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मनमोहक गंदी कहानियाँ... RoccoSam
#46
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किचन में निहारिका और आशीष ने सारे बर्तन Sink में रख दिये और फिर निहारिका ने किचन के Wash Basin से पानी लेकर अपनी चूत भी धो ली.

कमरे में वापस आकर निहारिका ने देखा कि उसके ससुर जी और जेठ जी सोफे पर बैठे हुए सिगरेट पी रहें हैं.

" सोफे पर नहीं... गंदा हो जायेगा. बिस्तर तो गंदा कर ही दिया है आपलोगों ने. ". निहारिका ने कहा, वो समझ गई कि उसे सोफे पर चोदे जाने का प्लान बनाया जा रहा है.

" गंदा नहीं होगा... Relax. ". जेठ जी ने कहा और उठ कर पलंग से चादर खींच लायें, और ससुर जी कि मदद से इस तरह सोफे पर बिछा दिया कि सोफा पूरी तरह से ढंक गया. फिर दोनों सोफे पर अगल बगल बैठ गयें.

" लीजिये भाभी... आपकी Problem Solve हो गई... आज कोई बहाना नहीं चलेगा. ". आशीष ने निहारिका के चूतड़ पर कस कर एक तमाचा मारा. निहारिका ने गुस्से से पीछे मुड़ कर उसे देखा, मुस्कुराई, और फिर सोफे कि ओर बढ़ चली.

" इतना Torture मत कीजिये लण्ड को... कहीं हार्ट अटेक ना आ जाये ! ". निहारिका ने हँसते हुए कहा. वो ससुर जी और जेठ जी के सामने अपनी कमर पर हाथ दिये खड़ी दोनों के लण्ड कि हालत पर तरस खाने लगी.

दरअसल दोनों मर्दों का लण्ड एकदम ढीला पड़ गया था, पर उनके चोदने कि इच्छा थोड़ी सी भी कम नहीं हुई थी. ससुर जी ने अपना सिगरेट ज़मीन पर फेंक दिया और निहारिका को उसकी कमर से पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया. अब निहारिका कि चूत ससुर जी के चेहरे के सामने थी . ससुर जी ने सीधे अपना मुँह बहु कि जांघों के बीच घुसा दिया और बहु कि चूत चूमते चाटते हुए मूठ मार कर अपना लौड़ा खड़ा करने कि कोशिश करने लगें !

आशीष ने देखा कि पलंग से चादर खींचने के दौरान भाभी कि Red वाली पैंटी नीचे ज़मीन पर गिर गई थी. उसने भाभी कि पैंटी उठा ली और सूंघते सूंघते वहीं खड़ा खड़ा मूठ मारने लगा.

" हमारे हार्ट अटेक कि फिक्र ना कीजिये बहुरानी जी. बस ध्यान रखिये कि आज कहीं आप हम तीनों से Pregnant ना हो जायें !!! ". जेठ जी ने हँसते हुए कहा, वो भी अपना लण्ड रगड़ मसल कर खड़ा करने कि चेष्टा कर रहें थें.

" राजेश... ये क्या बदतमीज़ी है ? अपने भाई कि धर्मपत्नी को Pregnant करोगे ??? ". ससुर जी ने निहारिका कि चूत से मुँह निकाल कर अपने बेटे को डपट लगाई.

बिना सोचे समझे अपने मुँह से गलती से निकली बात कि गंभीरता कि समझ होते ही राजेश ने सिर नीचे झुका लिया.

" It' s Okay बाबू जी... उनका वो मतलब नहीं था... उन्होंने मज़ाक किया. मैं भी तो आपलोगों को कितना कुछ सुना देती हूं. ". निहारिका ने कहा और ससुर जी का सिर पकड़ कर उनका मुँह वापस से अपनी बूर में घुसा लिया.

" आशीष... पैंटी दे ज़रा. " . जेठ जी कहा तो आशीष ने भाभी कि पैंटी उनकी ओर फेंक दी और खुद अब भाभी के पीछे खड़ा होकर उसकी गांड़ सहलाने दबाने लगा.

जेठ जी पैंटी सूंघते हुए अपना लण्ड हिलाने लगें.

ससुर जी ने अबकी बार जब निहारिका कि जांघों में से अपना सिर बाहर निकाला तो नीचे निहारिका ने देखा कि उनकी मुट्ठी में उनका लण्ड अब मोटा हो गया था. वो अपनी टांग उठा कर उनकी गोद में बैठ गई और उनके अंडकोष अपनी चूत से घिसने लगी. 2 - 3 मिनट में ही ससुर जी के लण्ड का सुपाड़ा निहारिका के पेट में खोंचा मारने लगा... ससुर जी का लौड़ा रेडी हो गया था !

