01-03-2020, 06:53 PM
(This post was last modified: 17-10-2020, 08:16 PM by sanskari_shikha. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
थोड़ी देर बाद उसका मेसेज आया – “गुड नाइट, सो जाना टाइम से और हाँ भूलना मत बात को कल भी पूछूंगी”
मैने रिप्लाइ करा – ओके डियर, नहीं भूलूंगा चलो गुड नाइट, कल कॉलेज जाना है?
आंशिका रिप्लाइ – हाँ जाना है फ्रॉम 8 ऍम टू 2 पीयेम
मेरा रिप्लाइ – तो बात नहीं हो पाएगी उस बीच?
अंशी”स रिप्लाइ – मुश्किल है, मेसेज से बात करलेंगे ओक
मेरा रिप्लाइ – ओक, गुड नाइट
लोड़ा तो मेरा हमेशा की तरह तना ही हुआ था तो बस खोल ली सेक्स स्टोरीस साइट्स और बीएफ और आंशिका और उसकी छोटी बहन कनिष्का को उन पोर्न स्टार मैं देखता रहा.
नेक्स्ट डे सुबह 8:30 बजे, मैने उसे मेसेज करा
मेरा मेसेज : हाई , गूडमॉर्निंग, वेर आर यू ?
अंश’स रिप्लाइ: गूडमॉर्निंग, गोयिंग कॉलेज ,ऑन दा वे , बड़ी जल्दी उठ गये
मैं हाँ, जल्दी सो गया रात को,
अंश : ओक, मैने तुमसे कल शायद कुछ पूछा था उसका जवाब कब मिलेगा?
मैं हाँ हाँ याद है, आई नो, पर मेसेज पर नहीं दूँगा जवाब, कॉल पर ही दूँगा
अंश: क्यूँ, मेसेज मैं क्या प्राब्लम है?
मैं मुझे भी तो सुनना है तुम्हारा रीएक्शन क्या होगा मेरे आन्सर पर
अंश: ह्म, चलो ठेके है फोन पर ही बता देना
अंश: अछा मैं अब बिज़ी हूँ, बाद मैं बात करते हैं ओक
मैं ह्म, ठीक है बाइ
उस दिन, नून मैं मेरा दोस्त घर आया, बड़ा खुश नज़र आ रहा था, मैने पूछा क्या हुआ भाई इतना खुश क्यूँ है? हू बोला यार बड़े दिनों बाद चूत ली मज़ा आ गया. जब भी कोई मेरा दोस्त मुझे ये बोलता था की उसने लड़की को चोदा है तो मेरी झाँते जल जाती थी क्यूंकी मैं अभी तक वर्जिन था, पर मुझे प्रोस्तितुएस को चोदने का मन भी नहीं था वो सब उन्हे ही चोदते थे ज़्यादातर. मैने उसे पूछा किसे चोद आया? बोला -यार एक हाउसवाइफ थी, बड़ी मस्त उसके यहाँ गये थे मैं और मेरा दोस्त, बड़ी मस्त थी यार. मुझे दूसरों की चुदाई की कहानी सुनने मैं बड़ा आता था तो मैने उसे पूछा बता कैसे चोदा , कैसी थी वो. उसने बताना शुरू किया ----
हम कल रात को 9 बजे उसके घर गये साउथ एक्स मैं, पहले मेरा दोस्त गया उसके साथ रूम मैं उसे चोदने, उसका पति बैठा न्यूज़ देख रहा था और मैं तब तक उनकी 8 साल की बेटी के साथ बाहर खेल रहा था, फिर आधे घंटे बाद मेरा दोस्त बाहर आया और मैं अंदर चला गया. मैने देखा वो बेड पर नंगी पड़ी है और पसीने से तर बतर है, और उसके मोटे मोटे बूब्स उपर नीचे हो रहे हैं, वो ज़ोर ज़ोर के साँस ले रही थी, मैं उसे देख रहा था की उसकी नज़र मेरे उपर पड़ी और बोली – “ साले सिर्फ़ देखेगा क्या? जल्दी से कपड़े उतार और चढ़ जा , बाहर घूमने भी जाना है आज मुझे फॅमिली के साथ जल्दी आ”, तो मैने जल्दी से कपड़े उतरे और उसके पास गया और उसको ज़ोर का किस करा, उसकी साँसे ऑलरेडी गरम थी, 5 मिनट उसको किस करता रहा और उसके बूब्स को दबाता रहा और फिर उसकी नेक को चूमते हुए उसके बूब्स को चूमा और उसके निपल मुँह मैं लेकर काटे, उसने ड्रॉयर मैं से कॉंडम निकल मुझे दिया, मैने कॉंडम चदयया और उसे चोदने लगा, 15 मीं चोदा और मैं झड़ गया.
