11-05-2020, 11:23 PM
(11-05-2020, 08:44 PM)Bhavana_sonii Wrote: ऊफ्फ एक और उमदा लेख, निहारिका आपकी और सुमन भाभी की ये नौंक झोंक और आपकी नीचे वाली सखी पर सुमन भाभी का हाथ लगाना, शब्दो में बयान करना मुश्किल है।
भावना जी,
शुक्रिया आपका.
यह औरतो कि द्दुनिया है, इसमें अहसास कि अहम भूमिका है, हम औरतो कि खुशिया छोटे - छोटे अहसास ही पूरी कर देते हैं. हमारी पूरी जिन्दगी सबकी सेवा करने मैं निकल जाती हैं, यह आपका अपना अंगन है खुल कर जिओ और अपने अहसास अपनी फीलिंग अपनी पुरानी यादे सब ताजा कर लो .
सुमन भाभी का वो पहेली बार मेरी नीचे वाली पर हाथ का अहसास आज भी याद है , किती कोरी थी - कच्ची थी उस समय उनकी वो उँगलियाँ मेरी लेगिगिंग्स के बीघे भाग पर फिसलती जा रही थी.....
कुछ और इन्तजार जैसे भी समय मिलेगा उप्दतेस देती रहूंगी. अब तो समय नहीं है , आप सब जानती हैं, सांज से ही मेरी नीचे वाली ने टपका रखी है. अब जो करेंगे वो ही करेंगे .........
जल्दी मिलती हूँ ......
इंतज़ार मैं। ........
आपकी निहारिका
सहेलिओं , पाठिकाओं, पनिहारिनों, आओ कुछ अपनी दिल की बातें करें -
लेडीज - गर्ल्स टॉक - निहारिका