11-07-2022, 04:22 PM
इस बार मैं अपनी बीवी को साथ लेकर गया था.
उसी समय जैसे ही जनता कर्फ्यू की घोषणा हुई, मैंने विचार बना लिया कि अपने घर वापस चले जाते हैं. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
मेरे काम की वजह से मुझे रुकना पड़ा और उसी के बाद लॉकडाउन लगा दिया गया तो हम दोनों वहीं फंस गए.
उसी समय जैसे ही जनता कर्फ्यू की घोषणा हुई, मैंने विचार बना लिया कि अपने घर वापस चले जाते हैं. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
मेरे काम की वजह से मुझे रुकना पड़ा और उसी के बाद लॉकडाउन लगा दिया गया तो हम दोनों वहीं फंस गए.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