मैने कहा बस? ये तो यार KLPD है. बस गये और चोद आए. मेरा दोस्त बोला तो क्या पूरी सुहग्रात बनता उसके साथ? मेरी बीवी नहीं है हू. मैने कहा फिर भी यार कुछ मज़े तो करता ये क्या की बस जाओ और झाड़ कर आ जाओ, इससे अछा है की मूठ ही मार लो,
वो बोला सेयेल तूने अभी चूत का सवद चखा नहीं है तो ज़्यादा बकवास मत कर, यह सुनकर मेरी गांड सुलग गयी, पर मैने मन मैं सोचा – “ साले जिस माल को पटाने मैं मैं लगा हूँ अगर वो मान गयी तो मेरी रोज़ दीवाली है और तुम साले प्रोस्तितुएस को ही चोदते रहना ”.
थोड़ी देर बाद मेरा दोस्त चला गया, मैने फिर आंशिका को मेसेज करा – “फ्री हो गयी क्या?” उसने रिप्लाइ करा – “नहीं अभी नहीं, सी यु लेटर, बाइ”.
मैं यही सोच रहा था साली क्या कर रही होगी कॉलेज मैं जो इतनी बिज़ी है, ज़रूर किस स्टूडेंट से चुद रही होगी, और ये सोचकर मैने मूठ मारी उसकी याद मैं.
4 बजे मैने फिर उसको मेसेज करा – “ अब फ्री क्या? या अभी भी बिज़ी?”
5 मीं. बाद उसकी कॉल आई
आंशिका: हेलो, क्या यार पेशियेन्स नहीं है तुम मे? मैने कहा था ना की मेसेज कर दूँगी जब फ्री होंगी.
मैं: ओक सॉरी बाइ
और मैने फोन कट कर दिया, उसने फिर से कॉल करा, मैं कट करता गया. देन उसका मेसेज आया.
अंसिका’स मेसेज – क्या यार तुम तो बुरा मान गये, दोस्त से कुछ बोल भी नहीं सकते अब
मेरा रिप्लाइ [b]– नो सॉरी, इट्स ओक यु डू युवर वर्क, मैं तो फ्री हूँ ना तो परेशन ही करूँगा[/b]
आंशिका’स रिप्लाइ [b]– सॉरी यार, लड़की की तरह नखरे कर रहे हो, मैं अब कॉल कर रही हूँ[/b]
अगर नहीं उठाई तो मैं भी बात नहीं करूँगी. देन उसने कॉल करा, मैने रिसीव कर लिया
आंशिका: हेलो, मिस्टर सडू
मे : हाँ भाई हूँ सडू
आंशिका: अरे सॉरी ना बाबा,तुम तो बहुत जल्दी बुरा मान जाते हो
मे : नहीं ऐसी बात नहीं है
आंशिका: अछा, चलो छोड़ो ये बताओ क्या करा पूरे दिन?
मे : कुछ ख़ास नहीं, बोर होता रहा, दिन मैं दोस्त आया था, उससे बातें करी , देन बाहर घूमने गया. तुम्हारा दिन कैसा रहा?
आंशिका: हाँ ठीक ही था, काम था आज भी
मे : हाँ वो तो मैं जानता ही हूँ की आज ज़्यादा काम था
आंशिका: हहेहहे, बस भी कर यार अब क्या मारेगा , ग़लती हो गयी बस
मे : ह्म्*म्म्म, और बताओ अब क्या करोगी?
आंशिका: कुछ नहीं फिलहाल, हाँ तू मेरको बताने वाला था कुछ
मे : (जानभुजकर अंजान बन कर) अछा! क्या बताने वाला था?