निहारिका ने ससुर जी के खड़े लण्ड पर थूक दिया, उसकी थूक लण्ड के सुपाड़े से फिसल कर पूरे लण्ड पर फ़ैलने लगी. निहारिका ने अपनी गांड़ ऊपर उठा कर अपनी चूत कि फांक को उनके लण्ड पर फिट किया और नीचे बैठ गई, लण्ड एक ही बार में उसकी चूत में धस गया. निहारिका अपने ससुर जी कि गोद में बैठी उछल उछल कर चुदने लगी !

आशीष चुदा रही अपनी भाभी के हिलते हुए चूतड़ सहलाते हुए अपनी मूठ मारने लगा. जेठ जी अब निहारिका कि पैंटी अपने लण्ड पर लपेट कर मूठ मारते हुए उसकी चुदाई देखने लगें.

निहारिका को भली भांति पता था कि उसे तीनों मर्दों का ध्यान रखना होगा , इसलिए वो ससुर जी से पेलवाने के दौरान बीच बीच में देवर जी और जेठ जी को देख लेती थी कि किसका लण्ड खड़ा हो रहा है, ताकि उसे भी चोदने का मौका मिल सके.

करीब 5 - 7 मिनट के बाद ही निहारिका ने देखा कि जेठ जी का लण्ड खड़ा हो गया है, अब जेठ जी ने पैंटी लण्ड से हटा कर एक तरफ सोफे पर रख दी. उन्होंने अपने हाथ में थूका और वो थूक अपने लण्ड पर मलने लगें और निहारिका कि ओर देखा... निहारिका उनका इशारा समझ गई. वो ससुर जी कि गोद से उठ कर अब जेठ जी कि गोद में बैठ गई और उनसे चुदने लगी !

कुछ ही देर में आशीष भी मूठ मार मार कर अपना लौड़ा खड़ा करने में सफल रहा... निहारिका देख चुकी थी ये. उसे अब तीन तीन लण्ड को एक साथ शांत करना था !

जेठ जी कि गोद से उतर कर अब निहारिका सोफे पर उनके और ससुर जी के बीच में कुतिया बन गई.

[Image: IMG-20200512-031502.jpg]


" आप गांड़ में डालो देवर जी... चूत कि हालत ख़राब है... बहुत दुख रही है ! ". निहारिका ने पीछे देवर जी को देखते हुए अपना गांड़ बाहर निकाल कर कहा.

आशीष ने भाभी कि गांड़ के छेद पर थूक दिया और उसी थूक को थोड़ा सा अपने लण्ड पर भी लगा लिया, सुपाड़ा खोला , और भाभी कि गांड़ में पेल दिया.

अब निहारिका देवर जी, जेठ जी और ससुर जी, तीनों से बारी बारी से पेलवाने लगी. वो ससुर जी कि गोद में चुदती, फिर Doggy Style में देवर जी से लगवाती, फिर जेठ जी कि गोद में जा बैठती. वो हर किसी को एक बार में करीब एक मिनट तक चोदने देती और फिर दूसरे कि बारी होती, ताकि चुदाई का Flow बना रहे और किसी को भी ज़्यादा देर तक वेट ना करना पड़े उसकी चूत या चूतड़ के लिये !!!

20 मिनट तक यही सिलसिलेवार चोदा चोदी चलती रही.

इस वक़्त निहारिका ससुर जी कि गोद में थी. अचानक ससुर जी उसे अपनी बाहों में भर कर खड़े हो गयें और बहु को खड़े खड़े गोद में लिये चोदने लगें... निहारिका समझ गई कि उनकी पिचकारी निकलने वाली है !

निहारिका ने ससुर जी कि कमर पे अपनी टांगें लपेट दी और उन्हें कस कर पकड़ लिया. ससुर जी के पैर लड़खड़ाये और उनके लण्ड ने अपनी बहु कि चूत को वीर्य से भर दिया !

" निहारिका... आआह्ह्ह्हह... ज़ल्दी आओ... मेरा लण्ड !!! ". तभी सोफे पर बैठे जेठ जी ने अपने लण्ड का सुपाड़ा अपनी मुट्ठी में भीचते हुए कहा.

निहारिका समझ गई कि जेठ जी का भी माल गिरने वाला है. वो झट से ससुर जी कि गोद से उतरी और उन्हें झड़ता हुआ छोड़ कर जेठ जी कि गोद में जा बैठी !!! बेचारे ससुर जी का लण्ड तो अभी ठीक से झड़ा भी नहीं था, सो वो बाकि का माल मूठ मार कर वहीं पड़ी पेशाब से भरी बाल्टी में गिराने लगें !

इधर निहारिका अभी जेठ जी कि गोद में बैठ कर तीन चार बार ही उछली थी कि उनका बदन सख्त पड़ गया और उनका लण्ड उसकी बूर में मलाई फेंकने लगा.

" भाभी... मैं भी... आअह्ह्ह्हह भाभी ! ". इस बीच आशीष भी झड़ने कि कगार पर पहुंच गया.

" ज़ल्दी आओ... चोदो ! ". निहारिका जेठ जी को झड़ते हुए बीच मजधार में नहीं छोड़ सकती थी, सो उसने जेठ जी कि गोद से उठे बिना ही देवर जी को अपनी गांड़ कि ओर इशारा करते हुए कहा .

