04-02-2020, 04:29 PM
मैंने दीदी से प्रॉमिस किया की मैं ये सब कभी किसी को नहीं बताऊंगा ओर फिर हम दोनों उठे ओर दीदी ने मुझे से कहा चलो बात लेते हे ओर फिर हम दोनों बाथरूम मैं चले गये. मैं अभी भी नंगा था ओर अब दीदी निब ही ब्रा निकल दी थी ओर अब वो भी बिलकुल नंगी थी. दीदी की बड़ी बड़ी चुचियां मेरे सामने झूल रही थी मैंने दीदी से कहा मुझे आप का दूध पीना हे तो दीदी ने एक चूची को मेरे मुंह में दे दिया ओर मैं दीदी का डड पीने लगा ओर दूसरी चूची को हल्के हल्के दबाने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था ओर मेरा लंड फिर से कड़ा हो गया
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
