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जिनके उपन्यास पाकिस्तान में ही नहीं भारत में भी ब्लैक में बिका करते थे
#24
शायद इसीलिए इब्ने सफी ने अपनी खलनायकों पर बहुत मेहनत की. उन्होंने खलनायक डॉ. नारंग, हकीम आर्सेलानोस, अल्बोंसे, डॉक्टर दोयेगो, गेराल्ड शास्त्री और मशहूर खलनायिका थ्रेसिया जैसे अनेक किरदार गढ़े. ये सारे मुजरिम प्रतिभाशाली भी हैं और विश्वासघाती भी. ये कहानी में दोस्त बनकर भी आते हैं और कभी-कभी तो ऐसे आते हैं कि जब तक आप पर ये राज खुले कि वो खलनायक हैं, वो आपके दिल में बस चुके होते हैं.

जाहिर है ऐसा कर के इब्ने सफी बड़ी बेदर्दी से आपका दिल तोड़ बैठते हैं और एक मुद्दत के लिए उनका कथानक आपको परेशान करता रहता है.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
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RE: जिनके उपन्यास पाकिस्तान में ही नहीं भारत में भी ब्लैक में बिका करते थे - by neerathemall - 06-08-2020, 12:25 PM



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