13-11-2020, 12:29 PM
सिसक सिसक कर गर्म गर्म सांसे छोड़ने लगी। मैंने उनकी नाइटी उतार दी। ब्रा निकाल के मम्मे को आजाद कर दिया। अब मैंने पूरा शरीर देखने लगा। फिर मैंने भाभी की पैंटी उतार दी। पैंटी उतारते ही मुझे भाभी के चूत के दर्शन हो गए।
मैंने अपना पैजामा निकाल दिया। लंड को निकल लिया। वो मेरे लंड को देखते ही पागल हो गयी। बोली मुठ मार के कितना बड़ा कर लिया है।मैंने अपना लंड भाभी के सामने करके भाभी से चुसवाने लगा। भाभी मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। अब तक वो झड़ के चूत गीली कर ली थी। चूत से पानी बहकर बाहर आ रहा था। मैंने भाभी की चूत का सारा पानी चाट लिया। भाभी की चूत को चाटते में बहुत मजा आ रहा था। मैं भाभी की चूत को अच्छे से पी रहा था। भाभी के चूत के काले दाने को बीच बीच में काट रहा था। भाभी सी… सी… सी… करके। भाभी कहने लगी- “ ओम प्रकाश भाई! अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है. सी सी सी सी….प्लीस जल्दी से मेरी चुद्दी [चूत] में लंड डाल दो और जल्दी से चोदो!!”
मैंने अपना पैजामा निकाल दिया। लंड को निकल लिया। वो मेरे लंड को देखते ही पागल हो गयी। बोली मुठ मार के कितना बड़ा कर लिया है।मैंने अपना लंड भाभी के सामने करके भाभी से चुसवाने लगा। भाभी मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। अब तक वो झड़ के चूत गीली कर ली थी। चूत से पानी बहकर बाहर आ रहा था। मैंने भाभी की चूत का सारा पानी चाट लिया। भाभी की चूत को चाटते में बहुत मजा आ रहा था। मैं भाभी की चूत को अच्छे से पी रहा था। भाभी के चूत के काले दाने को बीच बीच में काट रहा था। भाभी सी… सी… सी… करके। भाभी कहने लगी- “ ओम प्रकाश भाई! अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है. सी सी सी सी….प्लीस जल्दी से मेरी चुद्दी [चूत] में लंड डाल दो और जल्दी से चोदो!!”
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
