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Adultery शर्मिली भाभी
तुषार के मुंह से इस तरह की बात सुन कर रश्मी एकदम से सकते में आ जाती है। शर्म और भीरुता का आपस में चोली दामन का साथ होता है। जो भीरु याने ड़रपोक होते हैं वो अक्सर शर्म को अपना सहारा बनाते हैं खुद को ड़रपोक कहलाने से बचने के लिये, रश्मी भी वास्तव में ड़रपोक ही थी। तुषार की बातों ने उसके मन और मस्तिष्क में गहरा असर ड़ाला और वो मन ही मन बुरी तरह से ड़र गई। उसे अब अपनी बदनामी का ही ड़र सताने लगा और वो सोचने लगी यदि इसने ऐसा कुछ कर दिया तो दोनों ही परिवारों के सभी सदस्यों की चौतरफ़ा बदनामी होगी, और मेंरी दोनो बहनों की तो क्या? इसकी अपनी बहन की दिया की शादि में समस्या खड़ी हो जायेगी। तुषार की बातों ने उसे बुरी तरह से झकझोर दिया था और वो अपनी वर्तमान नग्न अवस्था को भूल कर तुषार की बातों का ही मंथन करने में उलझ गई।


इधर तुषार रश्मी की तरफ़ बारीकि से देख रहा था और अपने शब्दों की उस पर प्रतिक्रिया की थाह लेने की कोशिश कर रहा था । उसने देखा कि रश्मी पूरी तरह से विचार मग्न है और बुरी तरह से चिंतित भी है। वो समझ गया कि उसका तीर एकदम निशाने पर लगा है। रश्मी को इस तरह शांत बैठे देख वो मुस्कुरा दिया , इसी तरह जब दो, तीन मीनट तक वो इसी तरह प्रतिक्रिया विहीन बैठी रही तो वो समझ गया कि अब इसके तरकश में तीर नहीं बचे है और एक प्रकार से इसने हथियार ड़ाल दिये है।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
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RE: शर्मिली भाभी - by neerathemall - 30-01-2023, 11:56 AM



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