30-09-2022, 05:46 PM
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फिर में दुसरे दिन अतुल के घर पढने के लिए गया तो देखा घर पर मम्मी पापा नहीं थे और शायद अतुल उपर था | और सोनिया मुझे किचन पर खाना बनाते हुए दिखी | तो एकदम से कॉलेज वाली बात याद आई तो मुझे भी उस मजाक का बदला लेने का ख्याल आया | मैं धीरे से किचन में घुस गया और पीछे से उसकी गांड मैं धीरे से एक हाथ मारा तो वो उचक गई और जेसे ही मैंने सोनिया का चेहरा देखा तो बहुत लाल था | वो गुस्सा हो गई और भाग गई | मुझे भी बहुत डर लगने लगा और मैं भी घर चला गया| उस दिन पूरी रात नींद नहीं आ रही थी | लग रहा था कि कही सोनिया ने अतुल को सब कुछ बता तो नहीं दिया |
फिर दुसरे दिन अतुल का फ़ोन आया तो मैं उसका फ़ोन देख कर बहुत डर गया था | लेकिन जब मैंने फ़ोन उठाया तो अतुल ने मुझसे कहा कि तू कल घर में पढने के लिए क्यों नहीं आया | मैंने उसे कह दिया कि मेरी बाइक ख़राब हो गयी थी | इसलिए मैं नहीं आ पाया फिर अतुल ने बोला ठीक है लेकिन आज तो आ रहा है न मैंने कहा हाँ मैं आज आऊंगा | फिर मेरे अंदर जान में जान आई और बहुत अच्छा लगा की सोनिया ने अतुल से कुछ नहीं बताया था | फिर में दुसरे दिन अतुल के घर पंहुचा तो मेरी सोनिया के सामने जाने में गांड फट रही थी | अतुल और सोनिया साथ में ही बठे थे | मैं जैसे ही अतुल के पास गया तो सोनिया मुझे बहुत गुस्से से देख रही थी और मैंने उसे हाय किया तो उसने मुझसे हाय तक नहीं की | फिर मैंने अतुल से पूछा अतुल मम्मी पापा नहीं दिख रहे है तो उसने बताया वो दोनों मार्किट गए हुए है | तभी उसी समय अतुल के पापा का फ़ोन आया कि सब्जी खरीदते समय वो अपनी कार से चाबी निकलना भूल गए थे | और कार अपने आप लॉक हो गई थी तो घर से अतुल को चाबी लाने को कहा | अतुल ने जल्दी से मेरी बाइक कि चाबी मांगी और बोला कि मैं अभी मार्किट से आता हूँ पापा को कार कि चाबी देकर |
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जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