आंशिका: (गुस्सा हो कर) कुछ नहीं, मैं भी अब बात नहीं कर रही जा बाइ
मे : हहहे, अरे बाबा मज़ाक कर रहा था, याद है, तुम्हे उस सवाल का जवाब देना है, की मेर्को तुम 22 साल की क्यूँ लगी
आंशिका: हाँ तो बताओ
मे : मैं तो रीज़न तुम्हारी स्माइल, जैसे किसी बच्चे की होती है,
आंशिका: (साली खुश होते हुए ) अछा जी, मुझे तो नहीं पता थॅंक्स, और बोलो
मैं: और क्या बस
आंशिका: तुमसे कुछ पूछना ही बेकार है
मैं: यार तुम भी ना, फेस पर भी इतनी मेचुरिटी नजर नहीं आई, फेस से ही पता चल रहा था की यु आर फन लविंग पर्सन, तभी तो नंबर लिया तुम्हारा वहाँ
आंशिका : हाँ हू तो है, ई आम फन लविंग, थॅंक्स फॉर कॉंप्लिमेंट्स
मे ; अरे क्या कॉंप्लिमेंट्स यार, मैने सच बोला बस
आंशिका: सो स्वीट ऑफ यु , अछा अब मैं बतौन अब तुम्हारे बारे मैं
मे : या वाइ नोट, एस यौर विश
आंशिका: वेल तुम्हारी हरकतों को देख कर ही पता लग रहा था यु आर नोटी बॉय
मे : अछा जी, इधर उधर देखने मैं ही नोटी हो गया
आंशिका: अछा रहने दो, बस इधर उधर, मैं वहाँ ड्यूटी कर रही थी और सब की निगाहों पर नज़र था मेरी.
(मैं तो डर गया कहीं साली ने देख तो नहीं लिया उसके बूब्स को देखते हुए)
मैं (डरते हुए): क्यूँ क्या करा मैने?
आंशिका: बता दूं?
मे (फटी हुई हालत से): हाँ क्यूँ नहीं
आंशिका : तुम्हारे साइड मैं जो लड़की बैठी थी, जो शॉर्ट टॉप्स पहेंकर आती थी उसको ही घूरते रहते थे तुम
मेरी जान मैं जान आई ये सुनकर. नहीं ऐसे ही नज़र पड़ जाती थी उस पर, सबको देखते हुए
आंशिका (मुझे रोकते हुए): और उसी पर अटक जाती थी नज़र है ना?
(मैने सोचा चलो जब खुद ओपन हो रही है तो क्यूँ ना और ओपन होकर बात करूँ, सो मैं भी शुरू हो गया)
मैं: अब क्या करूँ, लड़कियाँ जब वहाँ भी ऐसे कपड़े पहेंकर आएँगी तो नज़र तो जाईगी ही, रोज़ तो शॉर्ट टॉप्स पहेंकर आती थी
आंशिका: ह्म, ये तो है, अब मिस्टर. का दिल भी तो कंट्रोल मैं कैसे रहे
मैं (फ्लर्ट करते हुए): वैसे सिफ उसी को नहीं देखता था मैं एग्ज़ॅम मैं
आंशिका: अछा जी, और कौन थी ऐसी वहाँ, और तो कोई नहीं थी जो शॉर्ट मैं.
मैं: क्यूँ सिर्फ़ शॉर्ट मैं ही लड़कियाँ सेक्सी लगती है
आंशिका: बोयस को तो वोही पसंद है
मैं: नहीं मैं वैसा नहीं हूँ, कपड़ों मैं भी लड़कियाँ सेक्सी लगती है, अपनी अपनी नज़रों का कमाल है
आंशिका: अछा कौन थी फिर हू खुशनस्सेब जिन्हे आपकी आंकों ने निहारा
मैं (हंसते हुए) थी बस एक
आंशिका: अछा जी मुझसे भी छिपाओगे, सही है दोस्त
मे : अरे यार तुम्हारी ही बात कर रहा हूँ
आंशिका (शरमाते हुए): चुप रहो तुम, मैं मोटी तुम्हे सेक्सी लगती हूँ
मैं: अरे किसने कहा मोटी हो, योउ आर हेल्थी , हू कौनसा वर्ड होता है, याद नहीं आ रहा, हाँ वो वोलुपतुयस वुमन
आंशिका (हंसते हुए और खुश होते हुए): हा हा... वोलुपतुयस वुमन , थॅंक्स कुछ ज़्यादा ही तारीफ़ कर रहो मेरी अब बस भी करो.
मैं: तुम्हारी नहीं करूँ तो किसकी करूँ.
वो कुछ नहीं बोली
मैं: क्या हुआ शर्मा गयी यार तुम तो
आंशिक (विद शाइनेस): नहीं ऐसी बात नहीं
मैं: रहने दो यार, शर्मा गयी तुम तो, यार वांट टू सी यु व्हेन यु आर फीलिंग शाइ, मस्ट बे लुकिंग आसम
आंशिका: अछा.
