11-01-2022, 01:33 PM
अब मैं उसके मुँह के ऊपर अपनी चूत रख कर बैठ गई और कहा- जैसे मैंने तुम्हारे लौड़े को चूसा है तुम भी मेरी चूत को चाटो और अपनी जुबान मेरी चूत के अन्दर घुसाओ।
वो मेरी चूत चाटने लगा। उसको अभी तक चूत चाटना नहीं आता था मगर फिर भी वो पूरा मजा दे रहा था। मेरी चूत से पानी निकल रहा था जिसको वो चाटता जा रहा था और कभी-कभी तो मेरी चूत के होंठो को अपने दांतों से काट भी देता था जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसका लौड़ा फिर से तन चुका था।
अब मैं उठी और अपनी चूत को उसके लौड़े के ऊपर सैट करके बैठ गई, मेरी गीली चूत में उसका लौड़ा आराम से घुस गया पर उसका लौड़ा बहुत बड़ा था। थोड़ा ही अन्दर जाने के बाद मुझे लगने लगा कि यह तो मेरी चूत को फाड़ डालेगा।
शायद उसको भी तकलीफ हो रही थी, वो बोला- भाभी, मेरा लौड़ा आपकी चूत से दब रहा है।
मैंने कहा- बस थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा... पहली बार में सबको तकलीफ होती है।
मैंने थोड़ी देर आराम से लौड़ा अन्दर-बाहर किया। फिर जब वो भी नीचे से अपने लौड़े को अन्दर धकेलने लगा तो मैं भी अपनी गाण्ड उठा-उठा कर उसके लौड़े का मजा लेने लगी। अब तक वो भी पूरा गर्म हो चुका था, उसने मुझे अपने नीचे आने के लिए कहा तो मैं वैसे ही लौड़े अन्दर लिए ही एक तरफ़ से होकर उसके नीचे आ गई और वो ऊपर आ गया।
वो मुझे जोर-जोर से धक्के मारना चाहता था। उसका लौड़ा बाहर ना निकल सके इसलिये मैंने अपनी टांगों को उसकी कमर में घुमा लिया कैंची की तरह कस लीं। फिर वो आगे-पीछे होकर धक्के मारने लगा। मैं भी नीचे से उसका साथ दे रही थी, अपनी गाण्ड को हिला-हिला कर। उसके हर धक्के के साथ मेरी सैंडलों की ऊँची ऐड़ियाँ उसके चूतड़ों में गड़ जाती थीं।
काफी देर तक हमारी चुदाई चलती रही और फिर हम दोनों झड़ गये और वैसे ही लेट रहे।
वो मेरी चूत चाटने लगा। उसको अभी तक चूत चाटना नहीं आता था मगर फिर भी वो पूरा मजा दे रहा था। मेरी चूत से पानी निकल रहा था जिसको वो चाटता जा रहा था और कभी-कभी तो मेरी चूत के होंठो को अपने दांतों से काट भी देता था जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसका लौड़ा फिर से तन चुका था।
अब मैं उठी और अपनी चूत को उसके लौड़े के ऊपर सैट करके बैठ गई, मेरी गीली चूत में उसका लौड़ा आराम से घुस गया पर उसका लौड़ा बहुत बड़ा था। थोड़ा ही अन्दर जाने के बाद मुझे लगने लगा कि यह तो मेरी चूत को फाड़ डालेगा।
शायद उसको भी तकलीफ हो रही थी, वो बोला- भाभी, मेरा लौड़ा आपकी चूत से दब रहा है।
मैंने कहा- बस थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा... पहली बार में सबको तकलीफ होती है।
मैंने थोड़ी देर आराम से लौड़ा अन्दर-बाहर किया। फिर जब वो भी नीचे से अपने लौड़े को अन्दर धकेलने लगा तो मैं भी अपनी गाण्ड उठा-उठा कर उसके लौड़े का मजा लेने लगी। अब तक वो भी पूरा गर्म हो चुका था, उसने मुझे अपने नीचे आने के लिए कहा तो मैं वैसे ही लौड़े अन्दर लिए ही एक तरफ़ से होकर उसके नीचे आ गई और वो ऊपर आ गया।
वो मुझे जोर-जोर से धक्के मारना चाहता था। उसका लौड़ा बाहर ना निकल सके इसलिये मैंने अपनी टांगों को उसकी कमर में घुमा लिया कैंची की तरह कस लीं। फिर वो आगे-पीछे होकर धक्के मारने लगा। मैं भी नीचे से उसका साथ दे रही थी, अपनी गाण्ड को हिला-हिला कर। उसके हर धक्के के साथ मेरी सैंडलों की ऊँची ऐड़ियाँ उसके चूतड़ों में गड़ जाती थीं।
काफी देर तक हमारी चुदाई चलती रही और फिर हम दोनों झड़ गये और वैसे ही लेट रहे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
