24-02-2024, 12:08 AM
मैंने झट से उसे लेटाया और उसके सुंदर भूरे बूब्स को मसलने लगा.. तो वो मोन करने लगी आअहह विराज कुछ करो.. विराज जल्दी करो और सहा नहीं जाता। तो में धीरे धीरे उसके पैरों तक पहुंच गया और चूमने चाटने लगा। फिर धीर धीरे साड़ी को उठाता गया और किस करता रहा और देर ना करते हुए मैंने साड़ी को उसकी कमर तक उठा दिया और पेटिकोट, साड़ी को निकाल कर फेंक दिया.. वो क्या गजब लग रही थी.. मुझे मेरी आँखों पर तो यकीन ही नहीं हो रहा था.. उसकी पेंटी पहले से ही पूरी भीगी हुई थी शायद उसने पानी छोड़ दिया हो और वो बहुत शरमा रही थी और वो अपने दोनों हाथों से उसकी पेंटी को छुपा रही थी। फिर मैंने उसके हाथों को चूमा और अपनी जगह से हटा दिया और फिर मैंने उसकी एक साईड से जांघो को बहुत चाटा और चूमा फिर उसकी पेंटी को निकाल कर फेंक दिया और मैंने देखा कि उसकी चूत पर हल्के हल्के भूरे बाल थे.. शायद 1-2 दिन पहले ही कटे होंगे और मैंने उसके ऊपर लगे हुए जूस को साफ किया और चूत के ऊपर हल्का सा किस करते ही उसने मुझसे कहा कि यह गंदा है.. लेकिन मैंने कहा कि में इसे टेस्ट करना चाहता हूँ और वो बड़ी मुश्किल से मानी। तों फिर और क्या था में टूट पड़ा उसकी चूत के ऊपर की तरफ किस करता रहा और धीरे से अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी.. वाह उसकी चूत क्या गरम थी अहह एकदम भट्टी जैसी गरम और फिर में चूत को चूमता गया और धीरे धीरे उंगली को आगे पीछे करके चोदता गया।
फिर वो मेरे सर को उसकी चूत पर दबाए जा रही थी.. शायद उसे मज़ा आने लगा था और मुझे भी उसके जूस का टेस्ट एकदम मलाई के जैसा लग रहा था.. लेकिन थोड़ा नमकीन भी था। फिर उसके बाद मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया तो वो सिहर उठी और उसने अपना पानी मेरे मुहं पर छोड़ दिया और फिर मुझे खींचकर मेरे मुहं पर लगा हुआ जूस चाटने लगी और देर ना करते हुए उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी चूत के पास ले गई और मुझे धक्का लगाने को कहा। तो मैंने एक ही बार में आधे से ज़्यादा लंड उसकी चूत में डाल दिया.. तो वो चिल्ला उठी उउईईइ माँ मार डाला रे साले कमीने बहनचोद थोड़ा धीरे धीरे कर.. ऐसे तो मेरी चूत फट जाएगी। फिर मैंने ध्यान दिया कि उसकी बहुत टाईट थी शायद वो बहुत दिनों से चुदवा नहीं रही थी। फिर एक धक्का और पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अंदर..
अंजू : चोदो जान और अह्ह्ह ज़ोर से चोदो आआअहह उफ्फ्फ।
में : हाँ जान यह लो मेरा लंड.. यह कहकर में और जोरों से चोदने लगा।
अंजू : फाड़ डाल इसे.. फाड़ डालो बहुत अहह परेशान किया हुआ था इसने मुझे अहहूंम्म आज इसे फाड़ ही डालो।
फिर वो मेरे सर को उसकी चूत पर दबाए जा रही थी.. शायद उसे मज़ा आने लगा था और मुझे भी उसके जूस का टेस्ट एकदम मलाई के जैसा लग रहा था.. लेकिन थोड़ा नमकीन भी था। फिर उसके बाद मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया तो वो सिहर उठी और उसने अपना पानी मेरे मुहं पर छोड़ दिया और फिर मुझे खींचकर मेरे मुहं पर लगा हुआ जूस चाटने लगी और देर ना करते हुए उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी चूत के पास ले गई और मुझे धक्का लगाने को कहा। तो मैंने एक ही बार में आधे से ज़्यादा लंड उसकी चूत में डाल दिया.. तो वो चिल्ला उठी उउईईइ माँ मार डाला रे साले कमीने बहनचोद थोड़ा धीरे धीरे कर.. ऐसे तो मेरी चूत फट जाएगी। फिर मैंने ध्यान दिया कि उसकी बहुत टाईट थी शायद वो बहुत दिनों से चुदवा नहीं रही थी। फिर एक धक्का और पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अंदर..
अंजू : चोदो जान और अह्ह्ह ज़ोर से चोदो आआअहह उफ्फ्फ।
में : हाँ जान यह लो मेरा लंड.. यह कहकर में और जोरों से चोदने लगा।
अंजू : फाड़ डाल इसे.. फाड़ डालो बहुत अहह परेशान किया हुआ था इसने मुझे अहहूंम्म आज इसे फाड़ ही डालो।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
