07-07-2022, 01:59 PM
आह … क्या मस्त चूचे थे. मैंने उसके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया. वो गर्मागर्म सिसकारियां लेने लगी. मैं अपने होंठों से उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके मम्मों की तरफ बढ़ने लगा. उसकी शर्ट के कुछ बटन खोलने के बाद मैंने उसके नंगे चूचे को हाथ से सहलाना शुरू कर दिया. उसके मम्मे बिल्कुल रुई की तरह मुलायम थे, बिल्कुल गुलगुले.
फिर मैंने एकदम झटके से अपना मुँह उसके निप्पल पर लगाया और उसके एक मम्मे को अपने मुँह में पूरा भर लिया. वो इससे वो तेज सिसकारी लेने लगी. मुझे उसके सिसकारी का डर नहीं था क्योंकि थिएटर में हमारे आस पास कोई था ही नहीं.
अब मैंने उसके पूरे मम्मे को मसलते हुए मुँह से तेज तेज चूसना शुरू किया. मैंने उसके अधिकांश दूध को अपने मुँह में भर लिया था. साथ ही उसके दूसरे चूचे को हाथ से मसल रहा था.
मैंने अपनी पैंट का ज़िप खोलकर अपना लंड बाहर निकाला. मेरा लंड करीब 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. मैंने लंड को दीक्षा के हाथ में दे दिया.
वो बोली- बाप रे इतना बड़ा और गर्म है तुम्हारा ये …
मैंने कहा- इसका कोई नाम भी होता है.
उसने शर्मा कर कहा- इत्ता बड़ा ल..लंड.
मैंने हंस कर उसके चूचे दबा दिए.
फिर मैंने एकदम झटके से अपना मुँह उसके निप्पल पर लगाया और उसके एक मम्मे को अपने मुँह में पूरा भर लिया. वो इससे वो तेज सिसकारी लेने लगी. मुझे उसके सिसकारी का डर नहीं था क्योंकि थिएटर में हमारे आस पास कोई था ही नहीं.
अब मैंने उसके पूरे मम्मे को मसलते हुए मुँह से तेज तेज चूसना शुरू किया. मैंने उसके अधिकांश दूध को अपने मुँह में भर लिया था. साथ ही उसके दूसरे चूचे को हाथ से मसल रहा था.
मैंने अपनी पैंट का ज़िप खोलकर अपना लंड बाहर निकाला. मेरा लंड करीब 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. मैंने लंड को दीक्षा के हाथ में दे दिया.
वो बोली- बाप रे इतना बड़ा और गर्म है तुम्हारा ये …
मैंने कहा- इसका कोई नाम भी होता है.
उसने शर्मा कर कहा- इत्ता बड़ा ल..लंड.
मैंने हंस कर उसके चूचे दबा दिए.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
