07-02-2019, 01:18 AM
क्या आप ऐसा सामान्य रूप समीरा से करते हैं?" उसने जिस अन्दाज में बात की, उसने कमोत्तेजना के आन्नद को भंग कर दिया l
संतोषजनक चूषण सत्रावसान के बाद समीर ने बेचैन हो ब्रा हुक को जल्द बाजीमें नोच डाला l
वह उसकी आँखों में चमकदार उम्मीदों की किरणों को देख सकता था जब वह उसके
नग्न स्तनों पर झुक रहा था. l उसके हाथ उसके शरीर के बीच से फ़र्श पर उसके नितम्बों को जकड़ रहे थे l
जबकि उसका मुंह उसके बाएं स्तन पर आ चुका था. वह जानबूझकर अपने नाखूनों से उसके नरम मुलायम नितम्बो पर निशान बना रहा था l
जबकि उसकी उभरे हुए स्तन उसके मुंह की गिरफ्त में थे lवह जल्दी से कभी
बाएँ स्तन को तो कभी दायें स्तन को चूस रहा था l और कभी कभी धीरे से उसकी निपल्स काट भी ले रहा था
. वह हर बार जब वह सिसकारी भरती तो क्षण भर के लिये ठहर जाता मानो कि उसे भी तक्लीफ़ हो रही है और पुनः गोलार्द्धों पर जिव्हा की चोटों की बौछार कर देता l
संतोषजनक चूषण सत्रावसान के बाद समीर ने बेचैन हो ब्रा हुक को जल्द बाजीमें नोच डाला l
वह उसकी आँखों में चमकदार उम्मीदों की किरणों को देख सकता था जब वह उसके
नग्न स्तनों पर झुक रहा था. l उसके हाथ उसके शरीर के बीच से फ़र्श पर उसके नितम्बों को जकड़ रहे थे l
जबकि उसका मुंह उसके बाएं स्तन पर आ चुका था. वह जानबूझकर अपने नाखूनों से उसके नरम मुलायम नितम्बो पर निशान बना रहा था l
जबकि उसकी उभरे हुए स्तन उसके मुंह की गिरफ्त में थे lवह जल्दी से कभी
बाएँ स्तन को तो कभी दायें स्तन को चूस रहा था l और कभी कभी धीरे से उसकी निपल्स काट भी ले रहा था
. वह हर बार जब वह सिसकारी भरती तो क्षण भर के लिये ठहर जाता मानो कि उसे भी तक्लीफ़ हो रही है और पुनः गोलार्द्धों पर जिव्हा की चोटों की बौछार कर देता l
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
