14-07-2021, 04:49 PM
उनके शब्दों में बदमाशों, भाड़े के सैनिकों आदि शब्दों को आम किया गया था। शशांक को शुरू में एक महिला की बातें सुनकर अजीब लगा, लेकिन अब उसे इसकी आदत हो गई। इसके उलट उन्हें यह भी शक था कि शिल्पा भाभी हमारे सामने कुछ अच्छे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इससे गंदी शाप दे सकती हैं ।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.


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