29-07-2020, 05:50 PM
में बाथरूम में आई और गेट बंद करके साड़ी को ऊपर करके कमोड पर बैठ गयी मूतने और सोचने लगी कि ऐसा क्या करूँ जो मुझे मज़ा भी आये और अमित को लगे कि मेने उसके दबाव में आकर किया है तभी दिमाग मे एक आईडिया आया और उस पर काम कैसे करना है सोचने लगी ,
जब सारी चीज सोच ली तो मूतकर चुत को पानी से धोया और कमरे में आकर एक नई पेंटी पहन कर बाहर आई।
बाहर आकर देखा कि अमित दिनु काका से बात कर रहा है जैसे ही मेने बाहर कदम रखा वो चुप हो गया औऱ नीचे से उठकर सोफे पर बेठ गया
मैं बाहर पहुंचते ही दिनु काका के पास गई और उनको सॉरी बोला ,
पर ये क्या दिनु काका तो उल्टा मुझे ही सॉरी बोलकर उठने लगे।
तभी अमित बोला ,-अरे काका क्या हुआ
दिनु काका ,--बस हो गया अमित बाबू, मेमसाहब को दर्द ठीक हो गया अब ये आप लोगों का बड़प्पन है कि मुझे सिर्फ धक्का ही खाने को मिला वरना आप लोग लात से मारकर भी सॉरी बोल देते
अमित ,--पर दिनु काका आप ने कहा कि रेखा आप की बेटी जैसी है
दिनु काका ,-- अरे बाबू हम गरीब लोग की क्या औकात की हम अपनी उम्र की लड़की को बेटी बोलें आप बड़े लोगों की बात अलग है आप लोगों की नजर में उम्र कोई मायने रखती है
तभी में आगे बढ़ी ओर उनके पैरों में झुक कर सॉरी बोला ,झुकने से मेरा पल्लू नीचे गिर गया जिससे मेरे ब्लाउज में से बूब्स बाहर निकलने को हो गए ।जब काका की नजर मेरे उन्नत उभारों पर गयी तो वो कुछ देर निहारने के बाद अपने दोनों हाथ मेरी आर्मपिट के नीचे रखकर मुझे खड़ा किया
और बोले ,--बेटी में इस लायक नही की तुम इस तरह से मेरे सामने झुको ,हम गरीब लोग तो तो बस अगर प्यार से दो शब्द बोल दो वही काफी है
में ,--काका में बहुत शर्मिंदा हूँ अपने किये पर,
मुझे तो आप को धन्यवाद कहना चाहिये था उल्टा धक्का मार दिया ,आप को मालिस के पैसे अमित दे देगा।
दिनु काका,-- हां बेटी ,लगा दो हमारी कीमत आखिर गरीब लोग तो हमेशा ही बिकते रहते हैं
तभी अमित बीच मे बोल पड़ता है ,--अरे काका आप भी कैसी बातें करने लगे भला आप को ऐसा क्यों लगा
दिनु ,--तो और क्या बोलू बाबू मेने आज तक किसी से मोच निकाल कर पैसे नही लिए आज बहुरानी मुझे पैसे दे रही है
अमित ,--उसकी तरफ से में माफी मांग लेता हूँ प्लीज् आप उसकी बात का बुरा मत मानिए बैठिए आप को चाय पीकर जाना पड़ेगा
अमित के बोलते ही में किचन की और जाने लगी तो अमित ने दिनु काका को सोफे पर बैठने की लिए कहा पर वो नीचे ही बैठ गए अमित किचन में आया और बोला कि तुम उनको सॉरी बोलने गयी थी या उनको चिढ़ाने ।
में ,--पर में क्या करूँ मेने सोचा था कि कुछ पैसे मिलेंगे तो वो खुश हो जाएंगे
अमित ,--उनको पैसे की जरूरत नही तुम्हारे जैसी मस्त आइटम के शरीर को देखने और महसूस करने की जरूरत है।
में ,--अगर इसी में तुम दोनों को मज़ा मिलता है तो बोलो नंगी होकर चाय ले आऊं
अमित ,--ऐसा कुछ नही करना में उनको मसाज के लिए बोलूंगा तुम नखरे मत करना बस वो खुश हो जाएगा देखना
ये बोलकर वो बाहर चला गया फिर मेने भी अपने ब्लाउज का ऊपर का बटन खोला और चाय ट्रे में लेकर हॉल में आ गयी इस बार उनके नीचे बैठने से मुझे ज्यादा झुकना पड़ा और साड़ी का पल्लू बिना गिरे ही उनको मेरी छातियों का भरपूर दर्शन करवाया फिर में भी अमित के साथ बैठकर चाय पीने लगी
तभी अमित बोला ,--दिनु काका आप अब भी नाराज है क्या हम से
