13-11-2020, 12:35 PM
मैंने अपना लण्ड उनके चूत पे रखा और धक्का दिया, पूरा लण्ड उनके बूर में समा गया भाभी आअह आआह आआह आआह ओह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह की आवाज निकल रही थी और मैंने चोदे जा रहा था, वो भी गांड उठा उठा के चुदवा रही थी और मैं चोदे जा रहा था, फिर क्या था करीब एक घंटे तक हम दोनों ने एक दूसरे को संतुष्ट किया, शाम होने लगी फिर हम दोनों चोद के और चुदवा के उठे, फिर लड़ी लगाई, और फिर मैं पटाखे लेके आया और बारह बजे रात तक पटाखे छोड़े, फिर चुदाई की, करीब ५ बजे गए थे उन्ही के घर सो गया एक दूसरे को पकड़ के, दिन में करीब बारह बजे उठे फिर मैंने अपने फ्लैट में आये और नहा धोकर मैंने ये कहानी आपके साथ शेयर कर रहा हु, कहानी लिखते लिखे मेरे पास दो बार फ़ोन आ गया की आज रात को दोनों बहार चलेंगे खाना खाने और आज फिर एन्जॉय करेंगे क्यों की हो सकता है कल मेरे पति आ जायेगे,
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
