17-08-2022, 06:01 PM
(This post was last modified: 17-08-2022, 06:04 PM by neerathemall. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
अब तू मुज़ पर एक एहसान ओर कर दे. जल्दी से मुज़े एक पोता दे दे. समजी ? मुज़े बच्चा चाहिए. प्रदीप मेरा अकेला है थोड़ा सा बेकवार्ड है उस के साथ तुज़े सलूकाई से काम लेना होगा. मेने डाक्टर रवि की राई ली है उन का कहना था की प्रदीप जैसे लड़के नपुंसक होते हें और बाप नहीं बन सकते. लेकिन में ये मानने तैयार नहीं हूँ मेने क्या कहूँ तुझ से ? तू जो मेरी बेटी बराबर हो ? ख़ैर, माफ़ करना मुज़े साफ़ साफ़ बताना पड़ेगाउन्हों ने नज़र फिरा ली. बोले : मैने उन का वो..वो देखा है टटार हुआ देखा है मुझे विश्वास है की वो तेरे साथ शारीरिक संबंध कर सकेगा और बच्चा पैदा कर सकेगा. मेरी ये विनती है की तू ज़रा सब्र से काम लेना, जैसी ज़रूर पड़े वैसी उसे मदद करना.ये सब सुन कर मुझे शरम आती थी. मेरा चहेरा लाल लाल हो गया था और में उन के सामने देख नहीं सकती थी. मेने कुछ कहा नहीं. वो आगे बोले : तुमारी सुहाग रात परसों है आज नहीं. में तुज़े एक किताब देता हूँ पढ़ लेना, सुहाग रात पर काम आएगी. और मुझ से शरमाना मत, में तेरे पिता जैसा ही हूँमुझ से नज़र चुराते हुए उन्हों ने मुज़े किताब दी और चले गाये किताब काम शास्त्र की थी. मैने ऐसी किताब के बारे में सुना था लेकिन कभी देखी नहीं थी. किताब में चुदाई में लगे हुए कपल्स के फ़ोटो थे. मैं ख़ूब जानती थी की चुदाई क्या होती है लंड क्या है छूट क्या है सब. फिर भी फ़ोटो देख कर मुझे शरम आ गयी इन में से काई फ़ोटो ऐसे थे की जिस के बारे में मैने कभी सोचा तक ना था. एक फ़ोटो में औरत ने लंड मुँह में लिया था, छी छी इतना गंदा ? दूसरे में वही औरत की भोस आदमी चाट रहा था. एक में आदमी का पूरा लंड औरत की गांड में घुसा हुआ दिखाया था. कई फ़ोटो में एक औरत दो दो आदमी से चुदवाती दिखाई थी. ये देखने में में इतनी तल्लीन हो गयी थी की कब प्रदीप कमरे में आए वो मुज़े पता ना चला.आते ही उस ने पीछे से मेर आँखें पर हाथ रख दया और बोले : कौन हूँ में ? मेने उन की कलाइयाँ पकड़ ली और बोली : छोड़िये कोई देख लेगा. मुज़े छोड़ कर वो सामने आए और बोले : क्या पढ़ती हो ? कहानियाँ की किताब है ? अब मेरे लिए समस्या हो गयी की उन को चुदाई के फ़ोटू वाली किताब कैसे दिखा उन.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