दिनु ,--नही अमित बाबू बस थॉडी देर के लिए बुरा लगा था अब मेमसाहब ने माफी मांग ली और अपने हाथों से बनाकर इस गरीब आदमी को चाय पिला दी तो अब किस बात की नाराजगी।
अमित ,--काका मेने सुना है आप मसाज बहुत अच्छी करते है क्या आप रेखा की मसाज कर देंगे
दीनु ,--आप मेमसाहब से पूछ लीजिये पिछली बार धक्का दिया था कही इस बार लात मारकर ना भगा दे और वो हंसने लगे
अमित ,--अरे उसको गलतफहमी हो गया था अब ऐसा कुछ नही होगा क्यों रेखा
में ,--हम्म वो में समझ नही पाई और फिर जब समझ मे आया तो माफी भी मांग ली
अमित ,--तुमको मसाज करवानी है क्या
में ,--पर मुझे शरम आएगी अगर काका आंखों पर पट्टी बांधकर मसाज कर सकते है तो करवा लुंगी
अमित ,--आंखों पर पट्टी बांधकर कैसे होगी क्यो दिनु काका
दिनु ,-- हो जाएगी पर बिना तेल से करनी होगी अगर बिना तेल करवानी है तो बोलिये।
अमित ,--एक बार देख लो मसाज से पूरा शरीर खुल जाता है तुमको अच्छा लगे तो दुबारा करवा लेना नही तो कम से कम दिनु काका के बारे में जो लोग बोलते है वो कितना सही है वो भी पता चल जाएगा
फिर तीनो ने चाय पिया और अमित बोला ,--काका कहां करेंगे मसाज तो दिनु काका बोला पहले में हाथ और पीठ की कर देता हूँ तो मेमसाहब साहब को एक कुर्सी पर बिठा दीजिये अगर उसके बाद मेमसाहब को अच्छा लगा तो पैरों और बाकी जगह सुलाकर करनी पड़ेगी ।
मुझे तो ये सुनकर बहुत रोमांच महसूस हो रहा था कि अमित के सामने उसकी बीबी किसी बूढ़े से अपना कमसिन बदन मसलवायेगी और पहली बार जिंदगी में किसी पुरुष का हाथ से इस शरीर की मसाज होगी ।इसलिए मेरी धड़कन बढ़ चुकी थी ।तभी में अमित को बोली कि मेरा दुपटटा लेकर काका की आंखों पर बांध दो नही तो वो साड़ी के ऊपर से ही मसाज कर दे
दिनु काका ,--अरे बहुरानी साड़ी के ऊपर से मसाज कैसे होगी आपको ब्लाउज और पेटीकोट भी उतारना पड़ेगा नही तो में मसाज नही कर पाऊंगा फिर अमित बाबू और आप बोलेंगी की दिनु अपने मुंह मिठू मियां बनकर घूमते है आप को मेरे सामने अगर ब्रा पेंटी में शर्म आती है तो मेरी आँखों पर पट्टी बंधी रहेगी।
अमित जो हमारी बातें सुन रहा था अपने पेंट के ऊपर से लण्ड को एडजस्ट करता है और बोलता है ,--अरे काका आप को बेस्ट मसाज देनी है कि रेखा सारे स्पा भूल जाये , में अभी रेखा का कोई दुपट्टा लेकर आता हूँ
और फिर वो उठकर बेडरूम में चला जाता है और दिनु काका पास में पड़ी स्टूल लेकर आता है और बोलता है बहुरानी आप इस पर बैठ जाइए। में सोफे से उठकर अपनी गांड टिकाकर बैठ जाती हूँ
अमित मेरे रूम से दुपट्टा लेकर आता है और दिनु काका की आंखों पर बांध देता है फिर वो मेरी साड़ी खोलने को बोलता है तो दिनु काका मना कर देता है की पहले हाथ की मालिश कर देता हूँ फिर जब जैसे जरूरत होगी तो वो बता देगा।
अमित सामने जाकर सोफे पर बैठ जाता है और अपनी पेंट को उतारकर घुटनो तक ले आता है फिर अंडर वियर को भी नीचे खींच लेता है उसका लण्ड स्प्रिंग की तरह झटके से बाहर टकराता है और वो अपने हाथ से लण्ड पकड़कर मुझे आंख मारकर इशारा करता है कि एन्जॉय करो।
उसकी इस हरकत से में हैरान हो जाती हूँ कि कैसा बेशर्म मर्द है जिसकी बीबी एक बूढ़े को मसलने को थमा कर वो लण्ड पकड़ कर बैठा है पर मेरा खुद का दिल जोर से धड़क रहा था कि में अपने पति के सामने थॉडी देर में नंगी होने वाली हूँ और मेरे पापा की उम्र का आदमी मेरे नाजुक शरीर को मसलने वाला है
