16-03-2022, 12:55 PM
तो मैंने अंजू के बूब्स को सहलाना, मसलना शुरू कर दिया. तो वो अपनी दोनों आँखें बंद किए हुई थी और कुछ बडबडा रही थी.. शायद वो मोनिंग कर रही थी.. लेकिन मैंने उस तरफ ज्यादा ध्यान ना देते हुए बाकी के बचे हुए कपड़े भी खोल डाले और ब्लाउज को उतार फेंका.. वो क्या नज़ारा था.. आज तक जो बूब्स मैंने सपने में देखे थे आज वही असली मेरे सामने थे और मैं खुद पर कंट्रोल नहीं कर सका और बूब्स पर टूट पड़ा.. उसके भूरे निप्पल एकदम से सख्त हो चुके थे और इस बीच अंजू ने मुझे हटाया और मेरे होंठ पर अपने होंठ रख दिए
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
