06-08-2022, 04:20 PM
अच्छी रचना है । पर तारतम्यता का अभाव है।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.

Incest Lockdown me chote bhai se chud gayi
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