मेरा उतेजना से बुरा हाल था और में इंतजार कर रही थी कि कब बूढा मेरी जवानी का लुफ्त उठाना चालू करेगा और किस तरह से मेरे नाजुक अंगों से खेलेगा
जब सारी चीज सोच ली तो मूतकर चुत को पानी से धोया और कमरे में आकर एक नई पेंटी पहन कर बाहर आई।
बाहर आकर देखा कि अमित दिनु काका से बात कर रहा है जैसे ही मेने बाहर कदम रखा वो चुप हो गया औऱ नीचे से उठकर सोफे पर बेठ गया
मैं बाहर पहुंचते ही दिनु काका के पास गई और उनको सॉरी बोला ,
पर ये क्या दिनु काका तो उल्टा मुझे ही सॉरी बोलकर उठने लगे।
तभी अमित बोला ,-अरे काका क्या हुआ
दिनु काका ,--बस हो गया अमित बाबू, मेमसाहब को दर्द ठीक हो गया अब ये आप लोगों का बड़प्पन है कि मुझे सिर्फ धक्का ही खाने को मिला वरना आप लोग लात से मारकर भी सॉरी बोल देते
अमित ,--पर दिनु काका आप ने कहा कि रेखा आप की बेटी जैसी है
दिनु काका ,-- अरे बाबू हम गरीब लोग की क्या औकात की हम अपनी उम्र की लड़की को बेटी बोलें आप बड़े लोगों की बात अलग है आप लोगों की नजर में उम्र कोई मायने रखती है
तभी में आगे बढ़ी ओर उनके पैरों में झुक कर सॉरी बोला ,झुकने से मेरा पल्लू नीचे गिर गया जिससे मेरे ब्लाउज में से बूब्स बाहर निकलने को हो गए ।जब काका की नजर मेरे उन्नत उभारों पर गयी तो वो कुछ देर निहारने के बाद अपने दोनों हाथ मेरी आर्मपिट के नीचे रखकर मुझे खड़ा किया
और बोले ,--बेटी में इस लायक नही की तुम इस तरह से मेरे सामने झुको ,हम गरीब लोग तो तो बस अगर प्यार से दो शब्द बोल दो वही काफी है
में ,--काका में बहुत शर्मिंदा हूँ अपने किये पर,
मुझे तो आप को धन्यवाद कहना चाहिये था उल्टा धक्का मार दिया ,आप को मालिस के पैसे अमित दे देगा।
दिनु काका,-- हां बेटी ,लगा दो हमारी कीमत आखिर गरीब लोग तो हमेशा ही बिकते रहते हैं
तभी अमित बीच मे बोल पड़ता है ,--अरे काका आप भी कैसी बातें करने लगे भला आप को ऐसा क्यों लगा
दिनु ,--तो और क्या बोलू बाबू मेने आज तक किसी से मोच निकाल कर पैसे नही लिए आज बहुरानी मुझे पैसे दे रही है
अमित ,--उसकी तरफ से में माफी मांग लेता हूँ प्लीज् आप उसकी बात का बुरा मत मानिए बैठिए आप को चाय पीकर जाना पड़ेगा
अमित के बोलते ही में किचन की और जाने लगी तो अमित ने दिनु काका को सोफे पर बैठने की लिए कहा पर वो नीचे ही बैठ गए अमित किचन में आया और बोला कि तुम उनको सॉरी बोलने गयी थी या उनको चिढ़ाने ।
में ,--पर में क्या करूँ मेने सोचा था कि कुछ पैसे मिलेंगे तो वो खुश हो जाएंगे
अमित ,--उनको पैसे की जरूरत नही तुम्हारे जैसी मस्त आइटम के शरीर को देखने और महसूस करने की जरूरत है।
में ,--अगर इसी में तुम दोनों को मज़ा मिलता है तो बोलो नंगी होकर चाय ले आऊं
अमित ,--ऐसा कुछ नही करना में उनको मसाज के लिए बोलूंगा तुम नखरे मत करना बस वो खुश हो जाएगा देखना
ये बोलकर वो बाहर चला गया फिर मेने भी अपने ब्लाउज का ऊपर का बटन खोला और चाय ट्रे में लेकर हॉल में आ गयी इस बार उनके नीचे बैठने से मुझे ज्यादा झुकना पड़ा और साड़ी का पल्लू बिना गिरे ही उनको मेरी छातियों का भरपूर दर्शन करवाया फिर में भी अमित के साथ बैठकर चाय पीने लगी
तभी अमित बोला ,--दिनु काका आप अब भी नाराज है क्या हम से
दिनु ,--नही अमित बाबू बस थॉडी देर के लिए बुरा लगा था अब मेमसाहब ने माफी मांग ली और अपने हाथों से बनाकर इस गरीब आदमी को चाय पिला दी तो अब किस बात की नाराजगी।
