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Adultery धन्नो द हाट गर्ल
#20
सोनाली झड़ने के बाद लण्ड को अपनी चूत से निकालकर सीधा बैठ गई और अपनी चूत के रस से गीले लण्ड को अपने मुँह में ले लिया। सोनाली ने अपना पूरा मुँह खोल रखा था और आकाश का लण्ड जितना हो सकता था अंदर ले लिया और अपने नरम होंठों से आगे-पीछे करने लगी।
आकाश की आँखें मजे से बंद होने लगी। सोनाली आकाश के लण्ड को अपने मुँह से बाहर निकलते हुए उसे ऊपर से नीचे तक अपनी जीभ से चाटने लगी और अपना दूसरे हाथ से उसकी आँड को सहलाने लगी। आकाश ने सोनाली को बेड पर गिराते हुए उसके ऊपर चढ़कर अपना लण्ड उसकी दोनों चूचियों के बीच रखा और धक्के लगाने लगा। इस पोजीशन में आकाश का लण्ड सोनाली की चूचियों के बीच होता हुआ उसके होंठों को छूता। सोनाली अपना मुँह खोलकर सुपाड़े को चाट लेती। आकाश ने सोनाली की दोनों चूचियां कसकर पकड़ रखी थी और अपना लण्ड उनके बीच बहुत जोर से आगे-पीछे कर रहा था। आकाश का बाँध अब टूटने वाला था।
सोनाली ने आकाश से कहा- “अपना वीर्य मेरे मुँह में छोड़ना...”
आकाश ने अपना लण्ड उसके मुँह में डालकर वीर्य से भरने लगा। सोनाली ने वीर्य की एक बूंद भी नीचे नहीं गिरने दी और सारा वीर्य पी लिया। सोनाली अब निढाल होकर बेड पर लेट गई।
आकाश बाथरूम से फ्रेश होकर आया और सोनाली के होंठों पर चुंबन देते हुए कहा- “मैं जा रहा हूँ, यह मेरा फोन नंबर है। जब आप फोन करेंगी मैं हाजिर हो जाऊँगा."
सोनाली उसके साथ दरवाजे तक आ गई और उसके जाने के बाद दरवाजा बंद करके अपने कमरे में आकर धन्नो और बिंदिया के बारे में सोचने लगी, क्योंकी शाम को सोनाली ने बिंदिया और धन्नो की बातें सुन ली थी। सोनाली को पता चल चुका था की उसके बारे में बिंदिया और धन्नो सब कुछ जान चुकी हैं। इसीलिए आज उसने दूध की बजाए खाने में दवा मिला दी थी। वो नहीं चाहती थी की बिंदिया और सोनाली उसे रोज देखें। क्योंकी वो यह सब देखकर गलत रास्ते पर जा सकती थी। यही सोचते हुए उसे नींद आ गई।
सुबह को मैं और बिंदिया तैयार होकर साथ में कालेज जाने लगी। मैंने बिंदिया से कहा- “रात को मुझे नींद आ गई थी क्या तुमने कुछ देखा था...”
बिंदिया ने कहा- “मुझ भी नींद आ गई थी...”
धन्नो- “मुझे तो उस रात के बारे में सोचते हुए गुदगुदी होती है...”
हम बातें करते हुए कालेज पहुँच गये। मैं अपने क्लास में चली गई। बिंदिया अपने क्लास में पहुँचते ही रोहन के साथ जाकर बैठ गई।

एक पीरियड के बाद रोहन ने बिंदिया से कहा- “खाली पीरियड है चलो पार्क में बैठकर बातें करते हैं...” और दोनों पार्क में आकर बैठ गये।
रोहन ने बातें करते हुए अपना हाथ बिंदिया के हाथ के ऊपर रख दिया। बिंदिया अपने हाथ पर मर्द का स्पर्श पाते ही सिहर उठी। उसे कभी किसी मर्द ने छुआ तक नहीं था। रोहन का मजबूत हाथ उसे पागल बना रहा था। रोहन ने बिंदिया के हाथ पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए उसे अपनी बाहों में भर लिया। रोहन पहले कभी भी बिंदिया को हाथ लगाता था तो वो उसे अपने आपसे परे धकेल देती थी। लेकिन आज बिंदिया भी रोहन को नहीं रोक रही थी। रोहन ने आगे बढ़ते हुए बिंदिया के सिर को अपने कंधे से उठाया और उसके तपते होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
बिंदिया मजे से हवा में उड़ने लगी। उसके सारे बदन में चींटियां रेंग रही थी। तभी पार्क के बाहर किसी के कदमों की आवाज सुनकर बिंदिया ने रोहन को परे धकेलते हुए अपने आपको ठीक किया। बिंदिया की साँसें अभी तक बहुत तेज चल रही थीं। उसने अपनी साँसों को ठीक किया।
तभी वहाँ से एक जोड़ा गुजरता हुआ चला गया।
रोहन ने बिंदिया को बैठने को कहा मगर वो डर रही थी के कहीं कोई और ना आ जाए। बिंदिया ने रोहन से कहा- “चलो क्लास शुरू हो गई होगी, क्लास में चलते हैं...” और रोहन के साथ क्लास में आ गई।
मैं भी खाली पीरियड देखकर बाहर चली आई और पार्क में आकर बैठ गई और किताब खोलकर पढ़ने लगी। तभी मुझे कुछ अजीब आवाज सुनाई दी। मैंने गौर से सुना की किसी लड़की के हँसने की आवाज थी जो पार्क के दूसरी तरफ से आ रही थी।
 horseride  Cheeta    
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RE: धन्नो द हाट गर्ल - by sarit11 - 26-12-2018, 01:56 PM



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