25-01-2019, 11:05 AM
राधा अपने पति का वीर्य किसी दूसरी लड़की की चूत से टपकता हुआ देखकर खुद भी सिसकते हुए अपनी आँखें बंद करके झड़ने लगी। मोहित राधा के झड़ते ही खुद भी उसकी चूत में अपना वीर्य भरने लगा। मोहित का वीर्य राधा की चूत से निकलकर नीचे गिरने लगा। राधा ने जैसे ही आँखें खोली उसकी नजर प्रवीण पर पड़ी... वो राधा की तरफ ही देख रहा था। मैं प्रवीण के ऊपर ही लेटी हुई थी। उसका लण्ड सिकुड़कर मेरी चूत से बाहर आ गया था।
जब मैंने अपनी आँख खोली तो प्रवीण को दूसरी तरफ घूरता हुआ देखकर मैं भी वहीं देखने लगी, और मेरी नजर दूसरी तरफ पड़ते ही मैं हैरान रह गई। मोहित राधा की चूत से अपना लण्ड निकाल रहा था और राधा बिल्कुल नंगी उल्टी लेटी हुई थी।
प्रवीण को यूँ घूरता हुआ देखकर राधा ने अपना सिर झुका दिया।
मैं प्रवीण को गुस्से में देखकर उससे बोली- “क्या देख रहे हो? तुम्हारी पत्नी भी तुम्हारी तरह मजे लूट रही है, अब अगर तुम उसके सामने किसी दूसरी लड़की को चोदोगे तो वो तो बहके ही...” यह कहते हुए मैंने उसके ऊपर से उठते हुए अपना हाथ बढ़ाकर उसके गीले लण्ड को पकड़ लिया और अपने नरम हाथों से सहलाते हुए उसके लण्ड के सुपाड़े पर अपनी जीभ फिराने लगी।
मेरी जाभ का स्पर्श पाते ही प्रवीण सब कुछ भूलकर मेरी चूचियों को सहलाने लगा। मैं उसके सुपाड़े को चाटते हुए उसका पूरा लण्ड अपनी जीभ से साफ करने लगी। प्रवीण के मुँह से सिसकियां निकलने लगी और उसका लण्ड फिर से तनने लगा।
मोहित राधा की चूत से अपना लण्ड निकालकर वहीं पर सीधा लेट गया और अपने साथ राधा को भी लिटा दिया। मोहित राधा के होंठों को चूमते हुए उसके नीचे वाले होंठ को मुँह में लेकर चूसने लगा। राधा भी अपने पति का लण्ड फिर से मेरे मुँह में देखकर गरम हो गई, और अपनी जीभ निकालकर मोहित के मुँह में डाल दी। मोहित उसकी जीभ को जोर-जोर से चाटने लगा।
राधा को जैसे कोई नशा चढ़ गया था वो मोहित के ऊपर चढ़ते हुए उसके पेट पर बैठ गई, और उसके होंठों को चूसते और काटते हुए नीचे होने लगी। राधा के नीचे होते हुए उसकी चूत मोहित के लण्ड पर आ गई। राधा उसके लण्ड पर अपनी चूत को जोर-जोर से रगड़ने लगी। मोहित के लण्ड पर अपनी चूत को रगड़ते हुए राधा के मुँह से जोर की सिसकियां निकलने लगी। राधा ने अपनी एक चूची को मोहित के होंठों पर रख दिया जिसे मोहित अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और राधा हवस में अंधी होकर अपने पति के सामने मोहित के लण्ड पर अपनी चूत रगड़ते हुए अपनी चूचियों को चुसवाने लगी।
मैंने प्रवीण के लण्ड को अपने मुँह में भर लिया था और उसे चूस रही थी। प्रवीण मजे से अपना लण्ड चुसवाते हुए अपनी पत्नी की तरफ देखने लगा। राधा अपनी चूची को मोहित के मुँह से निकालकर नीचे होते होते हुए मोहित के लण्ड को चूमने लगी। राधा मोहित के लण्ड को ऊपर से नीचे तक अपने होंठों से चूमने लगी। मोहित राधा के होंठ अपने लण्ड पर महसूस करके मजे से सिसकने लगा और सिसकते हुए राधा से कहा- “अपनी जीभ निकालकर चाटो। बहुत मजा आयेगा...”
राधा मोहित के लण्ड को चूमते हुए बहुत जोर से हॉफ रही थी। उसने अपनी साँसों को ठीक करते हुए कहा- “यह आपकी गंदगी से भीगा हुआ है मैं इसे कैसे चाट सकती हूँ?”
मोहित ने हँसते हुए राधा से कहा- “वहाँ देखो तुम्हारे पति का रस उसने कैसे चाटकर साफ कर दिया। यह गंदा नहीं होता बल्की बहुत मजेदार होता है। तुम एक बार करके देखो, अगर अच्छा ना लगे तो मत करना...”