अमित ,--काका मेने सुना है आप मसाज बहुत अच्छी करते है क्या आप रेखा की मसाज कर देंगे
दीनु ,--आप मेमसाहब से पूछ लीजिये पिछली बार धक्का दिया था कही इस बार लात मारकर ना भगा दे और वो हंसने लगे
अमित ,--अरे उसको गलतफहमी हो गया था अब ऐसा कुछ नही होगा क्यों रेखा
में ,--हम्म वो में समझ नही पाई और फिर जब समझ मे आया तो माफी भी मांग ली
अमित ,--तुमको मसाज करवानी है क्या
में ,--पर मुझे शरम आएगी अगर काका आंखों पर पट्टी बांधकर मसाज कर सकते है तो करवा लुंगी
अमित ,--आंखों पर पट्टी बांधकर कैसे होगी क्यो दिनु काका
दिनु ,-- हो जाएगी पर बिना तेल से करनी होगी अगर बिना तेल करवानी है तो बोलिये।
अमित ,--एक बार देख लो मसाज से पूरा शरीर खुल जाता है तुमको अच्छा लगे तो दुबारा करवा लेना नही तो कम से कम दिनु काका के बारे में जो लोग बोलते है वो कितना सही है वो भी पता चल जाएगा
फिर तीनो ने चाय पिया और अमित बोला ,--काका कहां करेंगे मसाज तो दिनु काका बोला पहले में हाथ और पीठ की कर देता हूँ तो मेमसाहब साहब को एक कुर्सी पर बिठा दीजिये अगर उसके बाद मेमसाहब को अच्छा लगा तो पैरों और बाकी जगह सुलाकर करनी पड़ेगी ।
मुझे तो ये सुनकर बहुत रोमांच महसूस हो रहा था कि अमित के सामने उसकी बीबी किसी बूढ़े से अपना कमसिन बदन मसलवायेगी और पहली बार जिंदगी में किसी पुरुष का हाथ से इस शरीर की मसाज होगी ।इसलिए मेरी धड़कन बढ़ चुकी थी ।तभी में अमित को बोली कि मेरा दुपटटा लेकर काका की आंखों पर बांध दो नही तो वो साड़ी के ऊपर से ही मसाज कर दे
दिनु काका ,--अरे बहुरानी साड़ी के ऊपर से मसाज कैसे होगी आपको ब्लाउज और पेटीकोट भी उतारना पड़ेगा नही तो में मसाज नही कर पाऊंगा फिर अमित बाबू और आप बोलेंगी की दिनु अपने मुंह मिठू मियां बनकर घूमते है आप को मेरे सामने अगर ब्रा पेंटी में शर्म आती है तो मेरी आँखों पर पट्टी बंधी रहेगी।
अमित जो हमारी बातें सुन रहा था अपने पेंट के ऊपर से लण्ड को एडजस्ट करता है और बोलता है ,--अरे काका आप को बेस्ट मसाज देनी है कि रेखा सारे स्पा भूल जाये , में अभी रेखा का कोई दुपट्टा लेकर आता हूँ
और फिर वो उठकर बेडरूम में चला जाता है और दिनु काका पास में पड़ी स्टूल लेकर आता है और बोलता है बहुरानी आप इस पर बैठ जाइए। में सोफे से उठकर अपनी गांड टिकाकर बैठ जाती हूँ
अमित मेरे रूम से दुपट्टा लेकर आता है और दिनु काका की आंखों पर बांध देता है फिर वो मेरी साड़ी खोलने को बोलता है तो दिनु काका मना कर देता है की पहले हाथ की मालिश कर देता हूँ फिर जब जैसे जरूरत होगी तो वो बता देगा।
अमित सामने जाकर सोफे पर बैठ जाता है और अपनी पेंट को उतारकर घुटनो तक ले आता है फिर अंडर वियर को भी नीचे खींच लेता है उसका लण्ड स्प्रिंग की तरह झटके से बाहर टकराता है और वो अपने हाथ से लण्ड पकड़कर मुझे आंख मारकर इशारा करता है कि एन्जॉय करो।
उसकी इस हरकत से में हैरान हो जाती हूँ कि कैसा बेशर्म मर्द है जिसकी बीबी एक बूढ़े को मसलने को थमा कर वो लण्ड पकड़ कर बैठा है पर मेरा खुद का दिल जोर से धड़क रहा था कि में अपने पति के सामने थॉडी देर में नंगी होने वाली हूँ और मेरे पापा की उम्र का आदमी मेरे नाजुक शरीर को मसलने वाला है
मेरा उतेजना से बुरा हाल था और में इंतजार कर रही थी कि कब बूढा मेरी जवानी का लुफ्त उठाना चालू करेगा और किस तरह से मेरे नाजुक अंगों से खेलेगा