके बालों में हाथ फेरने लगा।

मैं देख कर हैरान था कि हनी ये सब कैसे आसानी से करती जा रही है। शायद ये सब आजकल की लण्ड चूसने वाली ब्लू-फिल्मों का असर था।

आपी ने दो मिनट मेरा लण्ड चूसा और फिर लण्ड को मुँह से बाहर निकाल कर बोलीं- “सगीर अब रहा नहीं जा रहा, अब इसे मेरी चूत के अन्दर पेल दो पूरा”

मैंने कहा- “ठीक है… मेरी जान”

मैंने आपी को बेड पर लेटा दिया, लण्ड को हाथ में पकड़ा।
तो आपी बोलीं- “सगीर पहले फरहान का लण्ड हनी के अन्दर डलवा दो वरना ये खुद उसे बहुत दर्द देगा”

तो मैंने फरहान से कहा- “अपना लण्ड आराम से अन्दर डालो, ज़रा सा भी ज़ोर मत लगाना”

तो उसने कहा- “ओके”

उसने हनी को पीछे की तरफ सीधा लेटाकर अपना लण्ड हाथ में पकड़ा और हनी की टाँगें खोल कर उसकी चूत के सुराख पर रख दिया पर लण्ड को हाथ से नहीं छोड़ा और हाथ से ही अन्दर हल्का सा दबाया।

अभी लण्ड की टोपी भी अन्दर नहीं गई थी कि हनी घबरा गई और कहने लगी- “आपी मुझे दर्द होगा प्लीज़ ना डलवाओ…”

तो मैंने उससे कहा- “कुछ नहीं होगा तुम डरो मत…”

मैंने फरहान से कहा- “थोड़ा और अन्दर करो”

इस दफ़ा फरहान ने हाथ लण्ड पकड़ कर थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो लण्ड की टोपी हनी की चूत में चली गई।

अभी टोपी ही अन्दर गई ही थी कि हनी की चीख निकली- "आ...आ...ह...ह...अम्मी... मर गई... बाहर निकाल दो... प्लीज़.... फट गई... मेरी चूत... हाअ... य... अम्मी..."

"चुप कर, इतना कौन चिल्लाता है, ऐसा लग रहा है कि तेरी चुदाई न होकर तुझे हलाल किया जा रहा है"

पर उसने ना तो अपनी टाँगें हिलाईं और ना ही हाथों से फरहान को पीछे किया। उसने बस रोना चालू कर दिया था तो आपी ने फरहान से कहा- “तुम और अन्दर मत करना, बस यहीं पर रुक कर आगे-पीछे करो”

फरहान ने वहीं आहिस्ता-आहिस्ता लण्ड को आगे-पीछे करना चालू कर दिया पर हनी के मुँह से ‘आहह... आआहह...’ की आवाज़ आ रही थी।

फरहान वहीं आगे-पीछे हो रहा था तभी आपी ने फरहान से कहा- “फरहान अगर आधा करीब अन्दर चला गया हो तो आज के दिन लण्ड इससे ज्यादा अन्दर ना करना। हनी को टाइम दो, आज उसका पहला दिन है। वो घबराई हुई है”

तो फरहान ने कहा- “ठीक है आपी... नहीं करता”

अब आपी ने मुझे हिलाया और बोलीं- “सगीर डालो ना अन्दर”

मैंने अपना लण्ड जो कि मैंने पहले ही हाथ में पकड़ा हुआ था, आपी की चूत के सुराख पर रखा और एक ही तेज़ झटके से आपी की चूत के अन्दर कर दिया। लण्ड आपी की चूत के अन्दर गया तो आपी ने आँखें बंद कर लीं और मेरी कमर को पकड़ कर रोक दिया। मैं भी वहीं रुक गया।

आपी बोलीं- “सगीर! दर्द हो रहा है... शायद लण्ड सूख गया था”

तो मैंने कहा- “आपी, अभी ठीक हो जाएगा”

यह कहते हुए मैंने अपनी कमर को आहिस्ता-आहिस्ता हिलना चालू कर दिया और आराम से आपी की चूत को चोदने लगा।
TO BE CONTINUED .....
चूम लूं तेरे गालों को, दिल की यही ख्वाहिश है ....
ये मैं नहीं कहता, मेरे दिल की फरमाइश है !!!!

Love You All  Heart Heart
[+] 2 users Like KHANSAGEER's post
Like Reply


Messages In This Thread
जिस्म की भूख - by KHANSAGEER - 05-02-2024, 06:40 PM
RE: जिस्म की भूख - by sri7869 - 11-02-2024, 08:26 PM
RE: जिस्म की भूख - by Aftab94 - 16-02-2024, 03:03 PM
RE: जिस्म की भूख - by Aftab94 - 16-02-2024, 10:06 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 17-02-2024, 07:45 PM
RE: जिस्म की भूख - by Aftab94 - 18-02-2024, 09:16 AM
RE: जिस्म की भूख - by Aftab94 - 18-02-2024, 04:29 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 25-02-2024, 05:28 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 27-02-2024, 10:09 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 02-03-2024, 11:06 PM
RE: जिस्म की भूख - by sri7869 - 05-03-2024, 12:36 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 10-03-2024, 02:26 PM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 12-03-2024, 07:43 AM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 12-03-2024, 05:30 PM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 14-03-2024, 02:36 PM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 18-03-2024, 09:07 AM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 19-03-2024, 06:24 PM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 28-03-2024, 02:09 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 28-03-2024, 10:16 PM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 30-03-2024, 02:28 PM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 02-04-2024, 10:36 PM
RE: जिस्म की भूख - by saya - 10-04-2024, 05:17 PM
RE: जिस्म की भूख - by Chandan - 11-04-2024, 09:41 AM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 17-04-2024, 11:34 AM
RE: जिस्म की भूख - by Vnice - 17-04-2024, 02:06 PM
RE: जिस्म की भूख - by KHANSAGEER - 18-04-2024, 12:34 PM



Users browsing this thread: 1 Guest(s)