मैं: और नहीं तो क्या, एक तो वैसे ही किसी यंग लड़की की तरह तुम्हारा फेस है और क्यूट से स्माइल और उपर से ये शाइनेस, यार कहीं प्यार ना हो जाए तुमसे ऐसे तो
आंशिका (शरमाते हुए): डोंट वरी नहीं होने दूँगी
(मैने कौनसा तेरे से प्यार करना है बस चूत चाहिए)
मैं: ह्म, देखते हैं क्या होता है
आंशिका: ओक, अछा सुनो कल रात को बात नहीं हो पाएगी
मैं: क्यूँ?
आंशिका: हू मेरी फ्रेंड है कॉलेज मैं, उसकी कल मॅरेज है, सो वहाँ जाउंगी मैं
मैं: ओक, चलो उसको कोन्ग्रट्स कर देना मेरी तरफ से भी ओक
आंशिका: ओक, और बताओ
मैं: बस कुछ नहीं, तुम बताओ कुछ ,मैने इतना बताया तुम्हारे बारे मैं
आंशिका: ह्म, मैं इतना नहीं जानती तुम्हारी बारे मैं क्यूंकी मैं तुम्हे वहाँ हर वक़्त नहीं निहारती थी, सबको देखना होता था.
मैं: कोई बात नहीं तो अब देख लो
आंशिका: अब देख लूँ कैसे?
मैं: आई मीन तो से की, यार मिलते हैं बाहर कहीं,घूमने चलते हैं या फिर मूवी, घर मैं बोर होता रहता हूँ मैं
आंशिका: हाँ ये तो सही है, बोर तो मैं भी होती हूँ
मैं: तो बोलो कहाँ चलना है?
आंशिका: परसों कहीं चलते हैं, बोलो मूवी देक्कने चलें या सिर्फ़ घूमने?
मैं: कुछ भी चलेगा यार
आंशिका: मूवी चलते हैं, बड़े टाइम से नहीं देखी.
मैं: ओक, तुम मूवी सेलेक्ट करके बता देना और सिनिमा हॉल आंड टाइम भी, वहीं चलेंगे ओक
आंशिका: 6 से 9 का ही देख पाएँगे क्यूंकी उससे पहले कॉलेज यो नो
(मैं भी तो यही चाहता था की स्या तो 9 से 12 या फॉर 6 से 9 लवर्स टाइम, हहेहे)
मैं: नो प्रॉब्लम्स डियर, तुम कहो तो 9 से 12 का भी चल लूँगा
आंशिका: नहीं 9 से 12 नहीं हू तो बहुत लत एहो जाएगो, 6 से 9 ही सही है
मैं: ओक ठीक है, पर लास्ट टाइम पर नो बहाना की नहीं आ सकती या कोई काम है, मैं गुस्सा हो जौंगा फिर से
आंशिका: ओक मिस्टर. सादु, पक्का आउंगी ओक
मैं: ठीक है मैं तुम्हे 5 बजे पिक कर लूँगा कॉलेज से ओक?
आंशिका: नहीं कॉलेज पर मत आना, कॉलेज के पास स्टॅंड है ना. वहाँ आना.
मैं: क्यूँ दर लग रहा है की कॉलेज मैं कोई कुछ और सोचेगा
आंशिका: हाँ यही समझ लो
मैं: ओक, बस स्टॅंड पर आ जाऊँगा ओक
आंशिका: मिस्टर, टाइम देखा है, हमे 2 घंटे हो गये बात करते हुए, इट्स 7 ओ’ क्लॉक नाउ, चलो मैं अब खाना बनाना जेया रही हूँ, ओक बाइ
मैं: ओक बाइ
आंशिका: बाइ एड थॅंक्स
मैं थॅंक्स किसलिए?
आंशिका: मैने अपनी इतनी तारीफ़ कभी नहीं सुनी एक बार मैं.
मैं: नो नीड टू से थॅंक्स योउ वोलुपतुयस वुमन
आंशिका (ज़ोर से हंसते हुए): हेहहहे, चलो बाइ, नॉटी बॉय, टाइम से सो जाना
मेरे तो हर कॉल के बाद मज़े आते जा रहे थे, साली धीरी धीरे ट्रॅक पर आ रही थी, उसको चोदने की चाहत मेरी बेचनी बदती जा रही थी की मैं बात नहीं सकता था, उसकी वजह से मेर्को दिन मैं 3 या 4 बार मूठ मारना पड़ता था, बस यही सोचता रहता था की साली की चूत कब मिलेगी