04-02-2020, 04:27 PM
र फिर कुछ दिन ऐसे ही निकल गये ओर फिर एक दिन रात को मेरा लंड कड़ा हो गया ओर पता नहीं मुझे कैसे जगह आ गये तो मैंने देखा दीदी की नाइटी घुटनों से ऊपर आई हुई थी मैंने उठ कर दीदी के करीब गया ओर धीरे से नाइटी को ऊपर करने लगा ओर कुछ ही देर के बाद मुझे दीदी की चुत दिखने लगी. मुझे पता नहीं क्या हुआ मैंने अपनी एक उंगली चुत पर रखी ओट सहलाने लगा ओर चुत को खोल कर देखने लगा. फिर एक उंगली चुत में डालने लगा तो दीदी को जगह आ गये ओर दीदी ने कहा क्या कर रहे हो तो मैंने कहा दीदी मैं चुत के अंदर देख रहा था ओर फिर मैंने दीदी से रिकवेस्ट करने लगा की प्लीज़ मुझे एक बार अंदर डालने दो. पर दीदी नहीं मानी ओर मेरे मुंह से निकल गया फिर ठीक हे मैं कल सुबह ही अपने घर चला जाता हूँ मेरे घर पर सब मेरी बात मानते हे. दीदी भी मुझे से बहुत प्यार करती थी इस लिए ये सुन कर उन की आंखों से आँसू निकल आए
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
