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Non-erotic अंतिम इच्छा
#23
प्रत्यक्ष में ‘नहीं’ कह मैं मन ही मन ‘ फ़ैज़ ‘ को बुदबुदाया “और भी दुःख है जमाने में मोहब्बत के सिवा”
लड़की ने जैसे सुन लिया “क्या दुःख है तुम्हे?”
“दुःख तो ये है कि कोई दुःख नहीं”
“जितना सोचते हो, उतना लिखते क्यूं नहीं?”
सब लिखा जा चुका है। पीला कुर्ता, धानी दुपट्टा, बड़ा चेहरा और छोटी आंख।।।
और?
“आख़िरी प्रेम।”
“आख़िरी प्रेम?”
“हाँ, आख़िरी प्रेम।”
लड़की को बेचैनी होने लगती है, प्रेम भी कभी पहला, दूसरा या आखिरी हुआ है? प्रेम तो एक निर्बाध दरिया है जो निरंतर बहता रहता है।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
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Messages In This Thread
अंतिम इच्छा - by neerathemall - 19-11-2020, 04:34 PM
RE: अंतिम इच्छा - by neerathemall - 19-11-2020, 04:44 PM
RE: अंतिम इच्छा - by bhavna - 19-11-2020, 11:46 PM



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