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Incest Didi ke sath Bus me Hawas bhara Safar
#35
बस मैं हमारे बिच बहुत कुछ हो चुका था एमजीआर वो सब भिड़ या बस के झटकों की वजह से हो रहा था एमजीआर याहा हम लोग खुद से सब कर रहे थे। ये सब करते हुए मजा भी आ रहा था या घबड़ाहट भी हो रही थी।

तबी दीदी ने अपना जोड़ी उत्थान या ख़िस्का कर मेरे तंग लुंड के ऊपर रख दिया। उफ्फ्फ मेरे तो पूरी बॉडी माई करंट सा दौड़ गया। मेने दीदी की सॉफ्ट थाईज जोर से डबा दी जिससे वहा पुरा लाल हो गया। दीदी के मुह से भी आह निकल गई।

अब मैं भी अपना हाथ धीरे धीरे दीदी की जांघों को सहलते हुए स्कर्ट के एंडर ले जानेलगा। दोस्तो जेसे ही मेरा हाथ स्कर्ट के एंडर गया मुझे अपने हाथ पर बहुत गरमी सी महसुस हुई। दोस्तो दीदी की स्कर्ट के अंदर का तापमान बहुत गरम था।

जेसे जेसे माई अपना हाथ ऊपर ले जा रहा था वेसे गरमी बढ़ती जा रही थी। तबी दीदी ने मेरा हाथ रोक दिया या मेरे कंधे पर सर रख कर जोर से सांस लेने लगी। दीदी बहुत गरम हो चुकी थी।

फिर मैंने हलके से अपना हाथ ऊपर किया तो दीदी ने वापस मेरा हाथ रोक दिया मगर मेरे हाथ में हलका सा दीदी की चुत का पानी लग गया था।

दीदी धीरे से मेरे कान मैं बोली plz मत छुओ। एसा लग रहा था जेसे अगर मेने कुछ भी या किया तो दीदी अपना कंट्रोल खो देंगे क्योंकि उसका चेहरा पुरा लाल हो गया था या आंखें माई सिरफ वासना या हवा ही दिख रही थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
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RE: Didi ke sath Bus me Hawas bhara Safar - by neerathemall - 07-07-2022, 01:21 PM



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