आशीष पीछे से अपनी भाभी कि गांड़ पर चढ़ कर उसे चोदने लगा. नीचे पड़े जेठ जी अभी भी निहारिका कि चूत में झड़ रहें थें. 10 - 12 ताबड़तोड़ धक्को के बाद आशीष ने अपनी भाभी कि गांड़ में लण्ड से उल्टी कर दी. निहारिका जेठ जी पर निढ़ाल होकर गिर गई और आशीष निहारिका पर !!!

[Image: IMG-20200512-031527.jpg]

5 मिनट बाद आशीष निहारिका से अलग हुआ तो वो भी जेठ जी कि गोद से उठ गई और सोफे पर बैठ गई. उसका भी पानी गिर गया था, जो कि जेठ जी के लण्ड और जांघों पर, नीचे ज़मीन पर और सोफे पर बीछी चादर पर फ़ैल गया था. निहारिका सोफे पर जेठ जी और आशीष के साथ पड़ी रही और उधर ससुर जी पलंग पर लुढक गयें थें ! ..................................

" 4 : 45 हो रहें हैं... उनके आने का टाईम हो गया है. उससे पहले मैं थोड़ी देर सोना चाहती हूं ताकि Fresh दिखूं . ". थोड़ी देर वैसे ही पड़े रहने के बाद निहारिका ने कहा. " आपलोग और एक एक बार ज़ल्दी से चोद लीजिये ! ".

सोफे कि चादर चूत और लौड़ों के रस से गीली हो चुकी थी, अब उसपर बैठने लायक नहीं था. निहारिका उठी तो उसे पता चला कि चोदने के दौरान उसकी करधनी भी टूट गई थी जो कि अब उसकी कमर से नीचे झूल रही थी और बस एक दो धागों पर ही टिकी हुई थी .

निहारिका Dressing Table पर से Ponds Cream का डिब्बा ले आई. उसने ढ़ेर सारा क्रीम लेकर अपनी चूत में लगा लिया और फिर घर के मर्दों को देती हुई बोली.

" इसे लण्ड पर लगा लीजिये... माल गिरने में आसानी होगी. "

तीनों मर्द अपने अपने लण्ड पर Ponds Cream मलने लगें.

चोदने के लिये अब कोई जगह नहीं बची थी, ना सोफा ना पलंग. निहारिका ज़मीन पर पड़ी पेशाब से भरी बाल्टी के ऊपर अपनी टांगें फैला कर गांड़ पीछे उठा कर खड़ी हो गई. सबसे पहले ससुर जी आएं और उसकी कमर पकड़ कर 5 - 6 मिनट तक उसकी Ponds लगी हुई चूत मारी, फिर लण्ड बाहर निकाल लिया. बड़ी मुश्किल से उनके लण्ड से कुछ एक बूंद वीर्य निकला जो वो बाल्टी में गिरा कर वापस पलंग पर लेट गयें. फिर आशीष और जेठ जी ने बारी बारी से घर की बहुरानी की Standing Doggy चुदाई की. उनका भी ज़्यादा माल नहीं निकला, जितना भी निकला, उन्होंने भी बाल्टी में ही गिरा दिया. अब तक की पेलम पेली में बेचारी निहारिका की करधनी पूरी टूट गई और उसी बाल्टी में गिर गई !!!

निहारिका ने तीनों मर्दों को शांत करने के लिये उन्हें अपनी चूची से दूध पिलाया. तीनों का लण्ड मुर्झा कर सूख कर ढीला लटक रहा था !

[Image: IMG-20200512-031426.jpg]


" Sorry बहु... तुम्हारी पवित्र करधनी टूट गई ! " . ससुर जी ने निहारिका की कमर सहलाते हुए कहा

" कोई नहीं बाबू जी... इस बार मायके जाउंगी तो मम्मी को बोल कर नई बनवा लूंगी. ". निहारिका ने कहा. " अब आपलोग जाईये... घर साफ करके नहाना भी है मुझे. "

ससुर जी, जेठ जी और देवर जी ने निहारिका को Kiss किया और वहाँ से चलते बनें.

उनके जाने के बाद निहारिका ने सबसे पहले सोफे पर बिछी चादर उठा ली और उससे कमरे में जहाँ जहाँ भी वीर्य या फिर चूत का पानी गिरा हुआ था उसे अच्छे से रगड़ रगड़ कर पोछा , फिर वो चादर, अपनी नाईटी और पैंटी उस पेशाब और माल से भरी बाल्टी में डाल कर बाथरूम चली गई. नहा धोकर साफ सुथरी होकर वापस कमरे में आकर निहारिका ने एक अच्छी सी साड़ी पहन ली, कमरे में Room Freshner से स्प्रे किया, पलंग पर नई चादर बिछाई, और सो गई !
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RE: मनमोहक गंदी कहानियाँ... RoccoSam - by usaiha2 - 16-07-2021, 01:48 PM



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