10-12-2023, 06:53 PM
(10-12-2023, 06:53 PM)neerathemall Wrote: .अगले दिन पापा और मम्मी वापस आ गये. मैं जब अगले दिन सो के उठी तो मेरा और भी बुरा हाल था. चूत और भी ज़्यादा सूज गयी थी और गांद का दर्द भी ठीक नहीं हुआ था. डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी था. अगले दिन मैं एक लेडी डॉक्टर के पास गयी. लेडी डॉक्टर को देखते ही मेरे होश उड़ गये. वो मेरे कॉलेज की दोस्त वीना निकली. वो भी मुझे देखते ही पहचान गयी और खूब गले मिली,
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जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