राधा ने अपनी जीभ निकाली और मोहित के लण्ड के पास लेजाकर उसके लण्ड पर रखकर थोड़ा सा चाटा और फिर वहाँ से हटा लिया। राधा को मोहित के लण्ड का स्वाद कुछ अजीब सा लगा, मगर वो फिर से अपनी जीभ निकालकर उसका लण्ड चाटने लगी। राधा मोहित के लण्ड को ऊपर से नीचे तक चाटने लगी।
जब मैंने अपनी आँख खोली तो प्रवीण को दूसरी तरफ घूरता हुआ देखकर मैं भी वहीं देखने लगी, और मेरी नजर दूसरी तरफ पड़ते ही मैं हैरान रह गई। मोहित राधा की चूत से अपना लण्ड निकाल रहा था और राधा बिल्कुल नंगी उल्टी लेटी हुई थी।
प्रवीण को यूँ घूरता हुआ देखकर राधा ने अपना सिर झुका दिया।
मैं प्रवीण को गुस्से में देखकर उससे बोली- “क्या देख रहे हो? तुम्हारी पत्नी भी तुम्हारी तरह मजे लूट रही है, अब अगर तुम उसके सामने किसी दूसरी लड़की को चोदोगे तो वो तो बहके ही...” यह कहते हुए मैंने उसके ऊपर से उठते हुए अपना हाथ बढ़ाकर उसके गीले लण्ड को पकड़ लिया और अपने नरम हाथों से सहलाते हुए उसके लण्ड के सुपाड़े पर अपनी जीभ फिराने लगी।
मेरी जाभ का स्पर्श पाते ही प्रवीण सब कुछ भूलकर मेरी चूचियों को सहलाने लगा। मैं उसके सुपाड़े को चाटते हुए उसका पूरा लण्ड अपनी जीभ से साफ करने लगी। प्रवीण के मुँह से सिसकियां निकलने लगी और उसका लण्ड फिर से तनने लगा।
मोहित राधा की चूत से अपना लण्ड निकालकर वहीं पर सीधा लेट गया और अपने साथ राधा को भी लिटा दिया। मोहित राधा के होंठों को चूमते हुए उसके नीचे वाले होंठ को मुँह में लेकर चूसने लगा। राधा भी अपने पति का लण्ड फिर से मेरे मुँह में देखकर गरम हो गई, और अपनी जीभ निकालकर मोहित के मुँह में डाल दी। मोहित उसकी जीभ को जोर-जोर से चाटने लगा।
राधा को जैसे कोई नशा चढ़ गया था वो मोहित के ऊपर चढ़ते हुए उसके पेट पर बैठ गई, और उसके होंठों को चूसते और काटते हुए नीचे होने लगी। राधा के नीचे होते हुए उसकी चूत मोहित के लण्ड पर आ गई। राधा उसके लण्ड पर अपनी चूत को जोर-जोर से रगड़ने लगी। मोहित के लण्ड पर अपनी चूत को रगड़ते हुए राधा के मुँह से जोर की सिसकियां निकलने लगी। राधा ने अपनी एक चूची को मोहित के होंठों पर रख दिया जिसे मोहित अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और राधा हवस में अंधी होकर अपने पति के सामने मोहित के लण्ड पर अपनी चूत रगड़ते हुए अपनी चूचियों को चुसवाने लगी।
मैंने प्रवीण के लण्ड को अपने मुँह में भर लिया था और उसे चूस रही थी। प्रवीण मजे से अपना लण्ड चुसवाते हुए अपनी पत्नी की तरफ देखने लगा। राधा अपनी चूची को मोहित के मुँह से निकालकर नीचे होते होते हुए मोहित के लण्ड को चूमने लगी। राधा मोहित के लण्ड को ऊपर से नीचे तक अपने होंठों से चूमने लगी। मोहित राधा के होंठ अपने लण्ड पर महसूस करके मजे से सिसकने लगा और सिसकते हुए राधा से कहा- “अपनी जीभ निकालकर चाटो। बहुत मजा आयेगा...”
राधा मोहित के लण्ड को चूमते हुए बहुत जोर से हॉफ रही थी। उसने अपनी साँसों को ठीक करते हुए कहा- “यह आपकी गंदगी से भीगा हुआ है मैं इसे कैसे चाट सकती हूँ?”
मोहित ने हँसते हुए राधा से कहा- “वहाँ देखो तुम्हारे पति का रस उसने कैसे चाटकर साफ कर दिया। यह गंदा नहीं होता बल्की बहुत मजेदार होता है। तुम एक बार करके देखो, अगर अच्छा ना लगे तो मत करना...”
राधा ने अपनी जीभ निकाली और मोहित के लण्ड के पास लेजाकर उसके लण्ड पर रखकर थोड़ा सा चाटा और फिर वहाँ से हटा लिया। राधा को मोहित के लण्ड का स्वाद कुछ अजीब सा लगा, मगर वो फिर से अपनी जीभ निकालकर उसका लण्ड चाटने लगी। राधा मोहित के लण्ड को ऊपर से नीचे तक चाटने लगी।