24-01-2020, 11:47 AM
(23-01-2020, 12:48 PM)@Raviraaj Wrote: Waaahhhhhh !??
कोमल जी लाजवाब सांस के पिछवाड़े ( दामाद के लिए स्वर्ग का सुख ) का भोग जिस प्रकार लगवाया है कमाल इस से कामुख कुछ हो नहीं सकता,,दिल जीत लिया !!
ये प्रेम और कामुख फ़ुहार आप की अप्रतिम विशेषता है हम कायल है,दीवाने है इस लेखनी के,,,बस समधन का पिछवाड़ा भी बेड पर इस प्रकार ही खुलना चाहिए और आप मैं जानता हूँ अपनी प्रौढा सांस को बहुत प्यार करती है वो तो करेगी ही,जम के हचक हचक के ?? इंतज़ार है ??
@आप को बहुत सारा प्यार ????
(23-01-2020, 12:52 PM)@Raviraaj Wrote: @ बेसब्री से इंतज़ार,,,हमेशा स्वागत आप के प्यार और मस्ती भरे सुनहरे झोकों का,फुआरों का,,@कोमल जी,,एक नई सनसनी ????
वेलकम बैक टू थ्रेड ,
एक बार आपका फिर से स्वागत ,
मेरी पिछली ४ पोस्ट्स , १४ , १६ , १९ , २१ , ... जनवरी ,
लिखने वालों को भी कई बार पढ़ने वालों का इन्तजार करना पड़ता है , वरना अरण्य रोदन सा लगता है।

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