11-01-2022, 12:32 PM
भाभी की एक सहेली
म सब उनसे छोटे थे और उन्हें भाभी-भाभी कहके बुलाते थे. भाभी के साथ बात करना, भाभी के हाथ का बना खाना खाना, हम सभी को बहुत अच्छा लगता था. भाभी का प्यार पा कर हम सभी बहुत खुश थे. पर भाभी के मन में जैसे कुछ और ही चल रहा था.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
